•    माघ मेला, उत्तरकाशी 2025

  • उत्तरकाशी: भटवाड़ी विकासखंड क्षेत्र में 55 से अधिक ग्रामीणों के नाम पर बैंक ऋण लेकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। बैंक से भारी-भरकम रिकवरी नोटिस मिलने के बाद परेशान और आक्रोशित ग्रामीण, विशेषकर महिलाएं, कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी से मिलीं और निष्पक्ष जांच व दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।


    पीड़ितों का कहना है कि उन्हें बिना जानकारी दिए अथवा योजनाओं के नाम पर झांसा देकर उनके दस्तावेजों के आधार पर उत्तरकाशी जिला सहकारी बैंक से लाखों रुपये के लोन (जैसे मौन पालन/बी-कीपिंग आदि) स्वीकृत करवा लिए गए। अब जब बैंक द्वारा बकाया वसूली के नोटिस और एनपीए (NPA) होने की चेतावनी घर पहुंच रही है, तब ग्रामीणों को इस बड़े फर्जीवाड़े का पता चला।


    ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्च स्तरीय जांच कराने और गरीब परिवारों को मानसिक व आर्थिक प्रताड़ना से राहत दिलाने की गुहार लगाई है। प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच का भरोसा दिलाया है।


  • उत्तरकाशी (ब्यूरो)। समुद्र तल से करीब 11 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित विश्व प्रसिद्ध दयारा बुग्याल में 17 अगस्त को पारंपरिक ‘अंढूड़ी उत्सव’ (बटर फेस्टिवल) हर्षोल्लास और भव्यता के साथ मनाया गया।मखमली घास के मैदानों में आयोजित इस अनूठे लोकपर्व में स्थानीय ग्रामीणों के साथ देश-विदेश से पहुंचे पर्यटकों ने दूध, दही, मट्ठा और मक्खन की होली खेलकर उत्सव का आनंद लिया।


    👇🏾 देव आराधना से शुरुआत👇🏾

    परंपरा के अनुसार मां जगदंबा और स्थानीय इष्टदेव सोमेश्वर देवता की विशेष पूजा-अर्चना के बाद 16 अगस्त को देव डोलियों के साथ रैथल, नटीन, बंदराणी और क्यारक गांव के ग्रामीण बुग्याल पहुंचे।
    👇🏾रंगों की जगह दुग्ध उत्पादों की होली👇🏾

    उत्सव का मुख्य आकर्षण मक्खन होली रही। पशुपालकों और ग्रामीणों द्वारा जुटाए गए मक्खन और छाछ से लोगों ने एक-दूसरे को सराबोर कर लोकपरंपरा का निर्वहन किया।
     

    👇🏾लोक संस्कृति का संगम👇🏾

    ढोल-दमाऊं की गूंज पर पर्यटकों और ग्रामीणों ने पारंपरिक रासौ व तांदी नृत्य किया, जिससे पूरा बुग्याल पहाड़ी संस्कृति के रंग में रंग गया।
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    👇🏾 प्रकृति और पशुधन के प्रति आभार👇🏾यह पर्व केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि प्रकृति और मवेशियों की सुरक्षा एवं समृद्धि के प्रति आभार जताने का सदियों पुराना लोक प्रतीक है।
    अध्यक्ष वॉटर फेस्टिवल मेला समिति मनोज राणा ने कहा कि  “अंढूड़ी उत्सव हमारी समृद्ध हिमालयी संस्कृति और प्रकृति से जुड़ाव का महापर्व है। इस बार भी देश-विदेश से पहुंचे मेलार्थियों ने स्थानीय परंपराओं का उत्साहपूर्वक आनंद लिया।”


  • उत्तरकाशी। एक तरफ जहां विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, वहीं जनपद का एक ऐसा गांव भी है जो पिछले 18 वर्षों से अपनी सड़क पर डामर की एक परत तक बिछने का इंतजार कर रहा है। शासन-प्रशासन की लगातार अनदेखी से त्रस्त आकर ग्राम पंचायत ओल्या के ग्रामीणों ने अब लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे कड़ा कदम उठाने का मन बना लिया है—”सड़क नहीं तो वोट नहीं”।


    ग्राम प्रधान एवं उपाध्यक्ष प्रधान संगठन उत्तरकाशी, श्रीमती रेखा भट्ट की अध्यक्षता में आयोजित खुली बैठक में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बैठक में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर साफ चेतावनी दी गई कि यदि लंबित मोटरमार्गों पर तुरंत ठोस कार्रवाई नहीं हुई, तो आगामी विधानसभा चुनाव में पूरा गांव मतदान का पूर्ण बहिष्कार करेगा।
    👇18 साल से बदहाल, गड्ढों में तब्दील ‘जीवनरेखा’👇
    👉स्यालना–कल्याणी मोटरमार्ग: डांग से ओल्या होते हुए मसून तक जाने वाले इस मुख्य मार्ग पर 18 साल से डामरीकरण नहीं हुआ है। मार्ग पूरी तरह खस्ताहाल है, जिससे आए दिन हादसों का डर बना रहता है।
    👉 मरीजों और छात्रों पर मार: जर्जर सड़क के कारण आपातकालीन स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाना चुनौती बन चुका है। स्कूली बच्चे, महिलाएं और किसान रोज़ाना जान जोखिम में डालकर सफर करने को मजबूर हैं।
    👉फाइलों में दबी परियोजनाएं: ओल्या–बल्ला मोटरमार्ग के द्वितीय चरण की स्वीकृति लंबे समय से अटकी है, जबकि जखारी–बल्ला मोटरमार्ग की मांग पर भी कोई सुध नहीं ली जा रही।


    👇आश्वासन नहीं, धरातल पर काम चाहिए: प्रधान रेखा भट्ट👇
    ग्राम प्रधान रेखा भट्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि सड़क गांव के विकास की बुनियादी जरूरत है। किसान अपनी उपज मंडी तक नहीं पहुंचा पा रहे हैं।

    उन्होंने दो टूक कहा:
    > “ग्रामीण अब कोरे आश्वासनों के सहारे नहीं बैठेंगे। मांग पत्र और प्रस्ताव जल्द ही जिलाधिकारी उत्तरकाशी को सौंपा जाएगा। यदि विभागों ने जल्द काम शुरू नहीं कराया, तो गांव में व्यापक धरना-प्रदर्शन होगा और विधानसभा चुनाव का पूर्ण बहिष्कार किया जाएगा, जिसकी सीधी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।”


    ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि उनका यह फैसला किसी दल विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि अपने बुनियादी हक और सुरक्षित आवागमन की लड़ाई के लिए है।

  • उत्तरकाशी (मोरी)।
    मोरी विकासखंड के सीमांत क्षेत्र में वन्यजीवों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। ग्राम पंचायत फिताड़ी निवासी 24 वर्षीय अनुरोध राणा पुत्र सिलदार सिंह राणा पर भालू ने जानलेवा हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के बाद बदहाल सड़क व्यवस्था के चलते ग्रामीणों को घायल युवक को डांडी-कंडी के सहारे अस्पताल ले जाना पड़ा।


    मिली जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह अनुरोध राणा अपने बगीचे की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान बोसनी तोक के समीप घात लगाकर बैठे एक भालू ने उन पर अचानक हमला कर दिया। युवक की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह भालू को भगाकर युवक की जान बचाई।


    👇सड़क बंद होने से बढ़ी परेशानी👇
    ग्राम प्रधान कृष्णा राणा ने बताया कि क्षेत्र का मुख्य सड़क मार्ग बंद होने के कारण एंबुलेंस या अन्य वाहन मौके तक नहीं पहुंच सके। नतीजतन, ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर घायल अनुरोध को डांडी-कंडी पर बैठाया और कई किलोमीटर पैदल चलकर अस्पताल पहुंचाया। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि सड़क बंद रहने से आपातकालीन स्थिति में ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
    👇ग्रामीणों में दहशत, गश्त बढ़ाने की मांग👇
    भालू के इस हमले के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, नियमित गश्त बढ़ाने तथा जंगली जानवरों से ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए त्वरित व आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।

  • राष्ट्रीय राजमार्ग पर ग्राम गेवला (मध्य बंदकोट) के समीप कूड़े के ढेर में लगी आग ने भयानक रूप ले लिया। आग की चपेट में आने से सड़क किनारे स्थित एक मोटरसाइकिल रिपेयरिंग की टिन शेड वाली दुकान पूरी तरह जलकर खाक हो गई। गनीमत यह रही कि इस घटना में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।


    प्राप्त जानकारी के अनुसार,  ग्राम गेवला के पास राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे टिन शेड के बगल में कूड़े में आग लगाई गई थी। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और बगल में स्थित मोटरसाइकिल की दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग इतनी तेजी से फैली कि टिन की बनी दुकान और उसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया।


    यह दुकान ग्राम चिणखोली निवासी श्री गोपाल भट्ट पुत्र श्री महावीर प्रसाद भट्ट की थी। पीड़ित को इस अग्निकांड में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। स्थानीय लोगों की मदद से जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक दुकान पूरी तरह जल चुकी थी। हालांकि, समय रहते सतर्कता बरतने के कारण किसी भी प्रकार की जनहानि या पशुहानि होने से टल गई।


  • नौगांव (उत्तरकाशी):
    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगांव में बुधवार को प्रसव के दौरान एक महिला की स्थिति अत्यंत गंभीर होने पर उसे जिला प्रशासन के सहयोग से हेली एंबुलेंस के जरिए दून अस्पताल, देहरादून के लिए एयरलिफ्ट किया गया।


    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पिपियारा (पोस्ट कुंवा) निवासी 28 वर्षीया अर्चना रावत पुत्री भरत सिंह को जुड़वा बच्चों के प्रसव हेतु नौगांव स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया था। दोपहर लगभग 12:21 बजे महिला ने एक शिशु को जन्म दिया, लेकिन दूसरे शिशु के प्रसव के दौरान अचानक गंभीर चिकित्सीय अवरोध (Obstruction) उत्पन्न हो गया। प्रसूता की बिगड़ती स्थिति और खतरे को देखते हुए तैनात चिकित्सकों ने तुरंत उच्च केंद्र रेफर करने की सलाह दी।


    मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए परिजनों ने मरीज को एयरलिफ्ट कराने का अनुरोध किया। जिला प्रशासन द्वारा त्वरित संज्ञान लेते हुए आपातकालीन हेली एंबुलेंस की व्यवस्था कराई गई। दोपहर 02:27 बजे मरीज को नौगांव चामी हैलीपैड से हेली एंबुलेंस के माध्यम से दून अस्पताल, देहरादून भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) ने पूरे समन्वय में मुख्य भूमिका निभाई।


  • भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के क्रम में चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत 11 अगस्त को अपर जिलाधिकारी/उप जिला निर्वाचन अधिकारी मुक्ता मिश्र की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों और बीएलए-1 (BLA-1) के साथ एक वर्चुअल बैठक आयोजित की गई।
    बैठक के दौरान एडीएम मुक्ता मिश्र ने पुनरीक्षण कार्य की प्रगति और दावों व आपत्तियों की स्थिति पर विस्तृत जानकारी साझा की।


    बैठक के मुख्य बिंदु👇
    👉नोटिस एवं सुनवाई की स्थिति:
       जनपद में कुल 2,24,417 मतदाताओं के सापेक्ष विभिन्न विसंगतियों और अनमैप्ड कैटेगिरी के अंतर्गत 63,717 नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से अब तक 17,559 नोटिसों की सुनवाई पूरी की जा चुकी है।
    👉 बीएलए-2 (BLA-2) की नियुक्ति:
       जनपद के कुल 558 मतदेय स्थलों के सापेक्ष:
       👉 भारतीय जनता पार्टी: 544 बीएलए-2 नियुक्त।
       👉इंडियन नेशनल कांग्रेस: 442 बीएलए-2 नियुक्त।
       👉 बहुजन समाज पार्टी: अब तक कोई बीएलए-2 नियुक्त नहीं।
         (एडीएम ने शेष मतदेय स्थलों पर भी जल्द से जल्द बीएलए-2 नामित करने का अनुरोध किया।)
    👉दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि:
       निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित समयावधि के अनुसार 14 जुलाई से 13 अगस्त तक दावे एवं आपत्तियां प्रस्तुत की जा सकती हैं।
       👉प्रारूप-6 (Form 6): मतदाता सूची में नाम जुड़वाने हेतु।
       👉प्रारूप-7 (Form 7): दर्ज नाम पर आपत्ति जताने हेतु।
       👉प्रारूप-8 (Form 8): प्रविष्टि में किसी भी प्रकार के संशोधन हेतु।
         नागरिक 13 अगस्त तक ऑनलाइन या ऑफलाइन माध्यम से अपना आवेदन जमा कर सकते हैं।


    👉 सार विवरणी और पारदर्शिता👇
       प्रारूप-6, 7 एवं 8 में प्राप्त दावों और आपत्तियों की सार विवरणी (प्रारूप-9, 10, 11) राजनीतिक दलों को साप्ताहिक रूप से हार्ड कॉपी में उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा, यह विवरण मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखंड की आधिकारिक वेबसाइट http://www.ceo.uk.gov.in पर भी उपलब्ध है।


    👇बैठक में उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिनिधि👇
    इस वर्चुअल बैठक में सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी राकेश मोहन राणा, पुरोला विधानसभा से भाजपा बीएलए-1 जयचंद रावत, गंगोत्री विधानसभा से कांग्रेस बीएलए-1 सुधीश पंवार, यमुनोत्री विधानसभा से कांग्रेस बीएलए-1 नवीन भण्डारी तथा बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष बुद्धि लाल प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

  • उत्तरकाशी: ब्रह्मखाल (शिवगुफा) के पास रविवार (09 अगस्त 2026) को एक भीषण सड़क हादसा हो गया। अनियंत्रित डंपर और मोटरसाइकिल के बीच हुई सीधी भिड़ंत में बाइक सवार एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।


    👇डंपर और बाइक की भीषण टक्कर👇
    मिली जानकारी के अनुसार, आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से पुलिस को सूचना मिली कि मेहर गांव (शिवगुफा) के पास डंपर और बाइक के बीच जबरदस्त टक्कर हो गई है। घटना की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी गेवला (ब्रह्मखाल) पुलिस टीम के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।
    पुलिसकर्मियों (कांस्टेबल धनपाल सिंह और होमगार्ड पन्ना) ने तत्परता दिखाते हुए दोनों घायलों को अपने निजी वाहन से तुरंत राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ब्रह्मखाल पहुंचाया।

    👇दुर्घटना में हताहत👇
    👉मृतक: बबलू (32 वर्ष), पुत्र हीरालाल, निवासी- 91 खिचड़ीपुर, कल्याणपुर ब्लॉक-3, नई दिल्ली।
       अस्पताल में उपचार के दौरान इनकी गंभीर स्थिति के कारण मृत्यु हो गई।
    👉घायल: संदीप (30 वर्ष), पुत्र गोविंद सिंह, निवासी- खिचड़ीपुर, नई दिल्ली (मूल निवासी: ग्राम कोलायटी, जिला चंपावत, उत्तराखंड)।
       संदीप के हाथ और पैर में हल्की चोटें आई हैं, जिनका अस्पताल में इलाज जारी है।


    वाहन एवं चालक का विवरण


      मोटर साइकिल संख्या: DL 7S BQ 2428
      डंपर (ट्रक) संख्या: UK 07 CB 1765
    डंपर चालक👉राकेश प्रसाद (48 वर्ष), पुत्र  नथीराम, निवासी- ग्राम वाण, तहसील डुंडा, थाना धरासू (उत्तरकाशी)।
    👇 पुलिस का वक्तव्य👇
    पुलिस प्रशासन एवं DEOC उत्तरकाशी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना के संदर्भ में आवश्यक कानूनी व अग्रिम वैधानिक कार्यवाही शुरू कर दी गई है।


  • डुंडा (उत्तरकाशी):
    उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक स्थित खट्टूखाल गांव में शुक्रवार को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई। खेत में निराई-गुड़ाई कर रही 12वीं की छात्रा ऋषिता राणा (पुत्री स्वर्गीय वीरेंद्र सिंह राणा) पर अचानक एक गुलदार (बाघ) ने जानलेवा हमला कर दिया। हालांकि, मां के अदम्य साहस और समय पर किए गए पलटवार की वजह से छात्रा की जान बाल-बाल बच गई।


    प्राप्त जानकारी के अनुसार, ऋषिता अपनी मां और बहन के साथ खेत में काम कर रही थी। इसी दौरान झाड़ियों में घात लगाकर बैठे गुलदार ने अचानक ऋषिता पर झपट्टा मार दिया। गुलदार के अचानक हमले से खेत में चीख-पुकार मच गई।
    मां के अदम्य साहस से भागा गुलदार
    अपनी बेटी को मौत के मुंह में फंसा देख मां ने जरा भी हिम्मत नहीं हारी। मां ने अद्वितीय साहस का परिचय देते हुए पास में रखी दरांती, लाठी और पत्थरों से गुलदार पर ताबड़तोड़ हमला बोल दिया। मां और परिजनों के इस कड़े विरोध के आगे गुलदार सहम गया और छात्रा को छोड़कर नीचे ढलान की ओर जंगल में भाग खड़ा हुआ


    गुलदार के हमले में छात्रा के पैरों पर गंभीर चोटें आई हैं। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने ग्रामीणों की मदद से घायल ऋषिता को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) डुंडा में भर्ती कराया, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका इलाज चल रहा है।


    इस घटना के बाद से खट्टूखाल और आसपास के ग्रामीण इलाकों में भारी दहशत का माहौल है। आक्रोशित ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने और गुलदार को पकड़ने के लिए तत्काल पिंजरा लगाने की मांग की है।

  • उत्तरकाशी
    उत्तराखंड की राजनीति में गंगोत्री विधानसभा सीट हमेशा से ही कौतूहल और विशेष राजनीतिक दिलचस्पी का केंद्र रही है। चुनावी माहौल गरमाते ही क्षेत्र में एक बार फिर वही मौजूं सवाल तैरने लगा है—“इस बार गंगोत्री का ताज किसके सिर सजेगा और क्या दशकों पुराना ऐतिहासिक मिथक इस बार भी कायम रहेगा?”


    👇कायम रहेगा ‘गंगोत्री मिथक’?👇
    राज्य की राजनीति में यह धारणा दशकों से चली आ रही है कि गंगोत्री से जिस भी राजनीतिक दल का प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचता है, प्रदेश में सरकार भी उसी दल की बनती है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौर से लेकर 2000 में उत्तराखंड बनने के बाद (2002 से 2022 तक) के हर विधानसभा चुनाव में यह मिथक सौ फीसदी सच साबित हुआ है। 2022 के आम चुनावों में भी भाजपा के प्रत्याशी की जीत के साथ ही प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनी थी। ऐसे में राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय मतदाताओं की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह रिकॉर्ड आगे भी बरकरार रहेगा।

    👆भूतपूर्व कांग्रेस विधायक विजयपाल सिंह सजवान 👆
    👆 भूतपूर्व  विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत बीजेपी 👆

         👆 वर्तमान विधायक बीजेपी सुरेश चौहान👆
    👇भाजपा के टिकट पर ‘युवा’ दांव की चर्चा👇
    इधर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेमे में चुनावी तैयारियों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर मंथन का दौर तेज हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन इस बार स्थानीय स्तर पर एंटी-इंकंबेंसी को साधने और युवाओं के बीच पैठ मजबूत करने के लिए ‘युवा चेहरे’ पर दांव खेलने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
    क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा के कई युवा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की है। हालांकि, पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि टिकट का अंतिम फैसला हाईकमान द्वारा कराए जाने वाले जमीनी सर्वे, सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों और प्रत्याशी की ‘विनेबिलिटी’ (जीतने की क्षमता) के आधार पर ही लिया जाएगा

    👇जनता के अपने मुद्दे👇
    दूसरी ओर, गंगोत्री क्षेत्र के स्थानीय मतदाता विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं, पलायन और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े जमीनी मुद्दों पर उम्मीदवारों की घेराबंदी करने के मूड में हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसी नए युवा चेहरे पर भरोसा जताती है या पुराने अनुभव पर ही दांव खेलती है, और क्या गंगोत्री की जनता एक बार फिर प्रदेश के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करती है।


    9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य गठन के बाद गंगोत्री बिरहा सभा सीट निर्वाचन संख्या 3 से कुल तीन व्यक्ति अलग-अलग कार्यकाल में विधायक चुनोगे
    👉 प्रथम विधानसभा 2002 विजयपाल सिंह साजवान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
    👉 द्वितीय विधानसभा गोपाल सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी
    👉 तृतीय विधानसभा 2012 विजयपाल सिंह सजवान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
    👉 चतुर्थ विधानसभा 2017 गोपाल सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी (2017-2921निधन तक)
    पंचम विधानसभा 2022 सुरेश सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी वर्तमान