उत्तरकाशी
उत्तराखंड की राजनीति में गंगोत्री विधानसभा सीट हमेशा से ही कौतूहल और विशेष राजनीतिक दिलचस्पी का केंद्र रही है। चुनावी माहौल गरमाते ही क्षेत्र में एक बार फिर वही मौजूं सवाल तैरने लगा है—“इस बार गंगोत्री का ताज किसके सिर सजेगा और क्या दशकों पुराना ऐतिहासिक मिथक इस बार भी कायम रहेगा?”


👇कायम रहेगा ‘गंगोत्री मिथक’?👇
राज्य की राजनीति में यह धारणा दशकों से चली आ रही है कि गंगोत्री से जिस भी राजनीतिक दल का प्रत्याशी चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचता है, प्रदेश में सरकार भी उसी दल की बनती है। अविभाजित उत्तर प्रदेश के दौर से लेकर 2000 में उत्तराखंड बनने के बाद (2002 से 2022 तक) के हर विधानसभा चुनाव में यह मिथक सौ फीसदी सच साबित हुआ है। 2022 के आम चुनावों में भी भाजपा के प्रत्याशी की जीत के साथ ही प्रदेश में पुनः भाजपा की सरकार बनी थी। ऐसे में राजनीतिक दलों के साथ-साथ स्थानीय मतदाताओं की नजरें भी इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह रिकॉर्ड आगे भी बरकरार रहेगा।

👆भूतपूर्व कांग्रेस विधायक विजयपाल सिंह सजवान 👆
👆 भूतपूर्व  विधायक स्वर्गीय गोपाल सिंह रावत बीजेपी 👆

     👆 वर्तमान विधायक बीजेपी सुरेश चौहान👆
👇भाजपा के टिकट पर ‘युवा’ दांव की चर्चा👇
इधर, सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खेमे में चुनावी तैयारियों के बीच टिकट बंटवारे को लेकर मंथन का दौर तेज हो गया है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, संगठन इस बार स्थानीय स्तर पर एंटी-इंकंबेंसी को साधने और युवाओं के बीच पैठ मजबूत करने के लिए ‘युवा चेहरे’ पर दांव खेलने के विकल्प पर गंभीरता से विचार कर रहा है।
क्षेत्रीय स्तर पर भाजपा के कई युवा कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपनी दावेदारी मजबूती से पेश की है। हालांकि, पार्टी के उच्च पदस्थ सूत्रों का कहना है कि टिकट का अंतिम फैसला हाईकमान द्वारा कराए जाने वाले जमीनी सर्वे, सामाजिक-राजनीतिक समीकरणों और प्रत्याशी की ‘विनेबिलिटी’ (जीतने की क्षमता) के आधार पर ही लिया जाएगा

👇जनता के अपने मुद्दे👇
दूसरी ओर, गंगोत्री क्षेत्र के स्थानीय मतदाता विकास, रोजगार, स्वास्थ्य सुविधाओं, पलायन और चारधाम यात्रा व्यवस्थाओं से जुड़े जमीनी मुद्दों पर उम्मीदवारों की घेराबंदी करने के मूड में हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि भाजपा किसी नए युवा चेहरे पर भरोसा जताती है या पुराने अनुभव पर ही दांव खेलती है, और क्या गंगोत्री की जनता एक बार फिर प्रदेश के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करती है।


9 नवंबर 2000 को उत्तराखंड राज्य गठन के बाद गंगोत्री बिरहा सभा सीट निर्वाचन संख्या 3 से कुल तीन व्यक्ति अलग-अलग कार्यकाल में विधायक चुनोगे
👉 प्रथम विधानसभा 2002 विजयपाल सिंह साजवान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
👉 द्वितीय विधानसभा गोपाल सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी
👉 तृतीय विधानसभा 2012 विजयपाल सिंह सजवान भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस
👉 चतुर्थ विधानसभा 2017 गोपाल सिंह रावत भारतीय जनता पार्टी (2017-2921निधन तक)
पंचम विधानसभा 2022 सुरेश सिंह चौहान भारतीय जनता पार्टी वर्तमान

                 

Posted in ,

Leave a comment