दयारा बुग्याल ट्रेक क्षेत्र से लापता हुई एक महिला ट्रेकर की सुरक्षित खोज के लिए पुलिस और प्रशासन ने अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। गत 29 मई 2026 की रात से लापता महिला का सुराग लगाने के लिए लगातार एक व्यापक और सघन खोज एवं बचाव अभियान (Search and Rescue Operation) चलाया जा रहा है।


👇संयुक्त टीमों का गठन, हर दिशा में तलाशी👇
बीते रविवार और सोमवार को चले लंबे सर्च ऑपरेशन के बाद, आज 2 जून 2026 की सुबह से अभियान को और तेज कर दिया गया है। लापता ट्रेकर को ढूंढने के लिए विभिन्न रेस्क्यू एजेंसियों को मिलाकर विशेष टीमों का गठन किया गया है। इस महा-अभियान में निम्नलिखित एजेंसियां और स्थानीय लोग शामिल हैं:
सुरक्षा बल एवं एजेंसियां: पुलिस, SDRF, NDRF, ITBP और भारतीय सेना।
प्रशासनिक विभाग: वन विभाग एवं आपदा प्रबंधन QRT (Quick Response Team)।
स्थानीय सहयोग: क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों से वाकिफ स्थानीय लोग और कूर्मी/पोटर्स।
बचाव दल आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिसके तहत घने जंगलों और दुर्गम पहाड़ियों में ड्रोन कैमरों और श्वान दस्तों (स्निफर डॉग्स) की मदद से चप्पा-चप्पा छाना जा रहा है।


👇अधिकारी खुद संभाल रहे हैं कमान👇
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) उत्तरकाशी, श्रीमती कमलेश उपाध्याय पहले दिन से ही पूरे सर्चिंग अभियान की पल-पल की समीक्षा और निगरानी कर रही हैं।
उनके सख्त निर्देशों के बाद, पुलिस उपाधीक्षक (DSP) उत्तरकाशी, जनक सिंह पंवार पिछले 2-3 दिनों से लगातार दयारा ट्रेक क्षेत्र में ही कैंप किए हुए हैं। वह खुद इस बेहद चुनौतीपूर्ण खोज अभियान का मौके पर नेतृत्व कर रहे हैं।
पुलिस-प्रशासन और सभी संबंधित रेस्क्यू एजेंसियां उपलब्ध संसाधनों का अधिकतम उपयोग करते हुए महिला ट्रेकर को सकुशल ढूंढ निकालने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं.

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