भारतीय जनता पार्टी, उत्तराखण्ड की त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव समिति द्वारा उत्तरकाशी जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के लिए पार्टी अधिकृत प्रत्याशी दीपेन्द्र कोहली के विरूद्ध उपाध्यक्ष पर चुनाव लड़ रही हैं अंशिका जगूडी पार्टी ने अनुशासन का डंडा चलाया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट के निर्देश पर पार्टी प्रदेश महामंत्री ने पत्र जारी कर अंशिका जगूडी और उनके पति महेश जगूड़ी को अनुशासन का उल्लंघन करने पर पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से 06 वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि जिला पंचायत के सदस्य यदि पार्टी द्वारा अधिकृत प्रत्याशी के खिलाफ वोट करेंगे तो अनुशासनात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।
उल्लेखनीय है कि उत्तरकाशी जिले से जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान को निर्विरोध निर्वाचित किया गया है। उपाध्यक्ष पद पर भाजपा ने दीपेन्द्र कोहली को अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद पर धनारी फोल्ड पुजार गांव सीट से नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य अंशिका जगूडी ने पार्टी के विरोध जिला पंचायत उपाध्यक्ष पद के लिए सोमवार को नामांकन भरा है।
मंगलवार को नाम वापसी के दिन जब अंशिका जगूडी ने नाम वापस नहीं लिया तब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुऐ दोनों पति-पत्नी को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से ही 6 सालों के लिए निष्कासित कर दिया है है।
जनपद में बारिश रुकने के बाद फिर सुरु हुवा रेस्क्यू हर्षिल-धराली क्षेत्र से आपदा प्रभावितों को सुरक्षित निकालने के लिए राहत व बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
मंगलवार दोपहर लगभग 12:30 बजे हर्षिल निवासी गर्भवती महिला सोनम को मातली हेलीपैड लाया गया, जहाँ से एंबुलेंस द्वारा उन्हें तत्काल जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी पहुंचाया गया।
इस दौरान मातली से प्रभावित क्षेत्रों के लिए रसद, खाद्य सामग्री और आवश्यक सामान भी भेजा जा रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देश पर प्रशासन, आपदा प्रबंधन दल और राहतकर्मी समन्वित रूप से कार्य कर रहे हैं, ताकि प्रभावितों को समय पर चिकित्सा सुविधा, भोजन व सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जा सके।
बताते चलें कि डुंडा विकासखंड के अंतर्गत 40 क्षेत्र पंचायत सदस्य नवनिर्वाचित हुए है।
जिनमें से लगभग 39 सदस्यों ने राजदीप सिंह परमार को अपना समर्थन दिया।
आज उन्होंने ब्लॉक मुख्यालय डुंडा मे अपने समर्थकों के साथ पहुकर ब्लॉक प्रमुख पद के लिए नामांक पत्र दाखिल किया।
देखते हैं कि अभी शाम 5:00 तक कोई नामांकन होता है कि नहीं यह देखने वाली बात है।
वही कल नाम वापसी की भी डेट है। सूत्रों की माने तो राजदीप सिंह परमार का ब्लाकं प्रमुख बनना लगभग तय है। साथ ही नामांकन के दौरान भाजपा नेता पूर्व विधायक गंगोत्री विजयपाल सिह सजवाण मौजूद रहे।
उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण उत्तराखण्ड के उत्तरकाशी जनपद के हर्षिल घाटी में हाल ही में आई भीषण प्राकृतिक आपदा के कारण विद्युत तंत्र पूरी तरह ठप हो गया था। लगातार भारी वर्षा, भूस्खलन और बादल फटने की घटनाओं से पोल, तार, ट्रांसफार्मर और उपसंस्थानों को गंभीर क्षति पहुँची तथा सड़क मार्ग बाधित होने से राहत सामग्री और उपकरण पहुँचाना एक बड़ी चुनौती बन गया। इस विकट परिस्थिति में उत्तराखण्ड पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPCL) ने त्वरित और सुनियोजित कार्रवाई करते हुए अल्प समय में विद्युत आपूर्ति बहाल कर एक बड़ी उपलब्धि हासिल की।
बिजली बचाने का मिशन एयरलिफ्ट :👇 यह कार्य दो चरणों में संपन्न हुआ। पहले चरण में 125 केवीए क्षमता के डीजल जनरेटर सेट को देहरादून एयरपोर्ट से चिन्यालीसौड़ होते हुए हर्षिल तक एयरलिफ्ट किया गया। इसके साथ ही कंडक्टर, पोल, सर्विस लाइन, इंसुलेटर और अन्य आवश्यक उपकरण भी हवाई मार्ग से भेजे गए। इस प्रक्रिया में हेलीकॉप्टर से भारी सामग्री की ढुलाई की गई, जिसके लिए सेना और प्रशासन के साथ समन्वय/तालमेल रखा गया। UPCL की 10 सदस्य दलों की टीम को भी हेलीकॉप्टर के माध्यम से विद्युत सामग्री के साथ हर्षिल घाटी तक पहुँचाया गया।
चुनौतियों पर विजय:👇 दूसरे चरण में UPCL के इंजीनियरों और लाइनमैनों ने हाई अलर्ट मोड में मौके पर दिन-रात काम करते हुए क्षतिग्रस्त पोल और तारों को बदला, नई सर्विस लाइनों को जोड़ा और DG सेट के माध्यम से अस्थायी आपूर्ति शुरू की। इसके अतिरिक्त, सौर ऊर्जा तथा माइक्रो हाइड्रो ग्रिड को भी जोड़ा गया, जिससे घाटी में स्थिर और सतत बिजली उपलब्ध कराई जा सकी। बता दें कि माइक्रो हाइड्रो ग्रिड से 25 किलो वॉट का ऊर्जा उत्पादन हो रहा है जिससे माँ गंगा जी के शीतकालीन स्थल मुखवा गाँव में विद्युत आपूर्ति दी जा रही है।
ठंड में पसीना, दिन-रात की मेहनत :👇 इस पूरी प्रक्रिया में जटिल मौसम, लगातार वर्षा, ठंड और ऊंचाई पर काम करने जैसी चुनौतियों को पार किया गया। हेलीकॉप्टर से भारी उपकरण और सामग्री ले जाना तकनीकी और लॉजिस्टिक दृष्टि से जटिल था, लेकिन UPCL टीम ने इसे सफलतापूर्वक सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए न्यूनतम समयावधि में कार्य पूर्ण किया गया। स्थानीय प्रशासन, सेना और जनता के सहयोग से आपातकालीन पावर बैकअप तुरंत उपलब्ध कराया गया।
यूपीसीएल का संकल्प:👇 UPCL के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि “हर्षिल घाटी में बिजली बहाल करना अत्यंत चुनौतीपूर्ण कार्य था, लेकिन हमारी टीम ने त्वरित कार्य कर इसे संभव कर दिखाया। एयरलिफ्ट ऑपरेशन, हाई-ऑल्टिट्यूड फील्डवर्क और माइक्रो हाइड्रो ग्रिड के संयोजन से यह उपलब्धि हासिल हुई है।” UPCL इस सफलता को जन सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता के रूप में देखता है और आपदा जैसी चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी उपभोक्ताओं को विद्युत आपूर्ति प्रदान करने हेतु हम कटिबद्ध है।
उत्तरकाशी विवेक सिहं सजवाण उत्तरकाशी जनपद के धराली क्षेत्र में आई आपदा के बाद राहत और बचाव कार्यों का निरीक्षण कर रहे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सामने शुक्रवार को एक अत्यंत भावुक कर देने वाला दृश्य सामने आया, जिसने वहां उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।
गुजरात के अहमदाबाद स्थित ईशनपुर निवासी श्रीमती धनगौरी बरौलिया अपने परिवार के साथ गंगोत्री दर्शन के लिए उत्तराखंड आई थीं। 5 अगस्त को आई भीषण आपदा के कारण वे धराली में अपने परिवार सहित फंस गईं। मार्ग अवरुद्ध होने और लगातार मलबा व तेज बहाव के कारण स्थिति अत्यंत चुनौतीपूर्ण हो गई थी।
प्रदेश सरकार के निर्देशों पर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत व बचाव कार्य प्रारंभ किए गए। मुख्यमंत्री स्वयं तीन दिनों से लगातार क्षेत्र में मौजूद रहकर राहत कार्यों की निगरानी कर रहे हैं। रेस्क्यू टीमों के अथक प्रयासों से श्रीमती बरौलिया और उनके परिवार को सुरक्षित निकाला गया।
रक्षाबंधन से पहले दिन जब मुख्यमंत्री प्रभावित क्षेत्र में मौजूद थे, तब श्रीमती बरौलिया ने भावुक होकर अपने दुपट्टे का एक टुकड़ा फाड़कर उसे राखी के रूप में मुख्यमंत्री श्री धामी को बांधा। यह दृश्य वहां उपस्थित सभी लोगों को गहराई से छू गया।
मुख्यमंत्री ने भी इस भावनात्मक क्षण को विनम्रता से स्वीकार करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार आपदा की इस घड़ी में हर प्रभावित नागरिक के साथ खड़ी है और हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार राहत, पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।
धराली जैसे दुर्गम क्षेत्र में मानवीय संवेदनाओं का यह दृश्य विपदा के बीच आशा, विश्वास और सामाजिक एकजुटता की मिसाल बना।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर धराली आपदा में स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद
16 सदस्यीय विशेष चिकित्सा टीम धराली-हर्षिल में सक्रिय, मातली में अब तक 70 से अधिक घायलों का उपचार
09 घायल उत्तरकाशी जिला अस्पताल में भर्ती, 05 गंभीर मरीज एम्स ऋषिकेश व मलेट्री हॉस्पिटल में रेफर
त्वरित व प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावितों तक पहुंचाई जा रही हैं- डॉ. आर. राजेश कुमार
उत्तरकाशी जिले के धराली क्षेत्र में आई प्राकृतिक आपदा के दौरान स्वास्थ्य विभाग ने तेजी से मोर्चा संभालते हुए चिकित्सा राहत कार्यों में अनुकरणीय तत्परता का परिचय दिया है। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के स्पष्ट और प्राथमिकता वाले निर्देशों के तहत, स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार स्वयं पूरे अभियान की निगरानी कर रहे हैं। वे लगातार स्वास्थ्य विभाग की टीमों से सीधा संवाद बनाकर हर स्थिति पर व्यक्तिगत रूप से नजर रखे हुए हैं।
धराली-हर्षिल में 9 सदस्यीय विशेष टीम तैनात स्वास्थ्य सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने जानकारी दी कि हर्षिल और धराली क्षेत्रों में विशेष हेलीकॉप्टर सेवा के माध्यम से 9 सदस्यीय चिकित्सा टीम भेजी गई है। यह टीम स्थानीय प्रशासन के समन्वय से मौके पर ही चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर रही है।
70 से अधिक घायलों को मिला उपचार
अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा एवं सीएमएस दून अस्पताल डॉ. आर. एस. बिष्ट के नेतृत्व में एक अलग 12 सदस्यीय मेडिकल टीम ने मातली में मोर्चा संभाला है। टीम में 7 डॉक्टर और 5 पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हैं। डॉ. बिष्ट ने बताया कि अब तक 70 से अधिक घायलों को इलाज उपलब्ध कराया जा चुका है, जिनमें से अधिकांश को एयर लिफ्ट कर मातली लाया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि आज किसी भी मरीज को रैफर करने की आवश्यकता नहीं पड़ी है, जिससे राहत की स्थिति स्पष्ट होती है।
🚁हेलीसेवा से भेजी जा रही हैं अतिरिक्त मेडिकल टीमें स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकतानुसार टीमें भेजने के लिए अतिरिक्त मेडिकल टीमें पूरी तरह तैयार हैं। हेलीसेवा के माध्यम से इन टीमों को तत्काल प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग यह सुनिश्चित कर रहा है कि किसी भी व्यक्ति को उपचार से वंचित न रहना पड़े। विभाग हर ज़रूरतमंद तक चिकित्सा सेवा पहुंचाने के लिए चौबीसों घंटे सक्रिय है।
💉💊5 गंभीर मरीज रेफर वर्तमान में उत्तरकाशी जिला अस्पताल में 09 घायल मरीजों का इलाज चल रहा है, जिनकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। जबकि 3 गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को एम्स ऋषिकेश रैफर किया गया है, 02 घायलों को आर्मी हॉस्पिटल रैफर किया गया। जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका समुचित उपचार जारी है।
मनोचिकित्सकीय सहायता भी जारी स्वास्थ्य विभाग की टीमें तेजी से ग्राउंड ज़ीरो पर पहुंचकर प्राथमिक चिकित्सा, आपात उपचार और राहत सेवाएं दे रही हैं। विशेष रूप से, प्रभावित लोगों को मानसिक आघात से उबारने हेतु मनोचिकित्सकों की टीमें भी मौके पर तैनात की गई हैं, जो निरंतर काउंसलिंग के जरिए मानसिक सहयोग प्रदान कर रही हैं । राज्य सरकार का यह प्रयास दर्शाता है कि आपदा की इस घड़ी में हर नागरिक की सुरक्षा और स्वास्थ्य सर्वोच्च प्राथमिकता है।
👨🦰हर नागरिक सुरक्षित, हर ज़रूरतमंद को इलाज स्वास्थ्य सचिव ने बताया कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार और स्वास्थ्य विभाग हर आपात स्थिति में संवेदनशीलता, तत्परता और समर्पण के साथ कार्य कर रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी नागरिक चिकित्सा सुविधा से वंचित न रह जाए।
उत्तरकाशी आपदा राहत कार्य: हर्षिल व गंगोत्री क्षेत्र से यात्रियों का सफल रेस्क्यू ऑपरेशन
सचिव, आपदा प्रबंधन के अनुसार अब तक 274 लोगों को गंगोत्री एवं आसपास के क्षेत्रों से हर्षिल लाया गया है, और सभी लोग पूरी तरह से सुरक्षित हैं। इनमें विभिन्न राज्यों से आए हुए तीर्थयात्री शामिल हैं: • गुजरात – 131 • महाराष्ट्र – 123 • मध्य प्रदेश – 21 • उत्तर प्रदेश – 12 • राजस्थान – 6 • दिल्ली – 7 • असम – 5 • कर्नाटक – 5 • तेलंगाना – 3 • पंजाब – 1
इन सभी यात्रियों को हर्षिल से उत्तरकाशी एवं देहरादून लाने की प्रक्रिया निरंतर जारी है।
इसके अतिरिक्त, आज तक 135 लोगों को सुरक्षित रूप से हर्षिल से बाहर निकाला गया, जिसमें से: • 100 लोगों को उत्तरकाशी पहुँचाया गया है, • तथा 35 लोगों को देहरादून सुरक्षित भेजा गया है।
इस प्रकार कुल 135 लोगों को सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर सुरक्षित गंतव्य तक पहुँचाया जा चुका है, और 274 लोगों को हर्षिल में सुरक्षित रखते हुए आगे की यात्रा हेतु तैयार किया जा रहा है।
राज्य सरकार, जिला प्रशासन, आपदा प्रबंधन विभाग, ITBP, NDRF एवं अन्य सभी एजेंसियाँ पूरी तत्परता के साथ रेस्क्यू एवं राहत कार्यों में जुटी हैं। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं स्थिति की निगरानी कर रहे हैं और प्रभावितों को हर संभव सहायता प्रदान करने हेतु लगातार निर्देशित कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली,हर्षिल में गतिमान राहत एवं बचाव कार्यों की गुरुवार देर शाम को स्मार्ट कंट्रोल रूम उत्तरकाशी में समीक्षा की। समीक्षा के दौरान अन्य जनपदों के जिलाधिकारी एवं शासन के उच्च अधिकारी भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।
मुख्यमंत्री ने आज हर्षिल एवं धराली क्षेत्र का दौरा किया और प्रभावित परिवारों से मिले। मुख्यमंत्री ने प्रभावित परिवारों को हर सम्भव मदद का भरोसा दिया। मुख्यमंत्री ने धराली में बादल फटने से हुए नुकसान का जायजा लेते हुए राहत एवं बचाव कार्यों को तीव्र गति के साथ पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण के उपरांत मुख्यमंत्री ने आपदा कंट्रोल रूम पहुंचकर सभी जनपदों की आपदा तैयारियों की स्थिति की भी जानकारी ली और अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य सर्वोच्च प्राथमिकता पर किए जाए। तथा प्रभावितों को भोजन,पेयजल,चिकित्सा सहायता और अन्य आवश्यक सामग्री शीघ्र उपलब्ध कराई जाए। राहत शिविरों में रहने वाले लोगों को साफ-सफाई, शौचालय, स्वास्थ्य सेवाएं और आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित कराई जाए।
मुख्यमंत्री ने अवरुद्ध सड़क मार्ग को यथाशीघ्र खोलने के निर्देश देते हुए कहा कि राहत सामग्री और बचाव दलों की निर्बाध पहुंच सुनिश्चित की जाए। जहां तक सड़क मार्ग अवरुद्ध हैं,वहां हेलीकॉप्टर के माध्यम से पहुंच बनाने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य विभाग को पर्याप्त दवाइयों और चिकित्सा टीमों की उपलब्धता बनाए रखने के निर्देश दिए। बिजली, पानी और मोबाइल नेटवर्क जैसी आवश्यक सेवाओं को तत्काल बहाल करने के लिए ठोस प्रयास करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने इस आपदा की घड़ी में केंद्र सरकार से मिल रहे सहयोग के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं गृह मंत्री अमित शाह का विशेष रूप से आभार प्रकट किया और कहा कि भारत सरकार द्वारा समय पर दी गई सहायता से राहत कार्यों में तेजी लाई जा सकी है।
बैठक में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग राज्य मंत्री अजय टम्टा सहित सभी जनपदों के जिलाधिकारी,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक,बीआरओ, सेना स्वास्थ्य,आपदा प्रबंधन,लोक निर्माण,ऊर्जा,जल संस्थान और संचार विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना अंतर्गत रक्षाबंधन से पूर्व जनपद के विभिन्न विकास खंडो में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकास खडं परिसर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पीरूल (चीड़ की पत्तियों) से बनी राखियां पारंपरिक संसाधनों को उपयोग में लाकर आय सृजन के नए साधन विकसित कर रही है।
04 अगस्त से 08 अगस्त 2025 तक जनपद के भटवाडी़, डुण्डा, चिन्यालीसौड़, नौगांव, पुरोला व मोरी विकास खंड में स्थानीय उत्पादों, हथकरघा, रिंगाल से बनी टोकरियाँ , परिधान,
जैम,चटनी,आचार आदि उत्पादों का स्टॉल लगाकर विपणन हेतु समूह की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना का भरपूर लाभ ले रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिला समूहों एवं महिला उद्यमियों द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टॉल, प्रदर्शनी व बाजार लगाकर विपणन किया जा रहा है।
यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कदम है