मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना अंतर्गत रक्षाबंधन से पूर्व जनपद के विभिन्न विकास खंडो में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकास खडं परिसर में स्वयं सहायता समूह की महिलाएं पीरूल (चीड़ की पत्तियों) से बनी राखियां पारंपरिक संसाधनों को उपयोग में लाकर आय सृजन के नए साधन विकसित कर रही है।
04 अगस्त से 08 अगस्त 2025 तक जनपद के भटवाडी़, डुण्डा, चिन्यालीसौड़, नौगांव, पुरोला व मोरी विकास खंड में स्थानीय उत्पादों, हथकरघा, रिंगाल से बनी टोकरियाँ , परिधान,
जैम,चटनी,आचार आदि उत्पादों का स्टॉल लगाकर विपणन हेतु समूह की महिलाएं मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना का भरपूर लाभ ले रही है।
रक्षाबंधन के अवसर पर महिला समूहों एवं महिला उद्यमियों द्वारा स्थानीय उत्पादों का स्टॉल, प्रदर्शनी व बाजार लगाकर विपणन किया जा रहा है।
यह पहल महिला सशक्तिकरण, स्वरोजगार एवं स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सराहनीय कदम है
पीएमश्री राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी के 12 वी के छात्र और एनसीसी कैडेट सचिन ने मात्र 16 वर्ष की आयु में 18 मई 2025 को प्रातः 4:06 पर विश्व के सर्वोच्च पर्वत शिखर मॉउंट एवरेस्ट (8848.86m) जिसे नेपाल में सागरमाथा कहते है पर सफल आरोहण कर अपने विद्यालय पीएमश्री राजकीय आदर्श कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी सहित अपने माता पिता, अपने गांव दडमाली पुजारगांव धनारी ब्लॉक डुंडा सहित सीमान्त जिला उत्तरकाशी एवं विद्यालयी शिक्षा विभाग का नाम रोशन किया।
छात्र की यह उपलब्धि इसलिऐ भी महत्वपूर्ण है कि यह छात्र NCC Boys Girls Mount Everest Expedition 2025 में सबसे कम उम्र का एवेरेस्ट विजेता पर्वतरोही रहा, साथ ही यह छात्र उत्तराखण्ड राज्य का अभी तक का सबसे युवा एवेरेस्ट विजेता है जिसने एवेरेस्ट पर अपने देश भारत, अपने प्रदेश उत्तराखंड, एनसीसी और अपने विद्यालय झंडा फहराया हैँ यह युवा आज के छात्र छात्राओं के लिए एक प्रेरणा श्रोत हैँ देहरादून राजभवन में आयोजित सम्मान समारोह में उत्तरकाशी के राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज के छात्र कैडेट सचिन को उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (से.नि.)द्वारा इस ऐतिहासिक उपलब्धि एवं उत्कृष्ट प्रदशन हेतु सम्मानित किया गया। सीमान्त उत्तरकाशी जनपद के छात्र सचिन को राजभवन में राज्यपाल द्वारा सम्मानित होने पर उत्तरकाशी के जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, मुख्य शिक्षा अधिकारी अमित कोटियाल, जिला शिक्षा अधिकारी शैलेन्द्र अमोली, बीईओ भटवाड़ी हर्षा रावत, सहित एनसीसी बटालियन उत्तरकाशी कमान अधिकारी कर्नल मयंक धस्माना, एडम ऑफिसर लेफ्टिनेंट कर्नल एल.बी.मल्ल, कीर्ति इंटर के प्रधानाचार्य एवं एनसीसी अधिकारी कैप्टेन एल.पी.एस. परमार ने खुशी जाहिर की और इस अवसर पर उत्तराखंड के सबसे युवा एवेरेस्ट विजेता छात्र कैडेट सचिन से छात्र छात्राओं एवं युवाओं को प्रेरणा लेने हेतु अपील की।
विद्यालय प्रधानाचार्य परमार ने बताया की राजकीय कीर्ति इंटर कॉलेज उत्तरकाशी ने उत्तराखंड के सबसे युवा एवेरेस्ट विजेता सचिन के अलावा भी ग्राम नाकुरी बरसाली निवासी प्रथम भारतीय महिला एवेरेस्ट विजेता बचेंद्री पाल एवं एवेरेस्ट सहित विश्व की पांच सर्वश्रेष्ठ पर्वत चोटी पर फतह करने वाले रिकॉर्ड बनाने वाले अगोड़ा निवासी प्रवीन राणा भी इस विद्यालय से शिक्षा ग्रहण कर चुके हैं।
जिला मुख्यालय में सौरभ फांउडेशन से खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है। रविवार को संस्था के स्थापना दिवस पर स्व० सौरभ भट्ट की पुण्य जयंती मनाई गई जिसके तहत सौरभ सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। संस्था की थीम’ नशे को न, खेल को हाँ , जिन्दगी को हाँ, की मुहीम के तहत पिछले सप्ताह जिला स्तर पर बैडमिंटन प्रतियोगिता का किया गया। बैडमिंटन के विजयेता को मुख्य अतिथि के हाथों से पुरस्कार किया गया । बैडमिंटन प्रतियोगिता में बालिका वर्ग एकल में इशिका भंडारी ने (21-14) प्वाइट से जीत हासिल की।
वहीं बालिका वर्ग डबल में – स्वस्ति राणा व इशिका ने (21-19) प्वान्इट से जीत हासिल की। बालक डबल में – डिप्टी CMO बी०एस ० पांगती व अंकित रावत ने (21-15) प्वान्इट से जीत हासिल की। बालक एकल वर्ग में श्रेय डोभाल ने (21-17) पवाइन्ट से जीता । Under -15 आयुष रावत ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि गंगोत्री विधानसभा के पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण माधव प्रसाद जोशी, महावीर चौहान, संतोष सकलानी , राम प्रकाश रावत अध्यापक, यशपाल सजवाण उपस्थित रहे।
इससे पूर्व कार्यक्रम के बतौर मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विजयपाल सिंह सजवाण ने स्व० सौरभ भट्ट को नम आंखों से श्रद्धांजलि अर्पित की और कहा कि सौरभ एक बहुत ही होनहार युवा थे जिन्होंने उत्तराखंड में अनेकों छात्रों अपने शिक्षा में अध्यापन से प्रभावित कर उनका भविष्य निर्माण में अपना योगदान दिया । इनकी यह मुहिम बहुत ही सराहनीय है जिसमें जिले के हर व्यक्ति को जुड़ने की मांग की ।
इस कार्यक्रम में संरक्षक सौरभ फाउंडेशन सुरेश चन्द्र भट्ट (नायब तहसीलदार भटवाड़ी), विजयप्रकाश भट्ट, शंकर प्रसाद भट्ट, महेश भट्ट, विकास नौटियाल, गणेश भट्ट, अमित भट्ट, कृतेश भट्ट ,महेश उनियाल,बुद्धिबल्लभ भट्ट, अनिल भट्ट के साथ अध्यक्ष सौरभ फाउंडेशन आकाश भट्ट, सदस्य हिमांशु,आयुष, रोहित, मोनिका, स्वस्ति,मोहित,प्रियांशु, उनियाल, अमित,आकाश सेमवाल,मुकुल भट्ट, श्रीश्म बलूनी,अमित बलूनी, रविशंकर बलूनी, आदि उपस्थित रहे ।
उत्तरकाशी के रतुडीसैरा की रानौगाड में एक व्यक्ति के बहाने की खबर आ रही है।आज समय दोपहर करीब 12:30 बजे ग्राम गेंवला मध्य स्थान रतूड़ीसैर पुल के समीप सुरेश दास पुत्र उज्जल दास, उम्र करीब 43 वर्ष, निवासी-ग्राम अठाली, पट्टी बाड़ागाडी, तहसील भटवाड़ी, जिला उत्तरकाशी वाले की रानौगाड में बहने की सूचना प्राप्त हुई है।
सूचना प्राप्त होने पर तत्काल घटना स्थल पर डुंडा चौकी प्रभारी प्रकाश सिहं राणा मय फोर्समौके पर पहुचे।
साथ ही SDRF एवं राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद है टीम के द्वारा उक्त व्यक्ति की खोजबीन की जा रही है।
थाना कोतवाली उत्तरकाशी में पंजीकृत मुकदमा अपराध संख्या 71/2022 धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट बनाम देवेंद्र कुमार शर्मा पुत्र कन्हैया लाल शर्मा निवासी दीपविहार रोहिणी बेगमपुर दिल्ली को दिनांक 30 अगस्त 2022 थाना कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस टीम द्वारा देवेंद्र कुमार के कब्जे से 540 ग्राम अवैध अफीम कुटैटी देवी मंदिर के पास से बरामद गिरफ्तार किया गया था।
जिसकी विवेचना उप निरीक्षक प्रकाश राणा वर्तमान चौकी प्रभारी डुण्डा उत्तरकाशी द्वारा विवेचना में ठोस सबूत एवं साक्षी को एकत्रित कर अथक मेहनत एवं प्रयासकर दिनांक 11 मार्च 2024 को माननीय न्यायालय विशेष सत्र एवं न्यायाधीश उत्तरकाशी को आरोप पत्र प्रेषित किया गया।
माननीय न्यायालय विशेष सत्र एवं न्यायाधीश उत्तरकाशी द्वारा विवेचना में सबूत एवं साक्ष के सत्यता के आधार पर अभियुक्त देवेंद्र कुमार को 2 वर्ष कठोर कारावास एवं 10000 जुर्माने से दंडित किया गया
चुनाव प्रचार के अंतिम दिन सभी प्रत्याशियों से झोंकी ताकत।।
उत्तरकाशी: गांव की छोटी सरकार बनाने के लिए ग्रामीणों में भारी उत्साह दिखाई दे रहा है। शनिवार को द्वितीय चरण के लिए चल रहा प्रचार के आखिरी दिन सभी प्रत्याशियों ने खूब ताकत झोंकी है।
बरसाली जिला पंचायत सीट से चुनाव मैदान में वरिष्ठ पत्रकार लोकेंद्र सिंह बिष्ट ने शनिवार को डुंडा बाजार में रैली का आयोजन किया। ढोल नगाड़ों की थाप पर समर्थकों में जबरदस्त उत्साह दिखा। इस दौरान उनके शक्ति प्रदर्शन रैली में भारी जनसमूह उमड़ पड़ा।
उन्होंने सड़क, शिक्षा आदि बुनियादी सुविधाएं अपनी प्राथमिकताएं बताईं है। बता दें कि बरसाली क्षेत्र में लगभग 5600 मतदाता हैं इस सीट पर 6 प्रत्याशी अपना भाग्य आजमा रहे हैं।
इनमें मुख्य रूप से विरेंद्र सिंह बिष्ट, भरत सिंह बिष्ट , राजेश, सोनू सिंह नेगी, श्रीमती सुनीता नेगी शामिल । सभी प्रत्याशियों ने अपने अपने पक्ष में ग्रामीणों के बीच पहुंच कर वोट मांग रहे हैं ।
एम्स की कैंसर ओपीडी में मरीजों, तीमारदारों व आम नागरिकों को किया गया बीमारी के प्रति सजग
एम्स, ऋषिकेश में अस्थि और सारकोमा कैंसर जनजागरूकता माह के तहत महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिसमें मुख्य रूप से अस्थि और सारकोमा कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाने और इन जटिल बीमारियों से प्रभावित व्यक्तियों के समर्थन व आमजन को इन बीमारियों से आगाह करने के उद्देश्य से किया गया। गौरतलब है कि जुलाई माह को विश्वभर में सारकोमा और अस्थि कैंसर जागरूकता माह के रूप में मनाया जाता है। इस अवसर पर बताया गया कि इन बीमारियों में सारकोमा और बोन (हड्डी) कैंसर शामिल हैं, जो शरीर के संयोजी ऊतकों और हड्डियों से संबंधित होते हैं।
इंसेट सारकोमा और अस्थि कैंसर: पहचान और उपचार की दिशा विशेषज्ञ चिकित्सकों के मुताबिक सारकोमा एक दुर्लभ और जटिल प्रकार का कैंसर है, जो सॉफ्ट टिशू (मांसपेशियां, रक्त वाहिकाएं, नसें) और हड्डियों (बोन) में उत्पन्न होता है। भारत में, इस कैंसर के निदान में सबसे बड़ी चुनौती जागरूकता की कमी और प्रारंभिक लक्षणों की पहचान न होना है। एम्स ऋषिकेश के कैंसर रोग विशेषज्ञ और सह आचार्य डॉ अमित सहरावत ने इस संबंध में विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि, “सारकोमा और अस्थि कैंसर की पहचान में देरी होने से इलाज की प्रक्रिया भी देरी से शुरू होती है, जिससे रोग की गंभीरता बढ़ जाती है।” उन्होंने बताया कि सारकोमा को दो प्रमुख श्रेणियों में बांटा गया है। सॉफ्ट टिशू सारकोमा और बोन सारकोमा। इनकी पहचान के लिए विशेष तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है, जिनमें इम्युनोहिस्टोकैमिस्ट्री (IHC) और आणविक निदान (Molecular Diagnostics) शामिल हैं। सॉफ्ट टिशू सारकोमा के उदाहरणों में लिपोसारकोमा, लियोमायोसारकोमा और एंजियोसारकोमा आते हैं, जबकि बोन सारकोमा में ऑस्टियोसारकोमा और इविंग सारकोमा प्रमुख हैं।
इंसेट सारकोमा और अस्थि कैंसर के लक्षण
सामान्यत: गांठ, दर्द और सूजन के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें अक्सर मामूली चोट या सिस्ट समझकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। यही कारण है कि इन कैंसरों के निदान में देरी होती है। डॉ. अमित सहरावत ने बताया कि, “यदि किसी व्यक्ति को हड्डी में लगातार गांठ, सूजन या दर्द जैसी समस्याएं हो रही हैं, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस प्रकार के लक्षणों के लिए एक साधारण एक्स-रे से प्रारंभिक पहचान की जा सकती है।” भारत में ऑस्टियोसारकोमा और इविंग सारकोमा के उपचार में सुधार हुआ है। पिछले कुछ दशकों में इन कैंसरों के उपचार में ऑपेरशन से पहले दी जाने वाली कीमोथेरेपी और सर्जरी के संयोजन से, मरीज के जीवित रहने की दर में 75-80% तक की वृद्धि दर्ज की गई है। हालांकि, चौथे स्टेज के मामलों में अभी भी परिणाम संतोषजनक नहीं हैं। लिहाजा इस पर आगे शोध कार्य की आवश्यकता है। डॉ. सहरावत ने बताया कि इविंग सारकोमा, जो बच्चों और युवाओं में प्रमुख रूप से पाया जाता है, के निदान में फ्लोरोसेंट इन सीटू हाइब्रिडाइजेशन तकनीक का उपयोग भारत में सामान्य हो गया है। जिससे कैंसर के निदान में तेजी आई है और उपचार के लिए अधिक सटीक मार्गदर्शन प्राप्त हुआ है।
सारकोमा के निदान और उपचार में सुधार की दिशा एम्स ऋषिकेश जैसे प्रमुख चिकित्सा संस्थान अब मल्टीडिसिप्लिनरी ट्रीटमेंट ग्रुप्स (MDTs) की सहायता से सारकोमा के मरीजों के इलाज में सहयोग कर रहे हैं। इस समर्पित प्रयास से उपचार को और अधिक प्रभावी और लक्षित बनाया जा रहा है। बकौल डॉ. सहरावत, “सारकोमा का इलाज केवल एक डॉक्टर के द्वारा नहीं किया जा सकता, इसके लिए एक टीम की आवश्यकता होती है, जो विभिन्न पहलुओं से मरीज के इलाज का मार्गदर्शन करे।” भारत में बोन और सारकोमा कैंसर के उपचार में जागरूकता की कमी सबसे बड़ी चुनौती है। ग्रामीण क्षेत्रों में कम सुविधाओं और उच्च उपचार लागत के कारण यह समस्या और बढ़ जाती है। हालांकि, एनजीओ और प्रमुख अस्पतालों द्वारा जागरूकता अभियानों का आयोजन किया जा रहा है। एम्स ऋषिकेश और अन्य संस्थान इस दिशा में उल्लेखनीय कार्य कर रहे हैं। बताया कि समय रहते निदान और उपचार के बिना बोन और सारकोमा कैंसर तेजी से बढ़ सकते हैं और जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। कैंसर रोग विशेषज्ञ डॉ. दीपक सुंदरियाल ने अनुसार “सारकोमा का सही समय पर इलाज न केवल जीवन बचाता है, बल्कि जीवन की गुणवत्ता में भी सुधार लाता है।” जागरूकता माह के तहत विशेषज्ञों ने अपील की है कि इस कैंसर के बारे में जागरूकता बढ़ाएं, ताकि समय रहते प्रारंभिक निदान हो सके और उपचार की प्रक्रिया शुरू हो सके।
उन्होंने कहा, “हम सभी को एक साथ मिलकर इस कैंसर के खिलाफ लड़ाई लड़नी चाहिए। जागरूकता बढ़ाकर हम किसी और को इस दर्द से बचा सकते हैं।”डॉ. अमित सहरावत ने कहा कि , “हम सभी का यह कर्तव्य बनता है कि हम इस कैंसर के बारे में जागरूकता फैलाएं। स्वास्थ्यकर्मी, शिक्षक, और माता-पिता को इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि यदि बच्चों या युवाओं में अस्थि और सारकोमा कैंसर के कोई लक्षण दिखाई दें तो उन्हें तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। हम सबको मिलकर इस कैंसर के खिलाफ जंग लड़नी चाहिए, ताकि हम अपने बच्चों और समाज को एक स्वस्थ और बेहतर भविष्य दे सकें। सारकोमा और अस्थि कैंसर से लड़ाई में जल्दी पहचान, सही उपचार और समाजिक समर्थन की महत्वपूर्ण भूमिका है। कार्यक्रम के तहत उपस्थित नागरिकों ने इस बीमारी के बारे में जागरूकता फैलाने का सामुहिक संकल्प लिया और यह सुनिश्चित किया कि वह इस दिशा में अपना योगदान देंगे। इनका रहा आयोजन में विशेष सहयोग इस अवसर पर कार्यक्रम संयोजक अंकित तिवारी, कुमुद बडोनी के अलावा सीनियर रेसिडेंट डॉ. साईं प्रसाद, संजीवनी संस्था के अनुराग पाल, आरती राणा, गणेश पेटवाल, दीपिका नेगी, हिमानी धनाई, दानी राम पाण्डेय, विनीता सैनी आदि मौजूद रहे।
उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण श्रीदेवी सुमन शहादत दिवस के अवसर पर एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन उत्तरकाशी जनपद के बाड़ाहाट क्षेत्र के सुमन वन में किया गया। यह कार्यक्रम प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरकाशी देवी प्रसाद बलूनी के निर्देशानुसार वनक्षेत्राधिकारी बाड़ाहाट मुकेश रतुड़ी के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, उप जिलाधिकारी भटवाड़ी शालिनी नेगी, सुमन स्मृति वन के अध्यक्ष नागेन्द्र थपलियाल, सचिव शैलेन्द्र नौटियाल, वन मंच के सलाहकार प्रताप सिंह बिष्ट तथा श्याम स्मृति वन के संरक्षक एवं पर्यावरण प्रेमी प्रताप सिंह पोखरियाल सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हरीश नेगी उप निदेशक, गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क उप प्रभागीय वनाधिकारी कन्हैया बेलवाल, उपवनक्षेत्राधिकारी कीर्ति मिस्त्री, वन दरोगा सुभाष प्रसाद अवस्थी, वन बीट अधिकारी दिवाकर सिंह, प्रदीप पंवार एवं श्री राजेन्द्र राणा की सक्रिय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रीदेवी सुमन जी के बलिदान को स्मरण किया गया और उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना और सुमन जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
यह आयोजन सुमन स्मृति वन संस्था के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
श्रीदेवी सुमन शहादत दिवस के अवसर पर एक विशेष वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन उत्तरकाशी जनपद के बाड़ाहाट क्षेत्र के सुमन वन में किया गया। यह कार्यक्रम प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरकाशी देवी प्रसाद बलूनी के निर्देशानुसार वनक्षेत्राधिकारी बाड़ाहाट मुकेश रतुड़ी के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ।
इस अवसर पर जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, उप जिलाधिकारी भटवाड़ी शालिनी नेगी, सुमन स्मृति वन के अध्यक्ष नागेन्द्र थपलियाल, सचिव शैलेन्द्र नौटियाल, वन मंच के सलाहकार प्रताप सिंह बिष्ट तथा श्याम स्मृति वन के संरक्षक एवं पर्यावरण प्रेमी प्रताप सिंह पोखरियाल सहित अन्य विशिष्ट जन उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में हरीश नेगी उप निदेशक, गंगोत्री राष्ट्रीय पार्क उप प्रभागीय वनाधिकारी कन्हैया बेलवाल, उपवनक्षेत्राधिकारी कीर्ति मिस्त्री, वन दरोगा सुभाष प्रसाद अवस्थी, वन बीट अधिकारी दिवाकर सिंह, प्रदीप पंवार एवं राजेन्द्र राणा की सक्रिय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर पर्यावरण संरक्षण की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए श्रीदेवी सुमन के बलिदान को स्मरण किया गया और उपस्थित जनों ने उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में पर्यावरण जागरूकता बढ़ाना और सुमन जी के विचारों को जन-जन तक पहुँचाना रहा।
यह आयोजन सुमन स्मृति वन संस्था के सहयोग से सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ।
हिमाचल प्रदेश के सिरमौर जिले में दो सगे भाइयों ने एक ही लड़की से शादी करके सबका ध्यान खींचा है। प्रदीप नेगी और कपिल नेगी ने कुन्हाट गांव की सुनीता चौहान से विवाह किया है। प्रदीप जल शक्ति विभाग में कार्यरत हैं, जबकि कपिल विदेश में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में काम करते हैं। हाटी जनजाति में बहुपति प्रथा एक सदियों पुरानी परंपरा है, जिसका उद्देश्य पारिवारिक एकता बनाए रखना और पैतृक संपत्ति का बंटवारा रोकना है। इस परंपरा के तहत, दो या अधिक भाई एक ही युवती से शादी करते हैं। हाटी समुदाय को तीन साल पहले अनुसूचित जनजाति का दर्जा मिला है।
दुल्हन सुनीता चौहान ने कहा कि यह उनकी व्यक्तिगत पसंद थी और उन्होंने बिना किसी दबाव के यह फैसला लिया। प्रदीप नेगी ने कहा कि यह उनका संयुक्त निर्णय था, जो विश्वास, देखभाल और साझा जिम्मेदारी पर आधारित है। कपिल नेगी ने कहा कि इस शादी के माध्यम से वे अपनी पत्नी को स्थिरता, समर्थन और प्रेम देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी शादियां आम हैं और गुप्त रूप से होती हैं। हालांकि, इस मामले में दोनों भाइयों की उच्च शिक्षा और अच्छी नौकरी के कारण यह शादी चर्चा में आई है। कुछ लोग इस परंपरा की सराहना कर रहे हैं, जबकि अन्य इसे समय के साथ बदलते समाज के लिए अनुपयुक्त बता रहे हैं।
जनपद आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी की सुचना अनुसार समय लगभग 8:45 पर डुंडा पैणी भवान के पास मैक्स वाहन संख्या यूके 10 4792 खाई गिरकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया है।
वाहन मे 01व्यक्ति चालक इंद्रपाल सिंह पवार पुत्र शेर सिंह पवार उम्र 59 वर्ष निवासी ग्राम पैणी भवान तहसील डुंडा उत्तरकाशी सवार थे।
जिसकी मौका पर ही मौत हो गई। घटना की सुचना मिलते ही डुंडा चौकी प्रभारी प्रकाश सिंह राणा फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।मौके पर पुलिस, व राजस्व की टीम के द्धारा मृतक व्यक्ति का पंचनामाकी कार्यवाही गतिमान है।