• उत्तरकाशी //विवेक सिहं सजवाण

    गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने नया बस अड्डा निर्माण के लिये लीसा डिप्पो का स्थलीय निरीक्षण किया।विधायक सुरेश चौहान ने कहा कि नये बस अड्डे से लीसा डिप्पो पेट्रोल पंप तक नये बस अड्डा निर्माण के लिए एस्टीमेट लगभग तैयार होने वाला है, जिसमें लगभग 100 बड़ी बसों से भी अधिक एवं 500 छोटी गाड़ियों के लिए उपयुक्त पार्किंग की व्यवस्था होगी।जिससे आजाद मैदान को पूर्णतः आजादी मिलेगी।



    लीसा डिप्पो तक बहुमंजिला पार्किंग बन जाने से जाम से भी निजात मिल सकेगी, वहीं सब्जी मंडी भी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने जैसी प्रक्रिया पर लगातार काम तेजी से चल रहा है।


    विधायक ने कहा कि मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस नये बस अड्डा बन जाने से गाडी पार्किंग जैसी समस्या से नगर क्षेत्र को छूटकारा मिल सकेगा।

    हमारा प्रयास लगातार जनहित कार्यो एवं जन समस्याओं का जल्द निपटारा करना है। जिससे हमारी विधानसभा को विकास के क्षेत्र में और प्रगति मिलेगी।

  • उत्तरकाशी //विवेक सिंह सजवाण

    नगर पालिका चिन्यालीसौड के वार्ड 1 के कस्तूरबा गाँधी आवासीय विद्यालय में पहली बार  दो दिवसीय फाइनेंस लिटरेसी एवम एल्युमिनी मिट आयोजित हुई। पहले दिन छात्राओं को बैंक के अधिकारियों द्वारा घर का बजट तैयार करना ,आय से बचत करना और बैंकिंग सेवाओं के बारे में जानकारी दी गई। दूसरे दिन  पूर्व छात्राओं ने अपनी सफलता के राज व अपनी स्कूल के यादें बच्चो के साथ शेयर की।


    कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि  खंड शिक्षा अधिकारी एस नेगी ने छात्राओं को वित्तीय साक्षरता के बारे में बताया। पंजाब नेशनल बैंक व उत्तराखंड ग्रामीण बैंक से आए अधिकारियों ने डिजिटल भुगतान के साथ साथ किस तरह अनावश्यक खर्चों में कटौती की जा सकती है। परिवार की कुल आय के अनुसार खर्च प्रबंधन कैसे किया जाए जिससे कुछ बचत भी हो सके। इसके साथ ही बैंक खाता खोलने, एटीएम कार्ड सहित विभिन्न सेवाओं की भी जानकारी दी।


    कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय चिन्यालीसौड़ का दो दिवसीय फाइनेंसियल एवं एल्युमिनी मिट कार्यक्रम  शनिवार देर शाम समाप्त हुआ। बतौर मुख्य अतिथि प्रधानाचार्य बिरजा इंटरमीडिएट कॉलेज शंकर दत्त घिल्डियाल ने ऐ पी जे अब्दुल कलाम के गरीबी के सफर से मिसाइल मैंन बनने तक के सफर के बारे में बता कर छात्राओं को मोटिवेट किया। उस मौके पर विद्यालय की वार्डन मंजू नौटियाल ने कहा कि विद्यालय के एलुमनी मीट का उद्देश्य पूर्ववर्ती छात्र-छात्राओं के द्वारा वर्तमान में विद्यालय मे पढ़ रहे बच्चों का मार्गदर्शन करना है। ताकि अध्ययनरत बच्चे स्कूल से निकलने के बाद अपने भविष्य को एक सही दिशा दे सकें।

    उन्होंने कहा कि हॉस्टल से पढ़कर निकली छात्राएं विभिन्न स्थानों पर महत्वपूर्ण पदों पर काम कर रहे हैं। पूर्व छात्रा ममता ने कहा कि बचपन की दोस्ती जीवन की दशा को सही दिशा देने में बहुत महत्वपूर्ण रोल अदा करती है इसलिए सही दोस्ती होनी जरूरी है। अपना व्यावसायिक प्रशिक्षण चला रही प्रियंका कोठारी ने कहा कि बालिकाओं को श्रृंगार का बहुत शौक होता है लेकिन हमें बाहरी श्रृंगार  से ज्यादा राष्ट्र निर्माण के लिए आंतरिक श्रृंगार को  आवश्यकता होती है।
    बी एस घेसवाल ने मोबाइल के दुष्परिणाम व साइबर  क्राइम के बारे में विस्तार से बताया। कार्यक्रम का संचालन रेखा निराला द्वारा किया गया


    इस मौके पर राहुल बिष्ट, जयवीर नौटियाल, बी आर जयसवाल, ममता ,रेखा निराला, रजनी नौटियाल, प्रियंका कोठारी, मंजू नौटियाल, सहित बड़ी संख्या में अधिकारी,पुरातन छात्र व अभिभावक उपस्थित रहे।

  • उत्तरकाशी //विवेक सिहं सजवाण

    आज अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर ग्रामसभा बडेथी में आयोजित महिला सम्मान समारोह में पहुंचे गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान ने उपस्थित मातृ-शक्तियों को महिला दिवस की बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

    इस मौके पर विधायक सुरेश चौहान ने महिला सशक्तिकरण एवं आज समाज में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को लेकर होंसला बढ़ाया विधायक ने कहा, हमारे संस्कार हमारे धर्म पुराणों तथा महापुरुषों द्वारा मातृ-शक्तियों का सम्मान उल्लेखित किया गया है हमे बुराइयों को छोड़कर अच्छाईयों के लिए हमेशा जीवन की जीवनी होनी चाहिए हमारी सोच ही हमे समाज निर्माण कराती है।


    विधायक ने कहा कि जब मैं चुनाव के समय प्रचार प्रसार में जाता था तो मुझे भी सबसे ज्यादा अगर किसी ने भरोसा दिया था वो प्रत्येक गांव की ही महिला ही महिलाएं नाचती गाती ओर मुझे भी हिम्मत देती थी। वहीं चुनाव जीतने के बाद ही मेने भी मातृ-शक्तियों के सम्मान के लिए अपनी विधायक निधि से प्रत्येक गांव को महिला सम्मान हेतु एक एक लाख रुपए की धनराशि स्वीकृत की थी।
    माताओं का सम्मान का मतलब हम समाज निर्माण के सही दिशा में है आज राजनीति, खेल,पढाई चाहें एवरेस्ट पर चढ़ना हो तो महिलाओं का अग्रणी होना हमे महिला शक्ति का आभास कराती हैं, माता ही शक्ति का रुप है।

    इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित डुंडा बरसाली मंडल अध्यक्ष रजनेश चौहान, धनारी मंडल अध्यक्ष प्रेमदत्त भट्ट, गाजणा मंडल अध्यक्ष राजीव नौटियाल, प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य प्रताब राणा,

    प्रदेश कार्यसमिति सदस्य सुकेश नौटियाल, पूर्व जिला मीडिया प्रभारी विजयपाल मखलोगा, पूर्व जिला नियोजन समिति के सदस्य अरविंद नेगी, पूर्व सभासद मनोज चौहान, सचेंदर परमार, धर्मेंद्र पंवार, नवीन कठैत एवं अन्य लोगों उपस्थित रहे।

  • उत्तरकाशी// विवेक सिहं सजवाण
    पर्यटन विभाग द्वारा सात दिवसीय ट्रेकिंग कोर्स  दयारा बुग्याल गोई क्षेत्र में  चलाया गया।जिसमे लगभग 35 से 40 बालक बालिकाओ को पर्यटन विभाग के द्धारा ट्रेकिंग करवाया गया।  इस ट्रेकिंग कोर्स के दौरान कई ट्रेकरों कि तबियत खरब व् चोटे आई। जिसको पर्यटन विभाग ने अनदेखा करते हुए उन ट्रेकरों को उनके हाल में छोड़ दिया।



    इस स्थति को देखते हुए समस्त सदस्य ट्रेनी स्किंग फाउंडेसन कोर्स उत्तराखंड डेवलमेंट बोर्ड दयारा बुग्याल उत्तकाशी द्वारा डीएम उत्तरकाशी को लेटर दिया गया। जिसमे उनके द्धारा पर्यटन विभाग पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया कि पर्यटन विभाग के द्वारा जो ये सात दिवसीय ट्रेकिंग कोर्स कराया गया है।

    जिस मे पर्यटन विभाग के अधिकारी इस टीम को लीड कर रहे थे। उन्होंने ट्रेकरों को उनके हाल में दयारा बुग्याल मे छोड़ दिया। जो कि सरासर गलत हुआ।


    इस ट्रेकिंग कोर्स करने वालो में से एक बालिका को चोट आई।

    इस इस बालिका ने आरोप लगाया कि इस दल को लीड करने वाले पर्यटन विभाग के अधिकारी के पास कोई सुविधा नहीं थी। ट्रेकिंग कोर्स करने चार बालको द्वारा बालिका को लाया गया।ऐसे में कुछ हो जाता तो उसका जिम्मेदार कौन ?

  • उत्तरकाशी //विवेक सिहं सजवाण

    एक दैनिक अखबार के पत्रकार ब्रहामखाल निवासी सुरेश रमोला के पिता शंकर चंद्र रमोला ने बुधवार को अंतिम सांस ली। उनके पिता काफी दिनों से बीमार चल रहे थे।  जोकि एक उन्नत किसान भी थे।


    वह अपने पीछे भरा-पूरा परिवार छोड़कर इस दुनिया से विदा हो गये। वह काफी मृदुभाषी थे। 

    प्रेस क्लब उत्तरकाशी के अध्यक्ष चिरंजीव सेमवाल वरिष्ठ उपाध्यक्ष शंकर दत्त घिल्डियाल, जगमोहन चौहान, हेमकांत नौटियाल, वरिष्ठ पत्रकार गंभीर पाल परमार , लोकेंद्र सिंह बिष्ट, कुंवर सहाब सिंह कलुडा ,राजेन्द्र भट्ट, प्रताप सिंह रावत, विनिन नेगी,विवेक सिहं सजवाण,भारत संघ के अध्यक्ष  सुरेन्द्र पाल सिंह परमार, प्रेस क्लब के महासचिव दिगवीर बिष्ट, वरिष्ठ पत्रकार विपिन नेगी, सूर्य प्रकाश नौटियाल, नितिन रमोला, कीर्ति निधि सजवाण, सुभाष बडोनी, रवि रावत, सुमित कुमार, कृष्णा राणा, मनमोहन भट्ट, मोहन राणा, डाक्टर विजेन्द्र पोखरियाल आदि पत्रकारों ने मृत आत्मा के प्रति संवेदना व्यक्त की है।

    इधर पत्रकार सुरेश चंद्र रमोला के पिता के निधन पर गुरुवार को पूरा ब्रह्मखाल बाजार बंद रहा। वहीं निवर्तमान जिला पंचायत उत्तरकाशी अध्यक्ष/प्रशासक दीपक बिजल्वाण, भाजपा मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने गहरा दुःख व्यक्त किया है।

  • उत्तरकाशी /विवेक सिंह सजवाण

    एम्स मे प्रत्येक शुक्रवार कोहोती है लंग क्लीनिक

    यदि आप धूम्रपान करते हैं और आपको लम्बे समय से खांसी की शिकायत के साथ थकान महसूस हो रही है तो इन संकेतों के प्रति अलर्ट हो जायं। ये लंग कैन्सर के लक्षण हो सकते हैं। लेकिन घबराने की बात नहीं। ऐसे लक्षण वाले रोगियों के लिए एम्स ऋषिकेश में स्पेशल लंग्स क्लीनिक संचालित हो रहा है। यह क्लीनिक प्रत्येक शुक्रवार पल्मोनरी विभाग की ओपीडी में होता है।

    फेफड़ों में केंसर हो जाने की स्थिति में फेफड़ों के किसी भाग में कोशिकाओं की अनियंत्रित व असामान्य वृद्धि होने लगती है। कई बार फेफड़े के कैंसर का शुरुआती दौर में पता नहीं चलता और यह अंदर ही अंदर बढ़ता चला जाता है। विशेषज्ञ चिकित्सकों के अनुसार केंसर से होने वाली मृत्यु दर में सर्वाधिक मामले लंग केंसर के होते हैं। एम्स में पल्मोनरी विभाग के प्रोफेसर डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि धूम्रपान करना फेफड़ों के कैंसर का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा विभिन्न प्रकार के तम्बाकू उत्पाद जैसे खैनी, गुटखा, सिगार आदि का सेवन और आनुवांशिक तौर से पारिवारिक इतिहास होने के कारण भी फेफड़ों का कैन्सर हो सकता है। उन्होंने बताया कि उत्तराखण्ड में बड़ी संख्या में लोग धूम्रपान करते हैं। इस वजह से राज्य में फेफड़ों के केंसर के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। एम्स में प्रति माह लगभग 20-25 मामले लंग्स केंसर के आ रहे हैं। ऐसे रोगियों के इलाज के लिए एम्स के पल्मोनरी विभाग में अलग से लंग क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। इस क्लीनिक में केवल लंग कैन्सर के रोगी ही देखे जाते हैं।

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    फेफडों के कैंसर के लक्षण
    लंबे समय से खांसी-बलगम की शिकायत, खांसी में खून आना, सांस फूलना, सीने मे दर्द, वजन का कम होना, चेहरे या गले में सूजन, आवाज बदल जाना, भूख कम लगना, लगातार थकान महसूस करना आदि इसके प्रमुख लक्षण हैं।

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    टी. बी और फेफडें के केंसर मे अन्तर
    ट्यूबरकुलोसिस (टी.बी.) और फेफड़ों के कैंसर के कई लक्षण मिलते-जुलते हैं। यही सबसे बड़ी वजह है कि लोग इन दोनों बीमारियों के बीच में अंतर नहीं कर पाते और उनके लिए बीमारी का पता करना मुश्किल हो जाता है। डाॅ. मयंक ने बताया कि इसी के चलते कईं बार लोग टीबी को फेफड़े का और फेफड़े के कैंसर को टी.बी. मान लेते हैं। उन्होंने बताया कि दोनों बीमारियों में लंबे समय से चली आ रही खांसी, खांसी के साथ खून का निकलना, आवाज का भारी हो जाना आदि लक्षण समान तरह के हैं लेकिन दोनों की स्पष्ट पहिचान आवश्यक जांचों के बाद ही हो पाती है।

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    शुक्रवार को होता है लंग क्लीनिक
    डॉ. मयंक मिश्रा ने बताया कि लंग क्लीनिक प्रत्येक शुक्रवार को संचालित होता है। इस क्लीनिक में केवल वही मरीज देखे जाते हैं जिन्हें पल्मोनरी विभाग की जनरल ओपीडी से रेफर किया गया हो। इसलिए जरूरी है कि मरीज पहले पल्मोनरी की ओपीडी में अपनी जांच करवा ले। लंग क्लीनिक में पल्मोनरी विभाग के चिकित्सकों के अलावा, मेडिकल ऑन्कोलॉजी, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी और रेडिएशन ऑन्कोलॉजी के विशेषज्ञ चिकित्सक भी रोगी की जांच हेतु उपलब्ध रहते हैं। लंग केंसर के रोगियों के लिए ब्रोंकोस्कोपी के माध्यम से बीमारी की अवस्था, निदान और इलाज की सुविधा भी उपलब्ध है।

    ’’ फेफड़ों का कैंसर एक गंभीर बीमारी है, लेकिन तकनीक आधारित मेडिकल साइंस में हुई प्रगति के कारण अब कैंसर से छुटकारा संभव है। लक्षणों के आधार पर समय पर इलाज शुरू कर दिए जाने से कैन्सर की गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। एम्स ऋषिकेश में लंग कैन्सर के लिए स्पेशल क्लीनिक संचालित किया जा रहा है। इसके समुचित इलाज के लिए एम्स के पल्मोनरी विभाग में सभी तरह की आधुनिक मेडिकल सुविधाएं और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम उपलब्ध हैं। ’’प्रो. मीनू सिहं कार्यकारी निदेशक एम्स ऋषिकेश

  • उत्तरकाशी /विवेक सिहं सजवाण


    कॉरपोरेट जगत, फिल्म इंडस्ट्री, योग साधक, युवा लें विंटर टूरिज्म का अनुभव

    प्रधानमंत्री ने की ‘घाम तापो’ के तौर पर की उत्तराखंड विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग

    कॉरपोरेट जगत, फिल्म इंडस्ट्री, योग साधक, युवा लें विंटर टूरिज्म का अनुभव

    उत्तराखंड के लिए बारामासी पर्यटन गतिविधियां बेहद जरूरी, हर सीजन में पयर्टन रहे ऑन

    एक दिवसीय शीतकालीन यात्रा पर उत्तरकाशी पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुखवा और हर्षिल से उत्तराखंड में शीतकालीन तीर्थाटन और पयर्टन की जोरदार ब्रांडिंग की है। प्रधानमंत्री ने तीर्थयात्रियों, पर्यटकों से लेकर कॉरपोरेट और फिल्म उद्योग तक को विंटर सीजन में उत्तराखंड आने का निमंत्रण दिया।
    प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की ब्रांडिंग ‘घाम तापो टूरिज्म’ के तौर पर की है।

    गुरुवार को हर्षिल में जनसभा को संबोधित करते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सबसे पहले बीते दिनों माणा में हुए हिमस्खलन में दिवंगत लोगों के प्रति दुख: व्यक्त किया। इसके बाद प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की यह भूमि, आध्यात्मिक ऊर्जा से औत प्रोत है। प्रधानमंत्री ने उत्तराखंड से अपना आत्मीय लगाव, व्यक्त करते हुए कहा कि वो जीवनदायनी मां गंगा के शीतकालीन गद़्दी स्थल पर अपने परिवारजनों के बीच पहुंचकर धन्य महसूस कर रहे हैं।

    प्रधानमंत्री बोले कि मां गंगा की कृपा से ही उन्हें दशकों तक उत्तराखंड की सेवा का सौभाग्य मिला। मां गंगा के आशीर्वाद से ही वो काशी पहुंच सांसद के रूप में काशी की सेवा कर रहे हैं। इसलिए उन्होंने कहा था कि मां गंगा ने ही उन्हें काशी बुलाया है। प्रधानमंत्री ने दार्शनिक अंदाज में कहा कि उन्हें कुछ महीने पहले अनुभूति हुई कि जैसे मां गंगा ने उन्हें गोद ले लिया है, अब अपने बच्चे के प्रति मां गंगा का दुलार ही है कि वो आज खुद मुखवा गांव पहुंच पाए हैं।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि वो हर्षिल की धरती पर आकर, अपनी दीदी भुलियों को भी याद कर रहे हैं, क्योंकि वो उन्हें हर्षिल की राजमा और अन्य लोकल प्रॉडक्ट भी भेजती रहती हैं।

    बन रहा उत्तराखंड का दशक
    प्रधानमंत्री ने कहा कि कुछ साल पहले जब वो बाबा केदार के दर्शन के लिए आए थे तो बाबा के दर्शन के बाद उनके मुंह से अचानक ही भाव प्रकट हुआ कि ये दशक उत्तराखंड का होने जा रहा है। ये भाव भले ही उनके थे, लेकिन इसके पीछे सामर्थ देने की शक्ति बाबा केदार की थी।

    शीतकालीन यात्रा पर सीएम की पहल को सराहा
    प्रधानमंत्री ने शीतकालीन तीर्थाटन – पर्यटन पर जोर देते हुए कहा कि इसके माध्यम से उत्तराखंड की आर्थिक सामर्थ को साकार करने में बहुत बड़ी मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री ने इस अभिनव पहल के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को बधाई देते हुए कहा कि उत्तराखंड के लिए अपने टूरिज्म सेक्टर को बहूआयामी या बारामासी बनाना बहुत जरूरी है। उत्तराखंड में 365 दिन का पर्यटन जरूरी है। वो चाहते हैं कि उत्तराखंड में कोई भी पर्यटन सीजन ऑफ नहीं रहे, बल्कि हर सीजन में टूरिज्म ऑन रहे।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि अभी पहाड़ों पर मार्च से जून के बीच ही ज्यादातर पर्यटन आते हैं, जबकि इसके बाद पर्यटकों की संख्या बहुत कम हो जाती है। अभी सर्दियों के सीजन में होटल, रिजॉर्ट, होम स्टे खाली पड़े रहते हैं। ये असंतुलन साल के बड़े हिस्से में उत्तराखंड की आर्थिकी को सुस्त कर देता हैं। जबकि सच्चाई यह कि अगर देश- विदेश के लोग, सर्दियों में यहां आए तो उन्हें सच्चे अर्थ में देवभूमि की आभा के दर्शन होंगे। विंटर टूरिज्म में यहां लोगों को ट्रैकिंग, स्कीइंग जैसी एक्टिविटी का रोमांच मिलेगा।

    सर्दियों का सीजन धार्मिक यात्रा के लिए भी अहम
    प्रधानमंत्री ने कहा कि धार्मिक यात्रा के लिए भी उत्तराखंड में सर्दियों का समय बेहद खास होता है। यहां इस समय कई तीर्थ स्थलों पर विशेष अनुष्ठान होते हैं। यहां मुखवा गांव में ही जो अनुष्ठान किया जाता है, वो हमारी प्राचीन परंपरा का हिस्सा है, इसलिए उत्तराखंड सरकार का बारामासी पर्यटन का विजन, लोगों को दिव्य अनुभूति से जोड़ेगा। इससे यहां साल भर रोजगार के अवसर पैदा होंगे।

    डबल इंजन की सरकार मिलकर काम कर रही है
    प्रधानमंत्री ने कहा कि डबल इंजन की सरकार उत्तराखंड को विकसित राज्य बनाने के लिए मिलकर काम कर रही है। राज्य में चारधाम, ऑल वेदर रोड आधुनिक एक्सप्रेस वे से लेकर रेलवे और हेली सेवाओं का विस्तार हो रहा है।
    एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने केदारनाथ और हेमकुंडसाहिब के लिए रोपवे को मंजूरी प्रदान की है। केदारनाथ रोपवे के जरिए आठ से नौ घंटे की पैदल यात्रा 30 मिनट में पूरी हो जाएगी। इससे बुजुर्ग, महिलाओं ओर बच्चों की यात्रा सुगम हो सकेगी।

    सीमांत गावों के विकास पर जोर
    प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में पर्यटकों की संख्या तेजी से बढ़ रही है, 2014 से पहले चार धाम यात्रा पर प्रतिवर्ष 18 लाख यात्री ही आते थे, अब हर साल 50 लाख से अधिक यात्री चारधाम यात्रा पर आ रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस साल के बजट में 50 टूरिस्ट डेस्टिनेशन विकसित किए जा रहे हैं। इसके जरिए सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के बॉर्डर वाले इलाकों में पर्यटक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पहले सीमावर्ती गांवों को आखरी गांव कहा जाता, लेकिन अब उन्हें पहला गांव कहा जा रहा है। इसी क्रम में सीमावर्ती गांवों के विकास के लिए वाइब्रेंट विलेज योजना शुरू की गई है, इसके जरिए नेलांग और जादुंग गांव फिर से बसाए जा रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के टिम्मबरसैंण, महादेवसैंण, माणा और जादुंग गांव में पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं जोड़ी जा रही हैं। जादुंग को 1962 में चीन युद्ध के समय खाली करा दिया गया था, अब 70 साल बाद सरकार इस गांव को फिर से बसा रही है।

    गढ़वाली में घाम तापो का पर्यटन
    प्रधानमंत्री ने देशभर के लोगों खासकर युवाओं से सर्दियों में उत्तराखंड आने का आह्वाहन करते हुए कहा कि सर्दियों में जब देश के बड़े हिस्से में कोहरा होता है, तो पहाड़ों में आप धूप का आनंद ले सकते हैं। गढ़वाली में इसे ‘घाम तापो पयर्टन’ कहते हैं। प्रधानमंत्री ने देश के कॉरपोरेट से उत्तराखंड में विंटर टूरिज्म से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि कॉरपोरेट की मीटिंग, कांफ्रेंस, सेमिनार, एक्जीबिशन के लिए देवभूमि से अच्छी जगह नहीं हो सकती है। यहां आकर योग और आवुर्वेद के जरिए आप खुद को रिचार्ज कर सकते हैं। इसी तरह

    कॉलेज, यूनिवर्सिटी, स्कूलों के नौजवान विंटर ट्रिप के लिए उत्तराखंड आ सकते हैं।

    शूटिंग और वेडिंग डेस्टिनेशन
    प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे यहां हजारों करोड़ रुपए की वैडिंग इकॉनामी है। इसलिए उन्होंने देशवासियों से वेड इन इंडिया के तहत देश में ही शादियां करने की अपील की थी। सर्दियों के सीजन में वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए देशवासी उत्तराखंड को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसी तरह भारत की फिल्म इंडस्ट्री उत्तराखंड का रुख कर सकती है, उत्तराखंड को मोस्ट फिल्म फ्रैंडली स्टेट का पुरस्कार मिल चुका है। यहां फिल्म शूटिंग के लिए शानदार सुविधाएं विकसित हो रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया के कई देश विंटर टूरिज्म के लिए जाने जाते हैं,

    उत्तराखंड उनसे बहुत कुछ सीख सकता है। इसके लिए उत्तराखंड टूरिज्म के सभी स्टेक होल्डर मिलकर अध्ययन करें। प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड में कई जगह हॉट स्प्रिंग हैं, इन्हें वेलनेस स्पा के रूप में विकसित किया जा सकता है। धार्मिक आध्यात्मिक और योग जगत के दिग्गज सर्दियों में अपने यहां विशेष योगा कैम्प लगा सकते हैं।

    कंटेट क्रिएटर निभाएं भूमिका
    प्रधानमंत्री ने हर्षिल में विंटर टूरिज्म पर लगाई गई, प्रदर्शनी का उल्लेख करते हुए कहा कि उनका मन कर रहा था के वो पचास साल पुराने दिनों में लौटकर इन सभी जगहों पर कुछ दिन बिता सकूं। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमें उत्तराखंड के विंटर टूरिज्म की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए कंटेंट क्रिएटर की मदद लेनी चाहिए, इसके लिए एक प्रतियोगिता आयोजित की जा सकती है। प्रधानमंत्री ने गंगा मैया की जय नारे के साथ अपने संबोधन का समापन किया।

    मुख्यमंत्री  पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी का माँ गंगा के मायके मुखवा एवं सीमांत क्षेत्र हर्षिल घाटी आगमन पर सभी प्रदेशवासियों की ओर से स्वागत किया। उन्होंने कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि उत्तराखंड के चहुँमुखी विकास के साथ ही यहाँ की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में हमें सदैव प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन एवं सहयोग प्राप्त होता रहा है। उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के सफल आयोजन, विश्व स्तरीय जी-20 सम्मेलन की बैठकों का आयोजन, यूसीसी जैसा कानून लागू करना हो या फिर हाल ही में उत्तराखंड में आयोजित हुए 38वें राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हो, प्रधानमंत्री का राज्य को हमेशा  मार्गदर्शन मिला। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड पर जब भी कोई विपदा आयी है, चाहे केदारनाथ यात्रा मार्ग पर आई प्राकृतिक आपदा, जोशीमठ में भूधंसाव, सिलक्यारा टनल हो या फिर अभी हाल ही में चमोली में माणा गाँव के पास हुई हिमस्खलन की घटना हो। प्रधानमंत्री जी हमारे साथ सदैव खड़े रहे है।

    मुख्यमंत्री ने 04 हजार 81 करोड़ रूपए की लागत से गौरीकुंड से केदारनाथ और 27 सौ 30 करोड़ रूपए से अधिक की लागत से गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब तक रोपवे निर्माण की सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इन दोनों रोपवे परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद तीर्थयात्रियों को आवगमन के लिए सुगमता होगी और प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा उत्तराखंड की आर्थिकी का एक प्रमुख आधार है। होटल व्यवसायियों से लेकर टैक्सी चालकों, स्थानीय दुकानदारों के साथ ही यात्रा से जुड़े हुए लाखों लोगों को रोज़गार के अवसर प्राप्त होते हैं। शीतकाल में उत्तराखण्ड के चारों धामों के कपाट बंद होने के बाद इन सभी लोगों की आर्थिकी प्रभावित होती थी। जिसके दृष्टिगत प्रधानमंत्री  से मार्गदर्शन प्राप्त कर इस वर्ष से राज्य में शीतकालीन यात्रा की शुरुआत की गई है।

    उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन से न केवल शीतकालीन यात्रा को वृहद् स्तर पर बढ़ावा मिलेगा बल्कि सीमांत क्षेत्र में ट्रेकिंग और माउंटेन बाइकिंग के साथ-साथ दूसरी एडवेंचरस एक्टिविटीज को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही राज्य में दो बड़े धार्मिक आयोजन प्रस्तावित है। जिनमें नंदा राजजात यात्रा और कुंभ शामिल है। हमें विश्वास है कि पीएम के नेतृत्व में इन दोनों आयोजन का सफलतापूर्वक निर्वहन करेंगे।

    इस अवसर पर केंद्रीय राज्यमंत्री  अजय टम्टा , कैबिनेट मंत्री  सतपाल महाराज, भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद  महेंद्र भट्ट, सांसद श्रीमती माला राज्यलक्ष्मी शाह, विधायक  सुरेश चौहान मौजूद थे।

  • उत्तरकाशी /विवेक सिंह सजवाण

    उत्तरकाशी जनपद में मां गंगा शीतकालीन प्रवास (मुखीमठ)मुखबा में एक दिवसीय दौरे पर देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तैयारियों को लेकर स्थानीय निवासियों में काफी उत्साह दिख रहा है। मां गंगा के मायके मुखवा व वाइब्रेंट विलेज हर्षिल की यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी यहां के पारंपरिक परिधान में नजर आ सकते हैं। प्रधानमंत्री के स्वागत की तैयारी में जुटा जिला प्रशासन व् ग्रामीण उनके लिए पारंपरिक परिधान तैयार करा रहा है।

    इनमें भेड़ की ऊन के कपड़े से बना बंद गले का कोट, पजामा व पहाड़ी टोपी शामिल है। जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री को शीतकालीन यात्रा के दौरान किन्नौरी जनजाति समुदाय के द्वारा तैयार किए स्थानीय उत्पाद भेंट करने की योजना बनाई है।जिसमे कोट, पजामा व पहाड़ी टोपी को चुना गया। इसमें पहाड़ी टोपी भी होगी। जिस पर ब्रह्मकमल लगा होगा।

    सीमांत ग्राम्य उद्योगक के प्रबंधक कमल सिंह नेगी ने बताया कि जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री के लिए स्लेटी व बादामी रंग के ऊनी कपड़े तैयार तैयार करने को कहा है। इस ऊन से बने भेंडी की खासियत मानी जाती है। शीतकालीन यात्रा को बढ़ावा देने के दृष्टिगत यहां के किसी शीतकालीन पर्यटन स्थल का दौरा करने का आग्रह किया है। जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिल सकता है और राज्य को ऊर्जा मिल सकती है।

  • उत्तरकाशी /विवेक सिहं सजवाण

    लोसर मेले के समापन पर गंगोत्री विधायक सुरेश सिहं चौहान ने डुंडा में मां रिगाली देवी  मंन्दिर प्रगाण मे आयोजित कार्यक्रम मे सम्लित हुये।उन्होंने भोटिया जनजाति समुदाय के लोगों को लोसर मेले की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं प्रेषित की।

              👆 घम्मा ज्योती विहार मंन्दिर 👆

    इस अवसर पर रिंगाली देवी के मन्दिर प्रांगण में ग्रमवासियो के द्धारा हरियाली एवं  परंपरागत टोपी, गमछा भेंट कर उनका स्वागत सम्मान किया।

    👆आटे की होली👆



    बाता दे कि बौद्ध पंचांग के अनुसार हर साल फाल्गुन माह की शुक्ल प्रतिपदा को नए साल का आगमन मनाया जाता है।

    तिब्बती भाषा में ‘लो’ का अर्थ है नया और ‘सर’ का अर्थ है साल। बौद्ध परंपराओं का पालन करने वाले भोटिया समुदाय के लोग हर साल तीन दिन तक इस  लोसर मेले को मनाते हैं। तथा मंदिर प्रगाण मे रासू नृत्य कर हर्सोल्लास से नये वर्ष का स्वागत करते है।

                   👆  रिंगली मन्दिर प्रंगण👆

    वही किन्नौरी जनजाति समुदाय का लौसर

    मेले घरो मे झंडे लगाकर व आटे की होली खेलकर समापन हुआ। इस अवसर पर घम्म ज्योति बुद्ध विहार परिसर डुंडा में आयोजित कार्यक्रम मे गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान ने सम्लित होकर सभी ग्रामवासियो को नव वर्ष व लोसर मेले की शुभकामनायें दी। इस अवसर किन्नौरी समुदाय के लोगों ने भगवान बुद्ध से क्षेत्र व ग्रामवासियो की सुख समद्धि हेतु मंगल कामना की।
    इस अवसर पर वीरपुर प्रशासक सुनिता नेगी, बगोरी प्रशासक सरीता रावत,शशीकान्त नेगी, कमल सिंह, पूर्व प्रधान बगोरी नारायण सिहं नेगी, जसपाल सिहं, धमेन्द्र सिहं,हेमराज निजोन आदि मौजूद थे।

  • उयत्तरकाशी विवेक सिहं सजवाण

    डुडा वीरपुर के कुडा निस्तारण की समस्या विकट होती जा रही।   वही बाजार की नालियों मे पडा प्लास्टिक के कचरे के कारण  नालियों की भी सही ढंग से सफाई नही हो पा रही। वही लगतार हो रही बरसात के कारण नालियों के पानी का  सही निकासी  न होने कारण नालियो का पानी रोड पर और घरो मे घुस गया।

    जिसके चलते व्यापारी उत्तम सिहं नेगी की दुकान मे नालियों का पानी भर गया। जिसके कारण दुकान मे रखा  सामान खरब हो गया। बतादे कि पुर्व मे भी इनकी दुकान मे पानी भरने चलते लाखों का सामान खराब हो गया था। जिसकी सुचना लिखित व मौखिक प्रशासन को दि गयी।

    लेकिन प्रशासन के द्धारा व्यापारि को कोई भी सहायता नही दि गयी।  व्यापारी का कहना की तीन से हुई बारसात के कारण फिर दुबारा पानी भरने से उनका दुबारा लाखों का नुकसान हो गया।प्रतिनिधि मंडल ने प्रशासन से उचित मुवावजे की मांग की।और कहा की जहा बाजार का कुडा डाला जाता है वहा पर अपने निज हित के कारण कुछ लोगों के द्धारा मना किया जा रहा।

    जबकि उक्त भूमि पर पूर्व मे प्रशासन के द्धारा कुडा डंमपिगं की जगह चिन्हित की गयी है।वही लगतार कुडा डाला जाता रहा है।व्यापार मंडल अध्यक्ष अनकपाल बिष्ट ने कहा की बाजार के सफाई कर्मचारी के इनके द्धारा डराया घमकाया  गया व कुडा डालने से मना किया गया। जिसके कारण बजार मे  कुडा ही कुडा फैला है

    मामले को संज्ञा लेते तहसीलदार डुंडा के द्धारा डुंडा पटवारी के जांच करने की बात कही इस दौरान राजेश नेगी, ओमप्रकाश भट्ट, बृजमोहन नौटियाल , नरेंद्र कोहली, प्रेमप्रकाश आदि मौजूद थे।