• 24 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा भव्य मेला

    उत्तरकाशी जिले के डुंडा ब्लॉक के डुंडा गांव स्थित रेणुका मंदिर परिसर में जनपद स्थापना दिवस का भव्य आयोजन हो रहा है। यह मेला 24 फरवरी से 2 मार्च तक चलेगा।

    माता रेणुका के प्रांगण में डुंडा ब्लॉक के 12 देवी-देवताओं की डोलियां पहुंचीं, जिनका ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप सिंह परमार व माता रेणुका की डोली ने हार्दिक स्वागत किया।

    मेले का शुभारंभ कचरू देवता और माता रेणुका की डोलियों द्वारा रिबन काटकर किया गया।इस बार मेले में सरकारी स्टॉलों का शानदार रूप दिख रहा है, जिससे स्थानीय जनता को लाभ के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी भी मिलेगी।

    बता दें, 24 फरवरी 1960 को टिहरी जनपद से उत्तरकाशी जिले का गठन हुआ था।

    इस अवसर पर आयोजित मेले के साथ जिला अपने 65 वर्ष पूर्ण कर 66वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है।

    कार्यक्रम में भाजपा अध्यक्ष नगेन्द्र सिंह चौहान, मंत्री महावीर सिंह, मातली जिला पंचायत सदस्य, डुंडा गांव प्रधान सोरभ रावत, वीरपुर प्रधान जमना देवी, पंडित गांगधर जोशी और बीडीओ दिनेश चंद जोशी ने शिरकत की।

  • उत्तरकाशी  /जिलाधिकारी प्रशान्त आर्य ने सोमवार को विभागीय कार्यप्रणाली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी समावेशन को लेकर दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ किया। जिला सभागार में आयोजित कार्यशाला के पहले दिन 34 विभागों के जिला स्तरीय अधिकारियों एवं कार्मिकों को प्रशिक्षण दिया गया। जबकि दूसरे दिन कल विकास भवन सभागार में 36 विभागों के अधिकारियों एवं कार्मिको को आर्टिफिशियल इंटलीजेंस के समावेशन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।



         कार्यशाला में अभिधेय के एडवाइजर विनीत ने एआई तकनीक चैट जीपीटी,गामा आदि के माध्यम से कार्यालयी पत्राचार के मसौदे तैयार करना,डेटा संकलन एवं विश्लेषण,अभिलेख प्रबंधन,जन शिकायतों की मॉनिटरिंग,रिपोर्टिंग प्रणाली का आधुनिकीकरण,निर्णय प्रक्रिया को सुदृढ़ करना तथा नागरिक सेवाओं में पारदर्शिता एवं गुणवत्ता में सुधार लाने का प्रशिक्षण दिया गया। उन्होंने एआई का उपयोग विभागीय सुरक्षा और आकंड़ों को ध्यान में रखते हुए करने की सलाह दी गई।


        जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गहनता से प्रशिक्षण लेने के निर्देश दिए तथा जहां शंका हो उसका अवश्य समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि एआई तकनीक के उपयोग से जहां प्रशासनिक कार्यों में गति,पारदर्शिता और गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा वहीं नागरिकों को अधिक प्रभावी और त्वरित सेवाएं भी उपलब्ध होगी।

    कार्यशाला में एडीएम मुक्ता मिश्र,एसडीएम शालिनी नेगी,जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

  •    उत्तरकाशी  / गोपाल विधा मंदिर लदाड़ी  में त्रिवेणी प्रदर्शनी का आयोजन किया गया ।जिसमें प्रदर्शनी को तीन भागो में प्रदर्शित किया था । प्रथम भाग चित्रकला का था  , जिसमे छात्रों नें विभिन्न प्रकार के  चित्रों  व उत्तराखंडी ऐपण कला को प्रदर्शन किया था ।, वही द्वितीय भाग में शैक्षणिक प्रदर्शनी में विज्ञान  ,भाषा विषय के माडलों को छात्रों द्वारा प्रदर्शित किया गया । क्राफ्ट में जरिये छात्रों द्वारा कलाकृतियों का निर्माण आकर्षक का केंद्र रहा । जिन प्लास्टिक की पुरानी अनुपयोगी बोतलों को कट कर सजावटी सामाग्रियां तैयारी की गई थी ।

    वही दूसरी तरह रंग तरंग में छात्रों द्वारा सजीव साँस्कृतिक प्रस्तुतिकरण  रही ।  कार्यक्रम में छात्रों का उत्साह देखते ही बन रहा था । छात्र अपने माडलो.के प्रदर्शन को लेकर बहुत उत्साही दिख रहे थे । आगंतुकों  को माडलों के विषय में  बहुत  उत्साह  से विस्तार पूर्वक बता भी रहे थे । प्रदर्शनी में सभी वर्ग के छात्रों द्वारा प्रतिभाग किया गया था ।

      वही विधालय के प्रवेश द्वार पर ही छात्र औषधि पौधे लिये बैठे थे । आगंतुकों को पौधों के उपयोग के विषय में जानकारीयाँ उपलब्ध करवा रहे थे । छात्रों द्वारा बर्तनों पर सुंदर ऐपण कला का भी प्रदर्शन किया गया था । वही गंगा नदी के छोटे छोटे पत्थरों पर आकृति भी बनाकर सजीव रूप प्रदान किया गया था । 

    आंगतुकों नें कार्यक्रम के आयोजन सफल  प्रयास की  शिक्षकों की प्रशसा की । त्रिवेणी क्रार्यक्रम का उदधाटन ममता पँवार ब्लॉक प्रमुख भटवाड़ी ने किया । इस अवसर पर पालिका की सभासद वंदना नौटियाल , विधालय के प्रधानाचार्य विकास सेमवाल , स्वर्णकार सगंठन के जिला सचिव अजीतपाल सिहं पँवार , लोकेंद्र प्रसाद सेमवाल ,पत्रकार संगठन के अध्यक्ष विवेक सिहं सजवाण , बड़ी सँख्या में छात्र छात्रा ,  अभिभावक व विधालय के सभी  शिक्षक  उपस्थित रहें ।

  • जनपद के विभिन्न क्षेत्रों की देवड़ोलियों को आमंत्रित किया जाएगा

    जनपद के विभिन्न क्षेत्रों की देवड़ोलियों को आमंत्रित किया जाएगा

    सात दिन तक चलेगा मेला

    उत्तरकाशी, डुंडा रेणुका मंदिर में लगने वाले जनपद स्थापना दिवस मेले  मां रेणुका मंदिर में आयोजित किया जाता है जिसको लेकर को लेकर ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार की अध्यक्षता में विभिन्न क्षेत्रों के जनप्रतिनिधियों और पार्टी पदाधिकारियों की बैठक ब्लॉक सभागार डुंडा में आयोजित हुई। बैठक में सभी ने अपने सुझाव रखे।ब्लॉक प्रमुख राजदीप सिंह परमार ने कहा कि यह मेला जनपद स्थापना दिवस का प्रतीक है और इसमें सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

    सात दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम में जनपद के छोटे-बड़े कलाकारों और स्कूलों के बच्चों को अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर दिया जाएगा। विगत वर्षों की तरह इस बार भी 15-16  देव डोली को आमंत्रित किया जाएगा।बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि मेले से लोगों को सीखने का संदेश मिले।

    आधार अपडेट, स्थायी निवास, जाति और परिवार रजिस्टर की नकल जैसी सुविधाएं सुगमता से उपलब्ध कराई जाएंगी। देहरादून के नामी अस्पताल और ग्राफिक एरिया से 7 दिनों तक सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।ब्लॉक प्रमुख ने सभी जनपदवासियों से सहभागिता का आह्वान करते हुए जन्मस्थान के सभी प्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का सुझाव दिया। बता दें, उत्तरकाशी जनपद 24 फरवरी 1960 को टिहरी जनपद से अलग हुआ था।

    इस बैठक में भाजपा जिला अध्यक्ष नागेंद्र सिंह चौहान, पूर्व राष्ट्रीय एवं जिला स्तर पर विभिन्न पदों पर रहीं स्वराज विद्वान, जिला पंचायत सदस्य भारत सिंह बिष्ट, खंड विकास अधिकारी दिनेश चंद जोशी सहित कई सम्मानित व्यक्ति मौजूद रहे।

  • वीरपुर डुंडा में लोसर मेले की धूम!

    उत्तरकाशी। जाड़ भोटिया समुदाय के लोगो द्वारा मनाया जाने वाला पारंपरिक लोसर मेला वीरपुर डुंडा में तीन दिन तक हर्षोल्लास के साथ चला। और आज आटे की होली के साथ अगले वर्ष मेले की प्रतिक्षा को विराम। लोसर   पहले दिन दीपावली की धूम मचाई गई, जिसमें चीड़ के छिलकों से बनीं मशालों का जलाया गया।

    दूसरे दिन नववर्ष व होली का अनोखा संगम देखने को मिला।तीन दिवसीय उत्सव की अनूठी परंपराएंअंतिम दिन कुछ घरों पर रंग-बिरंगे बौद्ध मंत्रों से लिखित झंडे लगाए गए।

    स्थानीय मान्यता है कि इन मंत्रों से सजा आटे की होली अगले वर्ष के लोसर की प्रतीक्षा को विराम देती है। यह पर्व हिंदू व बौद्ध परंपराओं का सुंदर समन्वय दर्शाता है,

    जो भागीरथी नदी के तट पर बसे किन्नौरी, जाड़ भोटिया व खाम्पा समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत करता है।

    रिंगाली देवी मंदिर में विशेष पूजा के साथ मेला संपन्न हुआ। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं का नृत्य आकर्षण का केंद्र रहा।

    ग्रामीणों ने बताया कि लोसर में भारत के सभी प्रमुख पर्व एक साथ अलग-अलग दिनों में मनाए जाते

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    पीएम श्री कमलराम नौटियाल राजकीय इंटर कॉलेज धौंतरी में वार्षिक उत्सव एवं पुरातन छात्र मिलन कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य प्रियंका रावत रहीं। विभागीय अधिकारी, संभ्रांत जनता, जनप्रतिनिधि, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में पुरातन छात्र-छात्राएँ उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना से हुआ। प्रधानाचार्य  शांति प्रसाद नौटियाल ने वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत कर शैक्षिक-सहशैक्षिक उपलब्धियों, खेलकूद, एनएसएस, स्काउट-गाइड, विज्ञान गतिविधियों एवं सामाजिक सरोकारों का विवरण दिया। उन्होंने नई शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप कौशल विकास, व्यावसायिक शिक्षा एवं नवाचार कार्यक्रमों पर जोर दिया।छात्र-छात्राओं के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सबका मन मोह लिया।

    उत्कृष्ट विद्यार्थियों एवं अध्यापकों को सम्मानित किया गया। संचालन संस्कृत प्रवक्ता  राजेश पनियाल,  गंभीर सिंह एवं डॉ. शंभू प्रसाद नौटियाल ने किया।

    राजकीय शिक्षक संघ के जनपद मंत्री  बलवंत सिंह असवाल, पूर्व अध्यक्ष  अतुल महर, ब्लॉक अध्यक्ष श्री राजवीर रागड़ एवं ब्लॉक मंत्री  दीपक चौहान उपस्थित रहे। सभी ने विद्यालय की प्रगति की सराहना की। शिक्षक-अभिभावक संघ अध्यक्ष श्री रमेश सौंदाल, प्रबंधन समिति अध्यक्ष  आनंद स्वरूप एवं संरक्षक  चंदन सिंह राणा का विशेष योगदान रहा।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    नववर्ष से शुरू अनूठा उत्सव

    बौद्ध नववर्ष पर भोटिया जनजाति का लोसर मेला:
    नववर्ष से शुरू अनूठा उत्सव
    उत्तरकाशी, डुडा: महाशिवरात्रि के एक दिन बाद नववर्ष के साथ उत्तराखंड के सीमांत जनपद उत्तरकाशी के डुडा तहसील स्थित बगोरी-वीरपुर के भोटिया समुदाय ने लोसर मेले का आयोजन हर्षोल्लास से किया। शीतकाल के अंत में बसंत का स्वागत करने वाला यह पर्व बौद्ध नववर्ष का प्रतीक है।


    प्राचीन परंपरा का जीवंत स्वरूप👇
    भारत में भाषा-प्रांत अनुसार पर्व अनूठे ढंग से मनाए जाते हैं। बौद्ध धर्मावलंबियों के लिए लोसर विशेष महत्व रखता है। तिब्बत सहित सीमांत क्षेत्रों में प्रचलित इसकी परंपरा का सटीक इतिहास भले अज्ञात हो, लेकिन नाम से ही उल्लास छा जाता है।

    सरसों के पीले फूलों से सजी प्रकृति के बीच हफ्ते भर चलने वाले मेले में ग्रामीण दैनिक कार्य त्याग एक-दूसरे को बधाइयां देते नजर आते हैं।


    पहले दिन की रोमांचक रस्म👇
    मेले की प्रमुख विशेषता चीनी नववर्ष के साथ शुरू होना है। प्रथम रात्रि को दीपावली जैसा पर्व मनाया जाता है। जंगलों से चीड़ की तेल वाली ‘दलि’ लकड़ी से मशालें बनाकर ढोल की थाप पर नाचते-गाते लोग गांव के बीच से इकट्ठा हो अंतिम छोर पर पहुंचते हैं। वहां मशालों से प्रज्वलित विशाल अग्नि की परिक्रमा कर घर लौटते हैं।

    इस दौरान पत्थर के छोटे टुकड़े ‘तिरिंगता मिरिंगमी’ कहकर बांटे जाते है
    ये शुभता के प्रतीक हैं।लोसर मेल भोटिया जनजाति की सांस्कृतिक धरोहर को जीवंत रखता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह उत्सव प्रकृति और समुदाय के बंधन को मजबूत करता है

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    निर्माणधीन भवन और ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक का निर्माण कार्य बंद मिलने पर जिलाधिकारी ने लगाई फटकार

    चालान भुगतान में आ रही समस्या का मौके पर ही कराया निस्तारण

    चेतावनी : बिचौलिया या कर्मचारी अवैध वसूली मे लिप्त पाये जाने पर कड़ी कार्यवाही अमल मे लाई जायेगी

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय का औचक निरीक्षण कर विभिन्न अधिष्ठानों की कार्यप्रणाली और व्यवस्थाओं को परखा। निरीक्षण के दौरान कार्यालय में गंदगी मिलने व फाइलों के रखरखाव में लापरवाही और उपस्थिति पंजिका में मिली खामियों पर जिलाधिकारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई।
    जिलाधिकारी ने एआरटीओ कार्यालय के नवीन निर्माणाधीन भवन और ऑटोमेटेड ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक परिसर पहुंचकर चल रहे कार्यो की प्रगति की समिक्षा की यहॉं काम पूरी तरह बंद मिलने पर कड़ी नाराजगी जताई। करोड़ों की लागत से बन रहे प्रोजेक्ट में शिथिलता देख डीएम ने आरआई को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने तकनीकी कार्यों के संचालन में हो रही देरी और अव्यवस्था पर नाराजगी जताते हुए रिपोर्ट तलब की और चेतावनी दी कि यदि निर्माण कार्य तत्काल प्रभाव से सुचारू नहीं हुआ  तो इसके लिए सम्बंधित अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जायेगी। साथ ही निर्माण कार्य में गुणवत्ता को देखते हुए इसका थर्ड पार्ट्री ओडिट कराने के निर्देश दिये।


    निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने और अन्य कार्यों के लिए आए लोगों के साथ सीधे बात करके  विभिन्न सेवाओं के लिए जा रहे  शुल्क की जानकारी ली। जिलाधिकारी ने कहा कि कोई भी अधिकारी और कर्मचारी तय शुल्क से अधिक लेता या मांग करता है तो तत्काल अवगत करायें। यदि कोई बिचौलिया या कर्मचारी अवैध वसूली में लिप्त पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध कड़ी कार्यवाही अमल में लाई जाएगी।


    इस दौरान सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सुवर्णा नौटियाल कार्यालय में उपस्थित न मिलने पर जिलाधिकारी ने फोन कर कार्यालय में उपस्थित न होने का कारण जाना जिस पर संबंधित अधिकारी द्वारा शासकीय कार्य से देहरादून होना बताया गया।
    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने चालान भरने में आ रही समस्या से परेशान एक नागरिक के मामले का  संज्ञान लेते हुए मौके पर ही  संबंधित पटल के कर्मचारी को निर्देशित किया और अधिकारी की मौजूदगी में ही उस समस्या का त्वरित निस्तारण कराया।



    जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि एआरटीओ कार्यालय जनता से सीधे जुड़ा विभाग है यहाँ कार्य की गुणवत्ता और पारदर्शिता अनिवार्य है। आज के निर्देशों पर भविष्य में सुधार न होने पर संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई अमल में लाई जाएगी

  • उत्तरकाशी विवेक सिहं सजवाण

    उत्तरकाशी जिला कोर्ट और नैनीताल जिला न्यायालय को बम से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया।
    दोनों न्यायालय के जजों को एक संदिग्ध ईमेल प्राप्त हुआ है, जिसमें अदालत परिसर में आरडीएक्स और आईईडी लगाए जाने का दावा किया गया है।
    सूचना मिलते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार, अज्ञात ईमेल आईडी से भेजे गए इस मेल में दावा किया गया है कि कोर्ट परिसर में 12 आरडीएक्स आधारित आईईडी लगाए गए हैं, जो दोपहर करीब 12:15 बजे विस्फोट कर सकते हैं।


    ईमेल में ईडब्ल्यूएस आरक्षण का भी उल्लेख किया गया है। ईमेल में प्रतिबंधित संगठन लिट्टे तथा पाकिस्तान आईएसआई का नाम भी लिखा गया है। हालांकि सुरक्षा एजेंसियां इस मेल की सत्यता की जांच कर रही हैं और इसे शरारती तत्वों की करतूत होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। धमकी भरा ईमेल मिलने के बाद नैनीताल में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। साथ ही इस ईमेल की शिकायत एसएसपी को भी की गई है।
    उत्तरकाशी में जिला न्यायालय को खाली करा लिया गया है और सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद करने के बाद देहरादून से बम निरोधक दस्ते का इंतजार किया जा रहा है ।


    उधर नैनीताल में पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड द्वारा न्यायालय परिसर व आसपास के क्षेत्रों में सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार ईमेल भेजने वाले की पहचान और लोकेशन का पता लगाने के लिए साइबर टीम को लगाया गया है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और किसी भी संदिग्ध वस्तु या गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को देने की अपील की।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    शिवबारात से शिवमय हुआ   उत्तरकाशी , उमड़ा आस्था का सैलाब

    उत्तरकाशी: उत्तरकाशी में महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव बारात में आस्था जनसैलाब उमड़ पड़ा।
    रामलीला मैदान से शिव-पर्वती की बारात की झांकी शुरू  होकर, यह भव्य शोभायात्रा

    उत्तरकाशी के  विभिन्न मार्ग   से गुज़रते हुए विश्वनाथ मंदिर में संपन्न हुई । पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने ढोल-नगाड़ों के बीच रांसो और तांदी नृत्य किया, जिससे पूरा शहर शिवभक्ति के जयकारों से
    गुँजायमान रहा।


    रविवार को महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर शिव बारात में उत्तरकाशी के गंगा घाटी व यमुना घाटी की संस्कृति की झलक भी सड़कों देखने को मिली। शिवरात्रि के अवसर पर  शिव बारात में सम्मिलित होने आये विभिन्न राज्यों से आये मेहमानों को विश्वनाथ मंदिर के संचालकों की ओर से पगड़ी भी पहनाई गई। इसके साथ ही बारात में शहर के कई गणमान्य लोग शामिल हुये ।  उत्तरकाशी के प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर में सुबह चार बंजे से जल चढाने वाले भक्तों की लाइन देखी गयी । इस में पुरुष ,महिलाओं के साथ ही युवाओं व बच्चों में भी खासा उत्साह दिखाई पड़ा।

    घंटो के इंतजार के बाद शिवलिंग पर जल चढाने व भगवान विश्वनाथ के दर्शन से लोग खासे प्रसन्न दिखे । नगर में विभिन्न जगह शिवबारात की शोभा यात्रा के स्वागत में जगह जगह पर प्रसाद वितरण का आयोजन नगरवासियों द्वारा किया गया था ।विश्वनाथ  मंदिर के मंहत अजयपुरी शिवबारात के मुख्य आयोजक की भूमिका में थे।

      उत्तरकाशी नगर के गोपेश्वर महादेव मंदिर , गंगामंदिर मणिकर्णिका घाट, रूदेशवर मंदिर , केदारेश्वर मंदिर ,नागेश्वर मंदिर नाकुरी , तामेश्वर मंदिर दिखोली धौतरी में भक्तों की भीड़ दिखी  ।

    तामेश्वर मंदिर में जल चढा़ने हेतु भक्त रात्रि में  मणिकर्णिका घाट उत्तरकाशी से जल लेकर 40किमी पैदल यात्रा कर दिखोली धौंतरी पहुच कर जल चढा़या ।