• आस्था के सैलाब के साथ वार्षिक वारुणी यात्रा का आगाज, श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी

    जनपद की ऐतिहासिक एवं धार्मिक महत्व वाली वार्षिक ‘वारुणी यात्रा’ रविवार को चैत्र मास की त्रयोदशी तिथि पर श्रद्धा, आस्था और उत्साह के साथ शुरू हुई। वरुणावत पर्वत की पंचकोसी परिक्रमा पर आधारित इस 15 किलोमीटर लंबी यात्रा में जनपद सहित दूर-दराज के क्षेत्रों से आए सैकड़ों श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य अर्जित किया।
    👇 संगम स्नान से हुई यात्रा की शुरुआत


    यात्रा का शुभारंभ बड़ेथी क्षेत्र से हुआ, जहाँ श्रद्धालुओं ने सबसे पहले वरुणा और गंगा (भागीरथी) के पवित्र संगम पर डुबकी लगाई। इसके बाद ‘जय भोले’ और ‘जय वरुणावत’ के जयघोष के साथ श्रद्धालु बसुंगा, साल्ड, ज्ञाणजा, शिखरेश्वर, संग्राली और पाटा की ओर बढ़े। परिक्रमा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।
    👇 इन प्रमुख मंदिरों में टेका माथा


    परिक्रमा के दौरान श्रद्धालुओं ने वरुणावत पर्वत पर स्थित विभिन्न पौराणिक मंदिरों में पूजा-अर्चना की। भक्तों ने वरुणेश्वर, अखंडेश्वर, जगतनाथ मंदिर, अष्टभुजा दुर्गा, ज्ञानेश्वर, व्यास कुंड, वरुणावत शिखर पर स्थित शिखरेश्वर, विमलेश्वर महादेव, संग्राली के कंडार देवता तथा पाटा के नर्वदेश्वर मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
    👇 काशी विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के साथ संपन्न


    यात्रा का समापन गंगोरी पहुँचकर हुआ, जहाँ असीगंगा और भागीरथी के संगम में स्नान करने के उपरांत श्रद्धालुओं ने उत्तरकाशी स्थित प्रतिष्ठित भगवान विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक किया। धार्मिक मान्यता है कि इस कठिन परिक्रमा को पूर्ण करने से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
    👇 प्राचीन परंपरा का बदला स्वरुप


    जानकारों के अनुसार, प्राचीन काल में यह यात्रा बेहद कठिन थी और तीन दिनों तक चलती थी, जिसमें मुख्य रूप से साधु-संत ही भाग लेते थे। वर्तमान में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इसे सरल बनाकर एक दिन में संपन्न किया जाता है, जिससे अब महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों सहित आम जनता की भागीदारी काफी बढ़ गई है।

  • उत्तरकाशी कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। जनपद वीरपुर डुंडा के एक अत्यंत साधारण परिवार से ताल्लुक रखने वाले व्यक्तित्व ने आईएएस (IAS) कैडर में पदोन्नत होकर इस बात को सच कर दिखाया है। पदोन्नति के बाद पहली बार अपने पैतृक गांव पहुंचने पर बंशी सिंह राणा का ग्रामीणों ने ढोल-दमाऊ और फूल-मालाओं के साथ उनका ऐतिहासिक स्वागत किया।
    माता-पिता की स्मृतियों को किया नमन 👇


    गांव की माटी पर कदम रखते ही अधिकारी भावुक हो उठे। उन्होंने सबसे पहले अपने दिवंगत माता-पिता, स्वर्गीय श्री गोवर्धन और स्वर्गीय श्रीमती बैसाखी देवी को नमन किया। ग्रामीणों ने कहा कि आज यदि उनके माता-पिता जीवित होते, तो अपने बेटे को इस प्रतिष्ठित पद पर देख उनका सीना गर्व से चौड़ा हो जाता। एक साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर देश की सर्वोच्च सेवा के कैडर तक पहुँचना उनके कठिन परिश्रम और संस्कारों का प्रतिफल है।


    👇 साधारण परिवेश असाधारण उपलब्धि
    अधिकारी का परिवार बेहद साधारण रहा है। उनके परिवार में दो भाई और तीन बहनें हैं, जिन्होंने इस कठिन सफर में हमेशा एक-दूसरे का संबल बनाए रखा। गांव के बुजुर्गों ने बताया कि बचपन से ही वे पढ़ाई के प्रति बेहद गंभीर थे। सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और आज प्रशासनिक सेवा के इस उच्च मुकाम पर पहुँचकर पूरे क्षेत्र को गौरवान्वित किया है।


    👇 शिक्षा की नीव
    स्व लाखी राम सिंह सजवाण राजकीय इंटर कॉलेज, डुंडा मे हुई


    गांव में जश्न का माहौल👇
    स्वागत समारोह के दौरान पूरे गांव में उत्सव जैसा माहौल रहा। पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर युवा थिरकते नजर आए। महिलाओं ने मंगल गान गाकर मंगलकामनाएं कीं। इस दौरान वक्ताओं ने कहा:
    “यह केवल एक व्यक्ति की पदोन्नति नहीं है, बल्कि यह उन सभी ग्रामीण युवाओं की जीत है जो बड़े सपने देखने का साहस करते हैं।”


    👆 युवाओं को दिया सफलता का मंत्र
    अपने संबोधन में अधिकारी ने भावुक स्वर में कहा कि उनकी सफलता में उनके माता-पिता का आशीर्वाद और भाई-बहनों का त्याग समाहित है। उन्होंने गांव के छात्र-छात्राओं से अपील की कि वे अपनी परिस्थितियों को कभी अपनी कमजोरी न बनने दें, बल्कि उन्हें अपनी ताकत बनाकर आगे बढ़ें।

    कार्यक्रम में वरिष्ठ नागरिक सेवक राम भंडारी पूर्व प्रधान बगोरी नारायण सिंह नेगी, बगोरी श्रीमती सरिता रावत,बगोरी प्रधान श्रीमती रंजीता,प्रधान वीरपुर प्रतिनिधि राजेश नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य वीरपुर बीना राणा,वरिष्ठ भाजपा नेता हेमराज निजन, जिला महामंत्री व्यापार मंडल उत्तरकाशी ओमप्रकाश भट्ट, व्यापारी गौरव नौटियाल, पूर्व अध्यक्ष व्यापार मंडल बृजमोहन नौटियाल,जिला पंचायत सदस्य भारत सिंह बिष्ट, आदि ग्रामीण व महिलाएं मौजूद रही

  • नन्हे बच्चों के हौसले को सलाम: खेलने से रोका तो सीधे डीएम के पास पहुंचे फरियाद लेकर

    उत्तरकाशी  अपनी बात रखने के लिए न उम्र की बाधा होती है और न ही ओहदे का डर, बस जज्बा होना चाहिए। ऐसा ही कुछ उत्तरकाशी में देखने को मिला, जब कपूर मोहल्ला के छोटे बच्चे अपनी खेल की समस्या को लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) प्रशांत आर्य के पास कलेक्ट्रेट पहुंच गए।

    👇 वॉचमैन की रोक-टोक से थे परेशान
    मिली जानकारी के अनुसार, नगर के कपूर मोहल्ला निवासी ये बच्चे हाल ही में अपनी वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के बाद खुशी-खुशी पुरीखेत मैदान में खेलने जा रहे थे। लेकिन वहां तैनात वॉचमैन उन्हें गेट से ही डांटकर भगा देता था। कई बार प्रयास करने के बाद जब बच्चों के सब्र का बांध टूट गया, तो उन्होंने किसी नेता या प्रतिनिधि का सहारा लेने के बजाय खुद ही अपनी आवाज उठाने का फैसला किया।
    डीएम ने सुनी बात, तुरंत दिए निर्देश
    बच्चे बिना किसी घबराहट के डीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी पूरी आपबीती जिलाधिकारी को सुनाई। डीएम प्रशांत आर्य ने भी बच्चों के इस आत्मविश्वास की सराहना की और उनसे संक्षिप्त परिचय लिया। उन्होंने बच्चों को आश्वासन दिया कि अब उन्हें कोई नहीं रोकेगा। तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने प्राचार्य महाविद्यालय को फोन कर निर्देशित किया कि छोटे बच्चों को मैदान में खेलने से किसी भी तरह न रोका जाए।
    शहर में चर्चा का विषय👇


    आम नागरिक अक्सर कलेक्ट्रेट जाने या अधिकारियों से मिलने में हिचकिचाते हैं, लेकिन इन नन्हे बच्चों की इस साहसी पहल की पूरे उत्तरकाशी में प्रशंसा हो रही है। डीएम के निर्देश के बाद अब बच्चे बिना किसी डर के अपने तय समय पर मैदान में खेल सकेंगे।

    “बच्चे बोले -हमें खेलना है ‌‌,वॉचमैन रहता है “
    जिलाधिकारी से मिलते वक्त बच्चों ने बड़ी मासूमियत और निडरता से कहा कि वे बस खेलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें गेट से ही भगा दिया जाता है। डीएम ने बच्चों को ‘मस्त होकर खेलने’ का आशीर्वाद दिया और खेल की सुविधा सुनिश्चित की।

  • शराब के नशे में बढ़ रहे घरेलू विवादों पर आयोग ने जताई चिंता, अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश

    उत्तराखंड राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने गुरुवार को जिला सभागार में आयोजित ‘महिला जन सुनवाई’ कार्यक्रम में जनपद की महिलाओं की व्यथा सुनी। इस दौरान कुल 8 मामले दर्ज किए गए, जिनमें से अधिकांश मामले शराब के नशे के कारण होने वाली घरेलू हिंसा से संबंधित थे।
    उपाध्यक्ष ने मामलों की गंभीरता को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा, “महिलाओं का किसी भी स्तर पर उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    आयोग पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है।” जनसुनवाई की खास बात यह रही कि घरेलू हिंसा के दो मामलों में उपाध्यक्ष ने मौके पर ही पति-पत्नी को बुलाकर उनकी काउंसलिंग कराई, ताकि आपसी सहमति से परिवार को टूटने से बचाया जा सके।

    नशा मुक्ति और सुरक्षा केंद्र की मांग 👇
    कार्यक्रम में महिलाओं ने जिले में बढ़ते नशे पर अंकुश लगाने के लिए नशा मुक्ति केंद्र, नारी निकेतन और आत्मरक्षा प्रशिक्षण (सेल्फ डिफेंस) केंद्र खोलने की पुरजोर मांग की। उपाध्यक्ष ऐश्वर्या रावत ने इन मांगों को जायज ठहराते हुए आश्वस्त किया कि शासन स्तर पर वार्ता कर इन केंद्रों की स्थापना के लिए सकारात्मक प्रयास किए जाएंगे।


    प्रशासन की प्राथमिकता सुरक्षा और सम्मान 👇
    जनसुनवाई में उपस्थित जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण करें। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान शासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पुलिस और संबंधित विभागों को घरेलू हिंसा और दहेज उत्पीड़न जैसे मामलों में त्वरित और प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
    इस अवसर पर दर्जा राज्य मंत्री प्रताप पंवार, एसपी कमलेश उपाध्याय, एडीएम मुक्ता मिश्र, एसडीएम शालिनी नेगी सहित जिला प्रोबेशन अधिकारी शोएब हुसैन और अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

  • उत्तरकाशी जनपद की पुलिस ने एक बार फिर आम जनता की अमानत को सुरक्षित उनके हाथों तक पहुँचाकर विश्वास कायम किया है। बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान, SP श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने ₹4 लाख की बाजार कीमत वाले 19 स्मार्टफोन्स को उनके असली मालिकों के सुपुर्द किया। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर स्वामियों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी।
    यह सफलता कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस की टीम को भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से मिली है। इस तकनीक के जरिए गुमशुदा फोन्स को ट्रैक कर बरामद किया गया।

    SP की अपील: सावधानी ही बचाव है👇


    इस अवसर पर SP श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा, “आजकल मोबाइल का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में भी हो रहा है। इसलिए किसी भी अनजान व्यक्ति से पुराना मोबाइल खरीदने से बचें। हमेशा अधिकृत दुकानों से ही फोन खरीदें और उसका बिल व IMEI नंबर संभालकर रखें।” उन्होंने बताया कि जिले के हर थाने और साइबर स्टेशन पर मोबाइल रिकवरी के लिए विशेष टीमें सक्रिय हैं।


    कार्यक्रम में पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार, प्रभारी निरीक्षक कोतवाली श्रीमती भावना कैंथोला, निरीक्षक अभिसूचना विकास नौटियाल और पुलिस की टेक्निकल टीम के सदस्य मौजूद रहे।

    ऐसे करें गुम मोबाइल की शिकायत👇
    सबसे पहले नजदीकी थाने या पोर्टल पर e-FIR दर्ज करें।
    भारत सरकार के पोर्टल http://www.ceir.gov.in पर जाकर रिपोर्ट दर्ज करें।
    शिकायत के लिए मोबाइल बिल, आईडी प्रूफ और पुलिस रिपोर्ट अनिवार्य है।
    पोर्टल पर फोन  जाता है और ट्रैकिंग आसान होती है

  • गंगोत्री-यमुनोत्री धाम की यात्रा को लेकर उत्तरकाशी प्रशासन अलर्ट, जिलाधिकारी ने दिए कड़े निर्देश।

    उत्तरकाशी। आगामी 19 अप्रैल को अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रदेश की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा का आगाज हो जाएगा। यात्रा को सुगम, सुरक्षित और भव्य बनाने के लिए जिला प्रशासन उत्तरकाशी ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं।

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर यात्रा मार्ग पर बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को समय से पहले दुरुस्त करने के कड़े निर्देश दिए हैं।


    घोड़े के लिए सोलर गीजर और घाटों की सुरक्षा चेन👇
    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने बताया कि इस बार यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाओं से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। यमुनोत्री मार्ग पर मुख्य घोड़ा पड़ावों पर घोड़ों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था हेतु सोलर गीजर लगाए जाएंगे।

    वहीं, गंगा और यमुना के स्नान घाटों पर सुरक्षा के लिए चेन और स्वच्छता का विशेष प्रबंध किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि तैयारियों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाए

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य

    जगह-जगह होगा स्वास्थ्य परीक्षण 👇
    स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) बी.एस. रावत ने बताया कि दोनों धामों के यात्रा मार्गों पर पर्याप्त डॉक्टर और दवाइयां उपलब्ध रहेंगी। यात्रियों की सुविधा के लिए गंगोत्री मार्ग पर हिना और यमुनोत्री मार्ग पर बड़कोट के पास विशेष स्क्रीनिंग और स्वास्थ्य परीक्षण केंद्र स्थापित किए जाएंगे, ताकि श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता मिल सके।

    सीएमओ बीएस रावत


    स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचा👇
    गंगोत्री मंदिर समिति के सचिव सुरेश सेमवाल ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर यात्रा से जुड़ी बुनियादी सुविधाओं को जल्द पूरा करने की मांग की।

    गंगोत्री मंदिर सचिव सुरेश सेमवाल

    उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा स्थानीय लोगों के रोजगार का मुख्य आधार है, इसलिए सड़कों की मरम्मत और बिजली-पानी की व्यवस्था प्राथमिकता पर होनी चाहिए।

    वर्तमान में यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर निर्माण कार्य और गंगोत्री हाईवे पर पैच वर्क (मरम्मत) का काम युद्ध स्तर पर जारी है।
    प्रमुख बिंदु 👇
    प्रारंभ तिथि: 19 अप्रैल (अक्षय तृतीया)।
    स्वास्थ्य केंद्र👇
    हिना और बड़कोट में यात्रियों की होगी स्क्रीनिंग।
    विशेष सुविधा👇
    यमुनोत्री मार्ग पर घोड़ों के लिए गर्म पानी की व्यवस्था।
    सड़क कार्य👇
    नेशनल हाईवे की मरम्मत और चौड़ीकरण  का काम जारी

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    विकासखंड डूंडा में महिलाओं का महासंगम; खेल और संस्कृति के माध्यम से दिया सशक्तिकरण का संदेश।

    उत्तरकाशी (डूंडा): आज पूरा विश्व ‘अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस’ मना रहा है। इसी कड़ी में उत्तरकाशी जनपद के विकासखंड डूंडा में 51वें अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर एक भव्य और रंगारंग कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो महिलाओं के सशक्तिकरण और उनकी अदम्य ऊर्जा का प्रतीक बना।
    प्रमुख हेडिंग 👇
    आयोजक :राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामोत्थान
    👉मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप सिंह परमार एवं वीडियो दिनेश चंद जोशी
    👉 कार्यक्रम का स्वरूप :खेल प्रतियोगिताएं सांस्कृतिक प्रस्तुति और सम्मान समारोह


    सांस्कृतिक और खेल प्रतिभा का संगम👇
    राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और ग्रामोत्थान के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम की रौनक देखते ही बन रही थी। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ मुख्य अतिथि ब्लॉक प्रमुख डुंडा राजदीप सिंह परमार और बीडीओ दिनेश चंद्र जोशी ने रिबन काटकर किया। इंदर थापा के कुशल संचालन में आयोजित इस उत्सव में क्षेत्र की सैकड़ों महिलाओं ने पूरे उत्साह के साथ प्रतिभाग किया।
    कार्यक्रम के दौरान मैदान पर जहाँ खेल प्रतियोगिताओं में महिलाओं का दमखम दिखा, वहीं मंच पर पारंपरिक लोकगीतों और नृत्यों ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया। महिलाओं ने अपनी प्रस्तुतियों के माध्यम से यह साबित कर दिया कि अवसर मिलने पर वे हर क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर सकती हैं।

    सशक्तिकरण पर विचार👇
    इस अवसर पर वक्ताओं ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि समाज की प्रगति बिना महिलाओं की सक्रिय भागीदारी के अधूरी है। बीडीओ दिनेश चंद्र जोशी ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा:
    “महिलाओं को आत्मनिर्भर बनना होगा और शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर आगे बढ़ना होगा। आपकी प्रगति ही समाज की प्रगति है “


    👇 प्रतिभाओं का सम्मान
    कार्यक्रम के समापन पर विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को पुरस्कृत और सम्मानित किया गया। आयोजकों ने स्पष्ट किया कि इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाना और उन्हें नेतृत्व की भूमिकाओं के लिए तैयार करना है

    निष्कर्ष👇
    निश्चित रूप से डूंडा की इन महिलाओं का यह जज्बा यह बताने के लिए काफी है कि पहाड़ की नारी अब किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं है और वह सफलता की नई इबारत लिखने को पूरी तरह तैयार है।


  • जनपद के विकासखंड डुंडा के मां रेणुका मंदिर परिसर में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में विराट हिंदू सम्मेलन का भव्य आयोजन हुआ। हिंदुओं को जागृत करने और सनातन संस्कृति के प्रचार का संकल्प लिया गया।


    कार्यक्रम गो-पूजन से शुरू हुआ। डुंडा की महिलाओं ने ढोल-दमाऊं पर पारंपरिक रासो-तांदी नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। पौराणिक कथाओं पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया।


    आयोजकों ने बताया कि धर्म रक्षा और सनातन संस्कृति बढ़ाने के लिए पूरे भारत में ऐसे सम्मेलन हो रहे हैं। जिला स्थापना दिवस मेले के दौरान यह आयोजन खासा चर्चित रहा। ब्रह्मचारी आशुतोष प्रकाश ने कहा, “यह हिंदू संगठनों को एकजुट करने का आह्वान है। समाज, संस्कृति और परंपराओं का त्रिवेणी संगम है यह। सनातनी हिंदुओं को बढ़-चढ़कर भाग लेना चाहिए

  • यमुनोत्री नेशनल हाईवे पर डामटा-नौगांव के निकट स्टोन क्रेशर के पास भयानक हादसा। डूईंक गांव से मार्केट लौट रही नेक्सोन कार (UK07HA3697) अचानक अनियंत्रित हो गई और यमुना नदी में समा गई।कार में सवार दोनों युवक – तुषार खत्री (25), पुत्र दिनेश खत्री और अजय (26), पुत्र निजाम सिंह – निवासी डूईंक, डामटा, नौगांव – मौके पर ही दर्दनाक मौत के शिकार हो गए।

    थानाध्यक्ष पुरोला दीपक कठैत ने बताया कि शुक्रवार दोपहर यह हादसा हुआ। SDRF ने शवों को नदी से निकाल लिया है।

    पंचनामा भर पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए जाएंगे।हादसे की खबर फैलते ही डूईंक गांव और आसपास शोक की लहर दौड़ गई।

  • उत्तरकाशी, 27 फरवरी 2026: तहसील बड़कोट के ग्राम सुनाल्डी में सुबह करीब 9:15 बजे एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। 55 वर्षीय श्रीमती मीना देवी पत्नी ऐन सिंह वॉशरूम में वाटर हीटिंग रॉड से पानी गर्म कर रही थीं,

    तभी अचानक करंट लगने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।परिजनों ने तत्काल उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बड़कोट ले जाया, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।

    प्रारंभिक जांच में बिजली के उपकरण की खराब वायरिंग सामने आ रही है।ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली सुरक्षा के प्रति लापरवाही के कारण ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं। स्थानीय लोगों ने विद्युत विभाग से तत्काल जांच और सुरक्षा जागरूकता अभियान की मांग की