• अक्षय तृतीया पर 12:35 बजे शुभ मुहूर्त में दर्शन शुरू

                   चारधाम यात्रा का शुभारंभ

    अक्षय तृतीया के पावन पर्व पर रविवार को विश्व प्रसिद्ध यमुनोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना व वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए। कर्क लग्न में दोपहर 12:35 बजे कपाट उद्घाटन से ग्रीष्मकालीन चारधाम यात्रा शुरू हो गई।

    अब छह माह तक देश-विदेश से भक्त मां यमुना के दर्शन कर सकेंगे सुबह साढ़े आठ बजे शीतकालीन गद्दी खुशीमठ (खरसाली) से शनिदेव की डोली की अगुवाई में मां यमुना की डोली रवाना हुई। पारंपरिक वाद्ययंत्रों, आईटीबीपी देहरादून बैंड व जयकारों से क्षेत्र भक्तिमय रहा।

    धाम पहुंचकर हवन-पूजन के बाद शुभ मुहूर्त में कपाट खोले गए।

    इस दौरान यमुनोत्री विधायक संजय डोभाल, दर्जाधारी रामसुंदर नौटियाल, ओबीसी आयोग उपाध्यक्ष श्याम डोभाल, जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व विधायक केदार सिंह रावत, मंदिर समिति अध्यक्ष/एसडीएम बृजेश तिवारी, सीओ चंचल शर्मा समेत सैकड़ों श्रद्धालु शामिल रहे

  • चारधाम यात्रा की पावन परंपरा के तहत आज मां गंगा की उत्सव डोली अपने शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा से गंगोत्री धाम के लिए विधिवत पूजा-अर्चना के साथ रवाना हो गई।

    डोली यात्रा में स्थानीय श्रद्धालुओं, पुजारियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।

    प्रथम पड़ाव पर मुखवा गांव में पारंपरिक वाद्य यंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। श्रद्धालुओं ने मां गंगा के जयकारों के साथ डोली का स्वागत किया।

    गंगोत्री धाम के कपाट विधिवत पूजा-अर्चना और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ कल निर्धारित शुभ मुहूर्त में खोले जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए दर्शन प्रारंभ हो जाएंगे।

  • गंगोत्री धाम यात्रा की तैयारियों की समीक्षा अपर जिलाधिकारी (एडीएम) मुक्ता मिश्र ने की है। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि 15 अप्रैल तक सभी कार्य पूर्ण कर लिए जाएं। इसमें विद्युत विभाग को गंगोत्री में ट्रांसफार्मर लगाने, पोल ठीक करने और पेड़ों की लोपिंग का कार्य शामिल है। इसके अलावा, बीआरओ को चढ़ेथी में सड़क चौड़ीकरण का कार्य पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं ।


    यात्रा के लिए अन्य तैयारियों में जल संस्थान द्वारा 12 वाटर एटीएम और 86 हैंडपंप सुचारू करना, स्वच्छता के लिए सुलभ द्वारा 400 शौचालय सीटों की व्यवस्था, और मुख्य चिकित्साधिकारी द्वारा 17 अप्रैल तक चेक पोस्ट पर स्वास्थ्य टीमें तैनात करना शामिल है।

    गंगोत्री धाम यात्रा 19 अप्रैल 2026 से शुरू होगी और 10 नवंबर 2026 तक चलेगी ।

  • शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षण के विभिन्न प्राइवेट माध्यमों के चलते सरकारी शिक्षण संस्थानों की तरफ झूकाव  बहुत कम हुआ है । अब समाज  में धारणा बन चुकी है गरीब या आभाव हिन ही सरकारी तंत्र के भरोसे बैठा है । वही सरकारी कर्मचारी भी कार्यो के प्रति उदासीन बने रहते है । समय समय पर जनता अधिकारियों / नेताओं से शिकायतें भी करती हुए देखी जाती है । लेकिन उत्तरकाशी के डुण्डा विकासखंड के उच्च प्राथमिक विधालय मटटी मे शिक्षक शूरवीर सिहं पडियार के सेवानिवृत्ति पर छात्रों के साथ  अभिभावक भी अपने आँसुओं को रोक नही पा रहे थे । सोशियल मीडिया पर वायरल वीडियो में छात्र जोर जोर रोते हुए सुने जा सकते है ।

    शिक्षक शूरवीर पडियार छात्रों को समझाते हुए चुप कराने का बहुत प्रयास कर रहे है ,पर  छात्र फिर भी जोर जोर से रो रहे है और कह रहे है  । गुरु जी आप मत जाओ । शिक्षक पडियार भी छात्रों से  समय समय पर  मिलने  आने की बात कह रहे हैं ।  विधालय में आयोजित सेवानिवृत्ति समारोहों में बड़ी संख्या मे छात्रों के साथ ग्रामीण भी इकट्ठा हुये थे । पैसों की माला व फूलों के हारों से लदकर शिक्षक को सेवानिवृत्ति पर विदाई दे रहे है । छात्र शिक्षक के विधालय से सेवानिवृत्त होकर चले  जाने के दुख में जोर जोर से रोते हुये विदाई देने दूर तक आ रहे है ।  ऐसे दृश्य  आज के वयवसायिक युग मे विलुप्त से हो  रहे है   । ये दृश्य गुरु शिष्य परंपरा के प्रति उम्मीद पैदा करता हुआ दिख रहा है ।  ये भी बतला रहा है शिक्षक का असली सम्मान कोई पदक न होकर छात्रों और अभिभावकों के बीच आत्मीय सम्मान ही असली सम्मान है । ऐसे शिक्षक समाज व शिक्षक समाज के बीच आदर्श रूप  से देखे जायेगे ।समाज के लिए प्रेरणा श्रोत रहेगे ।

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                      नई दिल्ली में आयोजित SKOCH Awards के 106वें संस्करण में जनपद उत्तरकाशी को ‘वेस्ट टू रिसोर्स’ प्रोजेक्ट के लिए सम्मानित किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं की आर्थिकी को सशक्त बनाने की दिशा में एक सफल मॉडल के रूप में उभरी है।


    जिलाधिकारी के निर्देशन में रीप (REAP) परियोजना के अंतर्गत संचालित इस अभियान के तहत पिछले वर्ष गंगोत्री धाम और यमुनोत्री धाम से श्रद्धालुओं द्वारा प्रवाहित किए गए 15 टन से अधिक वस्त्र एकत्र किए गए। इन वस्त्रों को स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने इकट्ठा कर उनसे फाइल फोल्डर, दरी, मैट जैसे उपयोगी उत्पाद तैयार किए।
    महिलाओं को तैयार उत्पादों के लिए बाजार उपलब्ध कराने हेतु जिलाधिकारी ने सभी विभागों से अपील की कि वे स्थानीय स्तर पर बने फाइल फोल्डर्स का उपयोग करें। त्रिस्तरीय चुनावों में इन उत्पादों के उपयोग की पहल से शुरुआती चरण में ही महिलाओं को 3 लाख रुपये से अधिक के ऑर्डर प्राप्त हुए, जिससे उनका मनोबल बढ़ा और आय के नए अवसर बने।


    यह पहल न केवल महिलाओं को रोजगार देने में सफल रही, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण साबित हुई। नदियों में प्रवाहित किए जाने वाले रंगीन वस्त्रों में मौजूद हानिकारक रसायन जल प्रदूषण और जैव विविधता पर प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं। इस परियोजना ने इस समस्या को कम करने में प्रभावी योगदान दिया है।


    योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए जिलाधिकारी ने स्वयं महिलाओं से संवाद किया और जिला परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय को जिम्मेदारी सौंपी। उनके मार्गदर्शन में महिलाओं ने बेहतर डिजाइन और गुणवत्ता वाले उत्पाद तैयार कर बाजार तक पहुंच बनाई।
    जिलाधिकारी ने इस उपलब्धि का श्रेय स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को देते हुए कहा कि उनके प्रयासों ने एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया है। साथ ही रीप परियोजना की कार्यक्षमता और प्रोफेशनल स्टाफ की भी सराहना की गई।
    इस पुरस्कार को प्राप्त करने हेतु कपिल उपाध्याय को नामित किया गया, जिन्होंने जूरी के समक्ष कई चरणों में प्रोजेक्ट का प्रस्तुतीकरण किया। अंततः इस नवाचार को पुरस्कार के लिए चुना गया। यह सम्मान इंडिया हैबिटेट सेंटर में आयोजित समारोह में प्रदान किया गया, जहां देशभर से विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
    गौरतलब है कि स्कॉच अवार्ड वर्ष 2003 से विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली संस्थाओं को दिया जाता है। इस बार उत्तरकाशी की इस पहल ने उत्तराखंड को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाई है ।

  • पुरोला (उत्तरकाशी): तहसील पुरोला के अंतर्गत थली नौगांव के पास एक आल्टो कार के दुर्घटनाग्रस्त होने का दुखद समाचार प्राप्त हुआ है। इस हादसे में वाहन चालक की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई।
    शुक्रवार दोपहर लगभग 12:30 बजे ‘डेल्टा’ के माध्यम से सूचना प्राप्त हुई कि तहसील पुरोला के थली नौगांव के पास एक आल्टो कार अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ (SDRF) और स्थानीय पुलिस की टीमें तुरंत घटनास्थल के लिए रवाना हुईं।


    मौके पर पहुँची बचाव टीमों ने पाया कि वाहन में केवल चालक ही सवार था। दुर्घटना इतनी भीषण थी कि चालक की मौके पर ही जान चली गई। पुलिस और SDRF की टीम ने काफी मशक्कत के बाद शव को रेस्क्यू कर बाहर निकला गया।


    पुलिस प्रशासन द्वारा मृतक की पहचान की जा रही है और परिजनों को सूचित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। दुर्घटना के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, पुलिस मामले की जांच कर रही है।

  • किरूण गांव मे शराब मुक्त समाज की ओर बढ़ते कदम, नियमों के उल्लंघन पर भारी अर्थदंड का प्रावधान

    ग्राम पंचायत मजकोट पिपली के राजस्व ग्राम किरूण में सामाजिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम उठाया गया है। बीते बुधवार को माँ राजराजेश्वरी मंदिर प्रांगण में आयोजित एक विशेष बैठक में ग्रामवासियों और विशेषकर महिला शक्ति ने सर्वसम्मति से गांव में पूर्ण शराबबंदी लागू करने का ऐतिहासिक फैसला लिया है।


    ग्राम प्रधान श्रीमती वंदना अमित राणा के नेतृत्व में लिए गए इस निर्णय के अनुसार, आगामी 1 अप्रैल 2026 से गांव के किसी भी पारिवारिक या सार्वजनिक कार्यक्रम (शादी, मेहंदी, मुंडन, जन्मदिन आदि) में शराब परोसना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।
    यदि कोई परिवार शादी या किसी उत्सव में शराब परोसता पाया जाता है, तो उस पर 51,000 रुपये का भारी अर्थदंड लगाया जाएगा।
    समारोह में शराब पीकर हुड़दंग या अभद्र व्यवहार करने वाले व्यक्ति पर 2,100 रुपये का जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
    सुरक्षा के मद्देनजर, बिना ग्राम प्रधान की अनुमति के किसी भी बाहरी फेरीवाले का गांव में प्रवेश वर्जित होगा। नियम तोड़ने पर 500 रुपये का दंड देना हेगा


    इस मुहिम को धरातल पर उतारने और नियमों का पालन सुनिश्चित करने का पूरा अधिकार महिला मंगल दल की टीम को दिया गया है। बैठक में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव समेत पूरी टीम ने गांव को नशा मुक्त बनाने की शपथ ली।
    ग्राम प्रधान वंदना अमित राणा ने इस फैसले का समर्थन करने के लिए समस्त ग्रामवासियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह निर्णय आने वाली पीढ़ी के भविष्य को सुरक्षित करने और गांव की सुख-शांति के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

  • अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को खुलेगा यमुनोत्री धाम का द्वार, तय हुआ कपाट खुलने का शुभ मुहूर्त

    विश्व प्रसिद्ध चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव, यमुनोत्री धाम के ग्रीष्मकालीन कपाट खुलने की तिथि और शुभ मुहूर्त की घोषणा कर दी गई है। यमुनोत्री मंदिर समिति और तीर्थ पुरोहित समाज की एक महत्वपूर्ण बैठक में पंचांग गणना के बाद सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया।


    निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वैशाख मास की अक्षय तृतीया (शुक्ल पक्ष) के पावन पर्व पर 19 अप्रैल (रविवार) को माँ यमुना के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। ज्योतिषीय गणना के आधार पर, इस दिन कृतिका नक्षत्र, कर्क लग्न और आयुष्मान योग का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है। माँ यमुना के कपाट ठीक दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर वैदिक मंत्रोच्चारण और विधि-विधान के साथ खोले जाएंगे।


    मंदिर समिति के सचिव सुनील उनियाल ने जानकारी देते हुए बताया कि कपाट खुलने की पूरी प्रक्रिया धार्मिक परंपराओं और शास्त्रों के अनुसार संपन्न होगी। यमुनोत्री धाम के पुरोहित एवं प्रवक्ता पुरुषोत्तम उनियाल ने कहा कि अक्षय तृतीया का दिन सनातन धर्म में अत्यंत फलदायी माना जाता है, इसलिए इस विशेष अवसर पर दर्शन के लिए देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।


    यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के साथ ही प्रदेश में इस वर्ष की चारधाम यात्रा का भी औपचारिक आगाज़ हो जाएगा। कपाट उद्घाटन के दौरान भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल और यात्रा मार्ग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करना शुरू कर दिया है। कपाट खुलने से न केवल धार्मिक उत्साह बढ़ेगा, बल्कि उत्तराखंड में पर्यटन और स्थानीय रोजगार को भी नई गति मिलने की संभावना है।

  • चैत्र नवरात्रि के पावन अवसर पर गुरुवार को बीरपुर क्षेत्र में भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। वासंती नवरात्रि के प्रथम दिन, मां शैलपुत्री की पूजा के साथ ही क्षेत्र में भव्य कलश यात्रा निकालकर नवरात्रों का विधिवत शुभारंभ किया गया।
    सुबह से ही माता रंगाली देवी मंदिर में  में श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।

    मुख्य मंदिर परिसर से शुरू हुई इस कलश यात्रा में सैकड़ों की संख्या में महिलाएं और कन्याएं पारंपरिक वेशभूषा में शामिल हुईं। सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं मंगल गीत गाती हुई चल रही थीं। ढोल-नगाड़ों की थाप और ‘जय माता दी’ के उद्घोष से पूरा बीरपुर कस्बा भक्तिमय हो गया।


    कलश यात्रा नगर के मुख्य मार्गों से होते हुए गुजरी, जहाँ जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने क्षेत्र की सुख, शांति और समृद्धि के लिए मां भगवती से प्रार्थना की। यात्रा के समापन के पश्चात विद्वान पंडितों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिरों और घरों में घटस्थापना (कलश स्थापना) की गई।



    कलश यात्रा के साथ ही नौ दिवसीय शक्ति उपासना का पर्व शुरू हो गया है। स्थानीय मंदिर समिति के सदस्यों ने बताया कि नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन विशेष आरती, भजन कीर्तन और माता के विभिन्न स्वरूपों का श्रृंगार किया जाएगा। अष्टमी और नवमी तिथि को विशाल भंडारे और कन्या पूजन का भी आयोजन प्रस्तावित है।

  • जनपद के तेखला-माण्डो बाईपास मार्ग पर बीती रात एक दर्दनाक सड़क हादसा पेश आया है। यहाँ ग्राम माण्डो के समीप एक मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर गहरी खाई को पार करते हुए सीधे भागीरथी नदी में जा गिरी। इस भीषण दुर्घटना में बाइक सवार की मौके पर ही मौत हो गई।



    प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुर्घटना सोमवार देर रात की बताई जा रही है। मंगलवार सुबह सूचना मिलते ही जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र (DEOC) के निर्देश पर पुलिस, SDRF और आपदा प्रबंधन की टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। घटनास्थल पर पहुँची टीमों ने दुर्गम परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान चलाया और कड़ी मशक्कत के बाद शव को नदी के किनारे से मुख्य सड़क तक पहुँचाया।


    हादसे में जान गंवाने वाले व्यक्ति की पहचान 39 वर्षीय विजय थाप पुत्र श्री राम सिंह थाप के रूप में हुई है। मृतक मूल रूप से नेपाली निवासी थे और वर्तमान में जनपद के ग्राम बार्सू में रह रहे थे।
    अस्पताल भेजा गया शव
    घटनास्थल पर राहत कार्यों के बाद शव को मॉर्चरी वाहन की मदद से जिला अस्पताल उत्तरकाशी लाया गया है। जहाँ पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम की कार्यवाही की जाएगी। पुलिस प्रशासन अब दुर्घटना के सही कारणों का पता लगाने में जुट गया है कि आखिर बाइक किस वजह से अनियंत्रित हुई।