उत्तरकाशी पुलिस द्वारा अवैध नशे के सौदागरों के विरुद्ध चलाये जा रहे नशामुक्त अभियान के अन्तर्गत पुलिस उपाधीक्षक बडकोट देवेन्द्र सिंह नेगी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष मोरी रणवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में मोरी पुलिस टीम द्वारा गत बृहस्पतिवार की देर सायं को मोरी-सांकरी रोड पर मियांगाड पुल के पास से चैकिंग के दौरान शाहरुख खान पुत्र हबीब खान निवासी ग्राम हातरा थाना बजौर बदांयू उत्तर-प्रदेश उम्र- 26, वर्ष हाल पटेलनगर देहरादून एंव नौशाद पुत्र जहीर अहमद निवासी सकुन्तला कॉलोनी पटेलनगर देहरादून उम्र- 25 वर्ष नाम के दो युवकों को वाहन संख्या UK07BS-9362 (मो0सा0) से अवैध चरस का परिवहन करते हुये गिरफ्तार किया गया
, जिनके कब्जे से 636 ग्राम अवैध चरस बरामद की गयी ।कीमत लगभग एक लाख बीस हजार बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर उक्त दोनों युवकों के विरुद्ध थाना मोरी पर 8/20/60 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्तगणों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम 👇 👉अ0उ0नि0 अजीत सिंह बुटोला 👉कानि0महिदेव सिहं चौहान 👉कानि 0अरविन्द
ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन -2025 के अंतर्गत चलाये जा रहे नशामुक्त अभियान के तहत उत्तरकाशी पुलिस द्वारा अवैध नशे व मादक पदार्थो के कारोबार संलिप्त लोगो पर लगातार कार्रवाई की जा रही है।
इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक बडकोट, देवेन्द्र सिंह नेगी के निकट पर्यवेक्षण मे थाना बडकोट व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा अवैध नशे पर कार्रवाई करते हुये एक चरस तस्कर को गिरफ्तार किया गया है।
प्रभारी निरीक्षक एसओजी, प्रमोद उनियाल एवं थानाध्यक्ष बडकोट दीपक कठैत के नेतृत्व में थाना बडकोट व एसओजी की संयुक्त टीम द्वारा एक सटीक जानकारी जुटाते हुये कल 5 फरवरी 2025 की सांय को चैकिंग के दौरान बडकोट, कृष्णा खड्ड के पास से आलोक कुमार पुत्र दिल्लू लाल निवासी गुफियारा, उत्तरकाशी, उम्र 25 वर्ष को अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया गया।
जिसके कब्जे से 937 ग्राम चरस बरामद की गयी।जिसकी कीमत लगभग दो लाख रुपये बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर उक्त युवक के विरुद्ध थाना बडकोट पर 8/20/ NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्त के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी है।
पुलिस टीम 👇 👉उ0नि0गम्भीर सिहं तोमर 👉हेoकानिoअर्जुन सिंह 👉हे0का0सुरेश 👉एस ओजी टीम
उत्तरकाशी नगर के ज्ञानसू बाजार में भवन निर्माण सामग्री सड़क किनारे रखे जाने के कारण यातायात प्रभावित होने तथा सड़क पर पानी जमा होने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाने का निश्चय करते हुए भवन स्वामियों को आगाह किया है कि वह सड़क व नालियो से अपना सामान तुरंत हटा लें। ऐसा न किये जाने पर उक्त सामग्री प्रशासन द्वारा हटवाकर सम्बन्धित लोगों के विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने ज्ञानसू में सड़क की स्थिति को सुधारने हेतु बीआरओ को कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
बीआरओ के अधिकारियों ने अवगत कराया है कि ज्ञानसू में नालियों के अवरुद्ध किये जाने तथा निर्माण सामग्री सड़क पर रखे जाने के कारण व सड़क पर पानी बहने के कारण यातायात प्रभावित होने के साथ ही सड़क की सतह बार बार इन्हीं स्थानों पर खराब होती है।
जिसकी पुष्टि के लिए मौके की फोटोग्राफी भी की गई है। बीआरओ ने भवन निर्माताओं से अपेक्षा की है कि वह अपना सामान सड़क व नाली से हटा लें।
ताकि सड़क पर गड्ढे भरने का काम पूरा कर सड़क को क्षतिग्रस्त होने से बचाया जा सके। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सड़क पर निर्माण सामग्री रखने और नालियो को बंद कर सड़क को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों के विरूद्ध कार्रवाई करने के निर्देश देते हुए पेयजल लाइनों से होने वाले रिसाव को भी तुरंत रोकने के उपाय सुनिश्चित करने की हिदायत दी है।
महाराणा प्रताप स्पोर्ट कांलेज के त्रिशुला हाँल मे आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल मे पंजाब की सिफ्त कौर सामरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए महिला 50मीटर 3 पोजीशन शूटिंग इवेंट में स्वर्ण पदक हासिल किया। पंजाब की ही अंजुम मौदगिल ने रजत पदक जीता, जबकि तेलंगाना की सुरभि भारद्वाज रपोले को कांस्या पदक मिला।
शीर्ष निशानेबाजों के इस कड़े मुकाबले में केरल की विदर्शा विनोद ने नील (kneel) पोजीशन के बाद बढ़त बना ली थी, लेकिन अंत तक उसे बरकरार नही रख सकी सिफ़्त कौर सामरा ने 461.2 के स्कोर के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि अंजुम मौदगिल ने 458.7के स्कोर के साथ रजत पदक जबकि सुरभि भारद्वाज रपोले ने448.8 के स्कोर के साथ कांस्य पदक
पुरुषों की 10मीटर पिस्टल स्पर्धा में कर्नाटक के जोनाथन एंथनी ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि सर्विसेज के दो शूटर रविंदर सिंह और गुरप्रीत सिंह ने रजत और कांस्य पदक अपने नाम किया। 38वें राष्ट्रीय खेल में देश के बेहतरीन एथलीट लगातार अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन कर रहे हैं।और अलग-अलग स्पर्धाओं में रोमांचक मुकाबले देखने को मिल रहे हैं।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज परेड ग्राउण्ड, देहरादून में 38वें राष्ट्रीय खेल-2025 के अन्तर्गत आयोजित बैडमिंटन प्रतियोगिता का अवलोकन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विजेता खिलाड़ियों को मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से मुलाकात कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।
38वें राष्ट्रीय खेलों के अंतर्गत उत्तराखण्ड के सूर्यांश रावत एवं तमिलनाडु के सतीश कुमार के बीच मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता का फाइनल मैच खेला गया। जिसमें 21/21 , 21/17 से तमिलनाडु के सतीश कुमार ने विजय प्राप्त की। मुख्यमंत्री ने मेन्स सिंगल बैडमिंटन प्रतियोगिता के विजेता तमिलनाडु के सतीश कुमार को गोल्ड एवं उत्तराखण्ड के सूर्यांश रावत को सिल्वर मेडल पहनाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न राज्यों से आए खिलाड़ियों से बातचीत कर 38वें राष्ट्रीय खेलों के बारे में उनके अनुभव भी जाने। खिलाड़ियों ने भी उत्तराखण्ड के नैसर्गिक सौंदर्य की जमकर तारीफ की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 38वें राष्ट्रीय खेलों को आयोजित करना, हमारे राज्य के प्रत्येक नागरिक के लिए सौभाग्य की बात है। हमारा राज्य अब देवभूमि के साथ-साथ खेलभूमि के रूप में भी जाना जाएगा। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय खेलों को लेकर राज्य भर में खेलों की अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिये महत्वपूर्ण कार्य हुए हैं। कई खेल मैदानों को विकसित किया गया है। इससे भविष्य में भी खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
मुख्यमंत्री ने राज्यवासियों से राष्ट्रीय खेलों का अवलोकन कर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हमें युवाओं को अधिक से अधिक खेलों की ओर आगे बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेलों के आयोजन से उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं पारम्परिक लोक संस्कृति, खानपान से भी देश भर के खिलाड़ी परिचित हो रहे हैं।
इस अवसर पर विधायक खजान दास, उपाध्यक्ष अवस्थापना अनुश्रवण परिषद विश्वास डाबर, प्रमुख सचिव आर के सुधांशु, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को मुख्यमंत्री आवास स्थित कैम्प कार्यालय में शीतकालीन यात्रा पर आधारित गीत ‘देवभूमि आओ-उत्तराखण्ड आओ’ के पोस्टर का विमोचन करते हुए गीत को यू-ट्यूब पर लांच किया। मुख्यमंत्री ने इस गीत की सराहना करते हुए राज्य सरकार द्वारा इस वर्ष से प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के प्रचार-प्रसार एवं उत्तराखण्ड की आध्यात्मिक और नैसर्गिक सुंदरता के परिप्रेक्ष्य में भी इस प्रयास को प्रासंगिक बताया।
मुख्यमंत्री ने तीर्थाटन एवं शीतकालीन यात्रा हेतु श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से वर्ष भर उत्तराखण्ड आकर शीतकालीन प्रवास स्थलों में दर्शन करने की अपील करते हुए कहा कि इसके लिए राज्य सरकार द्वारा व्यापक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। उन्होंने कहा कि इससे पूर्व चारधाम यात्रा ग्रीष्मकाल में ही संचालित होती थी, अब शीतकालीन प्रवास स्थलों पर भी दर्शन की व्यवस्था की गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि शीतकालीन यात्रा राज्य की आर्थिकी को बढ़ावा देने में भी मददगार होगी। उन्होंने कहा कि गीत अत्यन्त मधुर है तथा उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता, आध्यात्म एवं यहां के पवित्र धामों व मंदिरों से आम जनमानस को जोड़ते हुए उन्हें देवभूमि उत्तराखण्ड आने को भी यह प्रयास प्रेरित करेगा।
इस गीत को गीतकार व गायक भूपेन्द्र बसेड़ा द्वारा तैयार किया गया है तथा नवोदित संगीतकार ललित गित्यार द्वारा संगीतबद्ध किया गया है। गीत के माध्यम से उत्तराखण्ड में प्रारम्भ की गयी शीतकालीन यात्रा के विशेष महत्व का उल्लेख करते हुए दर्शनार्थियों और पर्यटकों से देवभूमि उत्तराखण्ड आने तथा यहां के शीतकालीन प्रवास स्थलों के दर्शन कर पुण्य अर्जित करने का अनुरोध किया गया है।
इस गीत में उत्तराखण्ड के अन्य तीर्थस्थलों-यथा पंचकेदार, पंचबद्री, पंचप्रयाग, आदि कैलाश, ओम पर्वत, जागेश्वर, बागेश्वर, पूर्णागिरी, ऋषिकेश व हरिद्वार जैसे धामों व तीर्थस्थलों का उल्लेख करते हुए उत्तराखण्ड की नैसर्गिक सुंदरता से भरपूर कौसानी, मुक्तेश्वर, बिनसर, नैनीताल, मसूरी, चकराता व औली आदि स्थलों में आकर कुछ समय बिताने की अपील की गयी है।
गीत के विमोचन के अवसर पर अपर सचिव पन्ना लाल शुक्ल, श्री बदरीनाथ केदारनाथ मंदिर समिति के सचिव विजय थपलियाल आदि मौजूद थे।
बीते सप्ताह आपातकालीन चिकित्सा जरुरतों के मद्देनजर एम्स द्वारा संचालित संजीवनी हेली एंबुलेंस सेवा के माध्यम से तीन गंभीर श्रेणी के मरीजों को तत्काल सहायता उपलब्ध कराकर जीवन रक्षा की गई।
डॉक्टर उनियाल के मुताबिक मरीज की स्थिति के अनुसार समुचित उपचार दिया जा रहा है, फिलहाल मरीज की स्थिति पहले से काफी बेहतर है । दूसरी ओर जिला महिला अस्पताल, उत्तरकाशी से एक मरीज शीतल की जीवन रक्षा हेतु हेली एंबुलेंस सेवा की सूचना दी गई, बताया गया कि शीतल के प्रसव होने के बाद से लगातार रक्तस्राव हो रहा है , जिस कारण मरीज का हीमोग्लोबिन 3 ग्राम ही रह गया था, जिससे मरीज का ब्लड प्रेशर भी काफी कम हो गया था, मरीज की गंभीर स्थिति के मद्देनजर वहां के चिकित्सकों द्वारा उसे एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया, शीतल को तत्काल स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉक्टर दीक्षा और हेम्स टीम की नर्सिंग अधिकारी मेघा भट्ट की निगरानी में हेली एंबुलेंस द्वारा एम्स ऋषिकेश लाया गया , मरीज को गायनी विभाग की डॉक्टर पूनम के अंडर भर्ती कराकर समुचित उपचार दिया गया।
चिकित्सकों ने अब मरीज की स्थिति में काफी सुधार बताया है । उधर, बीते शुक्रवार को श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से सुरेंद्र नामक मरीज जिनको लगातार मिर्गी के दौरे और उच्च रक्तचाप के कारण जान का खतरा बना हुआ था, मरीज को संजीवनी हेली एंबुलेंस द्वारा इमरजेंसी मेडिसिन के डॉक्टर जितेंद्र एवं टीम हेम्स के नर्सिंग अधिकारी महेंद्र चौधरी की देखरेख में एम्स लाकर इमरजेंसी मेडिसिन विभागाध्यक्ष डॉ. निधि कैले के अंडर भर्ती कर तत्काल इलाज प्रारंभ किया गया, चिकित्सकों ने अब मरीज की स्थिति में काफी सुधार बताया है ।
गौरतलब है कि भारत वर्ष की प्रथम निःशुल्क हेली एंबुलेंस सेवा एम्स ऋषिकेश, उत्तराखंड में प्रारंभ की गई है, जो कि पहाड़ों से मरीजों को एम्स ऋषिकेश लाकर जीवन रक्षा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। बताया गया है कि कोई भी व्यक्ति अपने आसपास के गंभीर बीमार घायलों के तत्काल उपचार के लिए जिला चिकित्सालय अथवा जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय से सहयोग ले सकते हैं।
इंसेट क्या कहती हैं एम्स निदेशक
पहाड़ों के लिए संजीवनी हेली एंबुलेंस सेवा एक वरदान साबित हो रही है, जिससे कई मरीजों के जीवन को हेली एंबुलेंस से एम्स अस्पताल पहुंचाकर तत्काल इलाज मिलने से जीवनदान मिल रहा है। यह भारत सरकार की पहली निःशुल्क हेली एंबुलेंस सेवा इसी प्रकार सदैव गंभीर मरीजों के हित में कार्य करती रहेगी ।
राज्य सरकार के सहयोग से संचालित एम्स की इमरजेंसी हेली एंबुलेंस सेवा विभाग के नोडल अधिकारी डॉ. मधुर उनियाल के अनुसार बीते सप्ताह बृहस्पतिवार को जिला चमोली के गोपेश्वर में हुए दर्दनाक हादसे में वन्य जीव भालू ने पेशेंट दयाराम को जानलेवा हमला कर गंभीररूप से घायल कर दिया। उनका पूरा चेहरा बिगाड़ दिया, पेशेंट के पूरे चेहरे पर गंभीर चोटें थी, जिससे उनका चेहरा पहचानने लायक नहीं रहा। भालू के हमले में गंभीर घायल मरीज को स्थानीय लोगों द्वारा समीपवर्ती अस्पताल में पहुंचाया गया, जहां से चिकित्सकों ने मरीज की अत्यधिक गंभीर स्थिति देखकर तत्काल एम्स ऋषिकेश ट्रॉमा सेंटर को सूचना दी। जहां से ट्रॉमा स्पेशलिस्ट द्वारा मरीज के सांस द्वार को सुरक्षित एवं ऑक्सीजन देने की सलाह दी गई। इसके बाद मरीज को हेली एंबुलेंस द्वारा ट्रॉमा सर्जरी स्पेशलिस्ट डॉक्टर रूबी कटारिया एवं टीम हेम्स के नर्सिंग अधिकारी मनोज कुमार की देखरेख में एम्स ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया एवं ट्रॉमा विशेषज्ञ डॉक्टर मधुर उनियाल के अंडर भर्ती किया गया एवं पेशेंट की तत्काल सभी जरुरी परीक्षण कराए गए।
गंगोत्री व उसके आसपास देर रात से मौसम का मिजाज अचानक बिगड़ जाने से देर रात गंगोत्री यमनोत्री में बर्फबारी हुई। सुबह लोगों ने जब अपने दरवाजे खोले तो बर्फ के दीदार हुए।
चारों पहाड़ो में बर्फ ऐसी बिछी हुई थी जैसे सफेद चांदी दिखाई दे रही हो। यहाँ फिर अचानक गंगोत्री में बर्फबारी हुई। जिससे पर्यटकों के चेहरे में मुस्कान देखी गई।
वही बर्फ से ठंड का प्रकोप भी जारी हो गया। सुबह से जन जीवन अस्त व्यस्त हो गया। सुबह से आसमान में हल्के बादलों के साथ ठंडी हवाओं का दौर जारी है। ऊँचाई वाले स्थानों में जमकर हिमपात हुआ है । होटल में रुके पर्यटकों ने जमकर सुबह सुबह बर्फ के दर्शन किये।