जनपद स्थापना दिवश उद्धघाटन पर आयोजित होने वाले विकास मेले मे लोक गायक नत्थी लाल घलवान व लोक गायिका विनिता बनाली के गाये गीत का विडिओ एल्बम मां रेणुका देवी रिलीज़ की जायेगी।
जिसकी सूटिंग देवीधार डुंडा मे स्थिति मां रेणुका देवी मन्दिर की गई। लोक गायक नत्थी लाल घलवान ने बताया कि मां भगवती रेणुका देवी उत्तरकाशी के डुंडा ग्राम सभा मे मां का सुन्दर मँन्दिर स्थिति है। जहा प्रति दिन श्रद्धलु दर्शन करने आते है।
👆एल्बम सुटिंग 👆
गीत मे माँ का सुन्दर गुणगान किया गया है। साथ ही गीत मे माँ के ढेलवादक जगमोहन सुमनाल और मंन्दिर पुजारी जोशी बंन्धुओ का गुणगान किया है।
👆मां रेणुका मंन्दिर डुंडा 👆
सूटिंग के दौरान बडी संख्या मे भक्त व क्षेत्र के गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।उनके द्धारा माँ के गाये गीत की सरहना की गई। विडिओ सूटिंग के दौरान सुप्रसिद्ध लोक गायक अर्जुन सोमल्यट, लोक गायीका संगीता रावत, लोक गायक सुरति लाल मराठा ने प्रतिभाग कर अपना पूर्ण सहयोग दिया
इस अवसर पर पंडित बुद्धिब्लभ जोशी, पूर्व प्रमुख डुँडा कनकपाल सिहं परमार, मंन्दिर संरक्षक दिगपाल सिहं बिष्ट,समिति उपाध्यक्ष ओमप्रकाश भट्ट,वरिष्ठ पत्रकार कीर्तिनिधि सजवाण, पत्रकार नीलकमल निजोन,कलम सिहं गुसाई, गिरिश जोशी आदि मौजूद रहे।विडिओ का सुन्दर छायकंन रावत स्टुडिओ डुंडा किशोर रावत, व रिकार्डिस्ट सुनिल कुमार पहाड़ी स्टुडिओ चिन्याली सौडा के द्धारा किया गया।
इस गीत को मंन्दिर समिति अध्यक्ष राजदीप परमार व दिगपाल कुंवर के द्धारा गीत के सफल संचालन हेतू पूर्ण सहयोग किया गया।
38वें राष्ट्रीय खेल में लोगों के आकर्षण का मुख्य केन्द्र रहा शुभंकर “मौली” राष्ट्रीय खेलों के समापन के बाद सीएम आवास पहुंचा। मुख्यमंत्री ने सीएम आवास में मौली का स्वागत किया। राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर प्रतीक “मौली” (मोनाल पक्षी) देशभर में चर्चा का केन्द्र रहा है।
उत्तराखण्ड में आयोजित राष्ट्रीय खेलों का शुभंकर मौली राज्य के हर जनपद में भव्य स्वागत हुआ। मुख्यमंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय खेल के दौरान मौली की सक्रियता ने सबका दिल जीतने का कार्य किया। उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी मोनाल की विशिष्टता से देशभर के लोग परिचित हुए।
38वें राष्ट्रीय खेल ने उत्तराखण्ड को देवभूमि और वीरभूमि के साथ ही खेल भूमि के रूप में नई पहचान दिलाई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य में खेल इन्फ्रास्टक्चर का तेजी से विकास और नई खेल नीति के परिणाम स्वरूप राज्य के खिलाड़ियों द्वारा 38वें राष्ट्रीय खेलों में शानदार प्रदर्शन कर 103 पदक हासिल कर देशभर में शीर्ष सात राज्यों की श्रेणी में स्थान प्राप्त किया है। 37वें राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखण्ड 25वें स्थान पर था।
उत्तराखण्ड में हुए 38 वें राष्ट्रीय खेल ग्रीन गेम्स, ई-वेस्ट से बनाये गये मेडल और पदक विजेता खिलाड़ियों के नाम से पौध रोपण के लिए भी याद किया जाएगा।
विधायक पुरोला दुर्गेश्वरक्ष लाल ने मोरी विकास खण्ड के वन विश्राम गृह नेटवाड में आयोजित कार्यक्रम न्याय पंचायत जखोल,दौणी एवं सिंगतूर पट्टी के कुल 37 ग्राम पंचायतों के महिला मंगल दलों को अपनी विधायक निधि से सामुहिक कार्यक्रमों के लिए कुर्सियां,प्रेशर कुकर, भगोने,परात,टेंट, कड़ाई,दरी, ढोलक करतार आदि वितरित किये।
इस दौरान महिला मंगल दलों की सौंकड़ो महिलाएं दूर दराज से पहुंची और इस पहल के लिए विधायक का आभार जताया, और कहा कि इस सामग्री से गांव में आयोजित विवाह एवं अन्य आयोजने में सुलभता होगी।
👆विधायक दुर्गेश लाल पुरोला 👆
इस दौरान पुरोला विधायक ने कहा कि अपनी विधायक निधि से पहले चरण में युवा कल्याण विभाग में जो पंजीकृत महिला मंगल दलों के माध्यम से ग्राम पंचायतों को सामुहिक कार्यक्रमों के कुशल संपादन के लिए टैंट बर्तन इत्यादि सामाग्री बांटी जा रही है ताकि महिलाओं को कार्यक्रम आयोजित करने में सरलता होगी
और कहा मोदी एवं धामी के नेतृत्व में महिलाओं के उत्थान के लिये विभिन्न लोक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। साथ ही महिलाओं के संरक्षण तथा शोषण को रोकने के ऐतिहासिक कानून बनाए गए हैं।
और उन्होंने वर्तमान सरकार के दौरान हो रहे विभिन्न विकास कार्यों को गिनाया। इस दौरान मोरी ब्लॉक प्रमुख भी मौजूद रहे।
अवैध कच्ची शराब के विरुद्ध कार्यवाही करते हुये। थाना पुरोला पुलिस टीम के द्धारा चौकिंग के दौरान खांसी मोडं बलाडी गांव की छानी जाने वाले रास्ते (नौगांव) से एक महिला अभियुक्ता को 05 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ गिरफ्तार किया गया।
अभियुक्त के विरुद्ध थाना पुरोला पर अबकारी अधि 0 की धारा60 (1)के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मोरी पुलिस ने चरस की तस्करी कर रहे दो युवकों को किया गिरफ्तार
ड्रग्स फ्री देवभूमि मिशन-2025 के दृष्टिगत पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी, श्रीमती सरिता डोबाल के दिशा-निर्देशन में उत्तरकाशी पुलिस द्वारा अवैध नशे के सौदागरों के विरुद्ध चलाये जा रहे नशामुक्त अभियान के अन्तर्गत पुलिस उपाधीक्षक बडकोट देवेन्द्र सिंह नेगी के पर्यवेक्षण तथा थानाध्यक्ष मोरी रणवीर सिंह चौहान के नेतृत्व में मोरी पुलिस टीम द्वारा आज की प्रातः को चैकिंग के दौरान मोरी बाजार से वशं राजपूत पुत्र अतुल कुमार निवासी आमखेड़ा धामपुर जिला बिजनौर उत्तर-प्रदेश उम्र- 30 वर्ष आयुष शर्मा पुत्र अतेन्द्र कुमार निवासी संजय कॉलोनी गुरु रोड़ पटेल नगर देहरादून उम्र- 25 वर्ष को वाहन संख्या UP20CF-8773 (बुलेट) से अवैध चरस का परिवहन करते हुये गिरफ्तार किया गया।
जिनके कब्जे से 425 ग्राम अवैध चरस बरामद की गयी । (जिसकी कीमत लगभग ₹100000 रुपये ) बरामदगी व गिरफ्तारी के आधार पर उक्त दोनों युवकों के विरुद्ध थाना मोरी पर 8/20/60 NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। अभियुक्तगणों के आपराधिक इतिहास की जानकारी जुटाई जा रही है। अग्रिम विधिक कार्यवाही जारी
एम्स दिल्ली व पीजीए चंडीगढ़ की तरह इस संस्थान में भी ब्रेन व स्पाइन की खून की नसों से संबंधित बीमारियों का बिना चीर फाड़ के उपचार
आयुष्मान भारत योजना में मिल रहा है निशुल्क इलाज
एम्स,ऋषिकेश की कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह के निर्देशन में संस्थान के इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग में उच्च तकनीकी वाले न्यूरो इंटरवेंशन जैसे कैरोटिड स्टेंटिंग (खून की नस में सिकुड़न ) ए.वी.एम व ए.वी.एफ( खून की नसों का गुच्छा) , स्ट्रोक (लकवा) एन्यूरिजम (खून की नसों का गुब्बारा व नसों का फटना) समेत कई अन्य तरह की बीमारियों का बिना किसी चीरफाड़ के इलाज उपलब्ध है। बताया गया है कि यह उपचार एम्स अस्पताल में मरीजों को बीते आठ महीने से आयुष्मान भारत योजना के तहत निशुल्क दिया जा रहा है। संस्थान में यह कार्य दिल्ली एम्स से प्रशिक्षित एवं वर्तमान में एम्स ऋषिकेश के इंटरवेंशन रेडियोलॉजी विभाग (भूतल बी- ब्लॉक) में कार्यरत सहायक आचार्य डॉ. बी.डी. चारण (डी.एम. न्यूरोइंटरवेंशन) द्वारा मरीजों में इस तरह की बीमारियों के उपचार को अंजाम दिया जा रहा है। विषय विशेषज्ञ डॉ. बी.डी. चारण ने बताया कि विभाग की डीएसए लैब (पांचवीं मंजिल ) में उपचार की यह प्रक्रिया एनेस्थीसिया विभाग के सहयोग से संपन्न की जाती है, जिसमें अन्य विभागों जैसे जेरियाट्रिक मेडिसिन, ईएनटी, नेत्र विभाग, न्यूरोसाइंस व मेडिसिन आदि का भी योगदान रहता है।
इंसेट
क्या है इस उपचार की प्रक्रिया विधि
डॉ. चारण के मुताबिक इस विधि के तहत जांघ की खून की नस में 2 एमएम का पाइप डालकर ब्रेन तक पहुंच बनाई जाती है, उसके बाद बीमारी का बिना चीरफाड़ किए इलाज किया जाता है। उन्होंने बताया कि चूंकि इस उपचार में चीरफाड़ नहीं किया जाता है, लिहाजा मरीज को अस्पताल अथवा आईसीयू में निहायत कम समय तक ही रुकना पड़ता है और मरीज की जल्दी छुट्टी कर दी जाती है।
इंसेट क्या कहते हैं विभागीय चिकित्सक रेडियोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अंजुम सय्यद, डॉ. पंकज शर्मा, डॉ. उदित चौहान ने बताया कि हमारा विभाग ब्रेन व पूरे शरीर की खून की नसों से संबंधित बीमारियों का गुणवत्तापरक इलाज के लिए प्रतिबद्ध है।
अस्पताल में मरीजों को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने को संस्थान प्रतिबद्ध है। जिसके तहत संस्थागत स्तर पर लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं को विस्तार दिया जा रहा है। जिससे उत्तराखंड व समीपवर्ती राज्यों के मरीजों को गंभीर श्रेणी के इलाज के लिए अन्यत्र परेशान नहीं होना पड़े। प्रोफेसर (डॉ.) मीनू सिंह, कार्यकारी निदेशक एवं सीईओ, एम्स ऋषिकेश।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के शीतकालीन यात्रा के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर उत्तरकाशी जिले के हर्षिल-मुखवा क्षेत्र में तेजी से तैयारियां की जा रही है। प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए इस क्षेत्र को सजाया-संवारा जा रहा है और युद्ध स्तर पर सड़कों व पार्किंग के निर्माण के साथ ही अन्य तैयारियों को अंजाम दिया जा रहा है।
हर्षिल स्थित सेना के हेलीपैड तक बनाई जा रही सड़क के फिनिशिंग का काम भी अंतिम चरण में है और आज प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर चल रही तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट आज अपने वाहन से ही इस हेलीपैड तक पहॅुंचे।
सड़क न होने के कारण सेना के द्वारा संचालित इस हेलीपैड के लिए अभी तक पैदल ही आवागमन करना पड़ता था। सामरिक रूप से अत्यधिक महत्वपूर्ण सीमांत क्षेत्र के इस हेलीपैड के अब सड़क से जुड़ जाने के फलस्वरूप जहां सेना को काफी सहूलियत होगी वहीं अतिविशिष्ट-जनों का आवागमन भी सुविधाजनक हो जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दौरे को देखते हुए गंगाजी के शीतकालीन प्रवास स्थल मुखवा गांव में गंगा मंदिर की साज-सज्जा करने के साथ ही गांव के प्राचीन भवनों को संवारने का काम किया जा रहा है। मुखवा में मंदिर के पैदल मार्ग को नए सिरे से बनाने के साथ ही मंदिर के लिए सीढी का निर्माण कराया गया है। यह सभी काम अंतिम चरण में है।
प्रधानमंत्री यहां पर पूजा-अर्चना करने के बाद हिमालय और हर्षिल घाटी के मनोरम प्राकृतिक सौंदर्य का अवलोकन कर सकें, इसके लिए मंदिर परिसर में ही व्यू-प्वाइंट बनाया जा रहा है। मुखवा तक सड़क मार्ग को सुधारने व सुरक्षित बनाने के लिए अनेक कार्य कराए जा रहे हैं और गांव में पार्किंग का निर्माण भी अंतिम चरण में है।
जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट ने इन तमाम कार्यों का आज मौके पर जाकर निरीक्षण किया और अधिकारियों को पूरी तत्परता व गुणवत्ता से सभी कार्य अविलंब पूरा करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने पार्किंग स्थल पर स्मार्ट टॉयलेट बनाने के साथ ही पार्किंग की तरफ से मंदिर को जाने वाले पैदल मार्ग का सुधार किए जाने के भी निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ने मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के साथ ही गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष धर्मानंद सेमवाल तथा सचिव सुरेश सेमवाल एवं पंडा-पुजारियों के साथ बैठक कर प्रस्तावित कार्यक्रम की रूपरेखा व व्यवस्थाओं को लेकर विचार-विमर्श किया।
जिलाधिकारी ने कहा कि प्रधानमंत्री के आगमन पर मुखवा को भव्य तरीके से सजाया-संवारा जाएगा। मंदिर समिति के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के स्वागत को लेकर मंदिर समिति व ग्रामीणों के द्वारा की जा रही तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक मौके पर ग्रामीण प्रधानमंत्री के सम्मान में पारंपरिक नृत्यों की प्रस्तुति देने की तैयारी में भी जुटे हैं। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित भ्रमण को लेकर मुखवा गांव में उत्साह और उत्सव का माहौल है।
जिलाधिकारी ने हर्षिल में चल रहे कार्यों का निरीक्षण करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि वह निरंतर यहीं कैंप कर सभी कार्यों को युद्ध स्तर पर पूरा करवाएं और निरंतर तैयारियों व व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहें। जिलाधिकारी ने कहा कि उच्चाधिकारियों के द्वारा जल्द ही यहां आकर निरीक्षण किया जाएगा लिहाजा सभी काम एक सप्ताह के अंतर्गत पूरे कर लिए जांय।
जिलाधिकारी ने हर्षिल में कार्यक्रम स्थल, सड़क, पार्किंग आदि के कार्यों का निरीक्षण करने के साथ ही इस क्षेत्र की विद्युत व पेयजल आपूर्ति व्यवस्था, सफाई तथा टायलेट्स निर्माण के कार्यों का भी जायजा लिया और सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण एवं उत्तराखंड राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के तत्वावधान में आयोजित इस मॉक ड्रिल के तहत उत्तरकाशी जिले में भी तीन जगहों पर वनाग्नि नियंत्रण हेतु इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) की तैयारियों को परखा जाएगा।
जिसमे उत्तरकाशी जिले मे भटवाड़ी तहसील के अंतर्गत तीन स्थान साल्ड-जोंकाणी मोटर मार्ग, एनआईएम बैंड एवं एनएच-34 गंगोरी को चयनित किया गया है
इन तीनों जगहों पर 8 बजे से वनाग्नि की रोकथाम के लिए वनाग्नि नियंत्रण मॉक अभ्यास शुरू हो गया है।
जनपद के स्थान साल्ड-जोकाणी मार्ग, एनआईएम बैंड तथा NH 34 गंगोरी वन क्षेत्र में आग लगने के बनावटी परिदृश्य रचे गए हैं।
उक्त स्थानों पर वनाग्नि की सूचना मिली है ।
जिसे देखते हुए जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के निर्देशानुसार जिला स्तर पर इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) को सक्रिय कर सभी जिम्मेदार अधिकारियों को तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं।
👆 मॉक अभ्यास 👆
वनाग्नि नियंत्रण मॉक अभ्यास के निर्देशन हेतु जिलाधिकारी डॉ. मेहरबान सिंह बिष्ट के साथ ही पुलिस अधीक्षक श्रीमती सरिता डोबाल और इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम (आईआरएस) से संबंधित सभी अधिकारी जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र में मौजूद हैं।
आज बुद्धवार को सीमावर्ती क्षेत्र हर्षिल, बगोरी व मां गंगा के शीतकालीन प्रवास मुखबा में इसी माह संभावित प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सभी आवश्यक तैयारियों का स्थलीय निरीक्षण कर मुख्य विकास अधिकारी एस० एस० सेमवाल ने जायजा लिया।
बता दें कि सौन्दर्यीकरण, पेयजल, शौचालय, रंग- रोगन, सड़क मार्ग तथा सम्पर्क मार्गों में इन्टर लोकिंग ट्रयल आदि महत्वपूर्ण कार्य युद्ध स्तर पर क्रियान्वित किये जा रहे है।
👆मुख्य विकास अधिकारी एस0एस सेमवाल 👆
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने उपस्थित सम्बंधित अधिकारियों को सौंपे गये दायित्वों का कम समय में बेहतर रूप से निष्पादन को लेकर जरूरी निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री दौरे को लेकर सीमांत क्षेत्रवासी काफी उत्साहित है। उनके संभावित दौरे की तैयारियां का कार्य लगभग अन्तिम चरण में है। लोनिवि, उद्यान, पर्यटन, आजीविका, कृषि, स्वजल, ग्राम्य विकास, उद्योग आदि विभागों के अधिकारी इस कार्यक्रम को भव्यता प्रदान करने में निरन्तर योजनाबद्घ रूप से तैयार करने में जुटे है।
इस मौके पर जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, उद्योग महाप्रबंधक शैली डबराल, परियोजना प्रबंधक रीप कपिल उपाध्याय, स्वजल विशेषज्ञ पीएस मटूड़ा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
माँ रेणुका पर्यावरण संरक्षण संस्कृति समित डुंडा के द्धारा माँ रेणुका के प्रगाण मे मेला समिति के अध्यक्ष राजदीप सिहं परमार की अध्यक्षता मे 24 फरवरी2025को आयोजित होने वाले जनपद स्थापना दिवस की तैयारी को लेकर बैठक की गयी।
जिसमे जनपद के विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य व्यक्ति के द्धारा मेले को लेकर चर्चा व सुझाव दिये गये। मेला समिति के अध्यक्ष ने सभी जनप्रतिनिधियो व गणमान्य लोगो स्वागत किया और कहा की आप सभी के सुझाव जो मेले के भव्य रुप करने के लिये दिऐ गये।
👆अध्यक्ष राजदीप सिहं परमार👆
उन पर समिति के द्धाराअमल किया जायेगा,उन्होंने कहा की जो कमिया पुर्व मे रही होगी उन्हें समिति के द्धारा दूर किया जायेगा।
और मेले मे स्थानीय कलाकारों की प्राथमिकता दि जायेगी।तथा देव डोलियो के दर्शन व नृत्य समयबद्ध किया जायेगा।
उन्होंने कहा कि मेले समिति का विस्तार कर इसमे गंगा से लेकर यमुना तक के गणमान्य व्यक्तियों व , जनप्रतिनिधि जोडकर मेले को भव्य रुप दिया जायेगा।
इस वर्ष मेला पांच दिवासीय होगा।बैठक का सफल संचालन पदम दत्ता जोशी के द्धारा किया गया। बैठक मे ग्राम सभी रनाडी प्रधान जितेन्द्र चंद्र रमोला, बगोरी पूर्व प्रधान नारायण सिहं, नेगी, ओमप्रकाश भट्ट, नत्थीलाल घलवान, जिलापंचायत सदस्य मातली मनीषा राणा, दिगपाल सिहं कुवंर ,सभासद चिन्यालीसौड सिद्धार्थ नौटियाल,शुभंम पंवार व विभिन्न क्षेत्रों से आये गणमान्य लोग मैजूद रहे।