• उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    हमारी संस्कृति, परंपराओं  का जीवंत प्रतीक है माघ मेला: सजवाण

    माघ मेला में मीडिया की अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका सजवाण

    माघ मेला पांडव में हुआ पत्रकार गोष्टी का भव्य आयोजन

    उत्तरकाशी। पौराणिक माघ मेला (बाड़ाहाट कु थौलू) में आयोजित पत्रकार गोष्ठी में मेले के पारंपरिक स्वरूप को बनाए रखने पर जोर दिया गया। सोमवार को जिला पंचायत उत्तरकाशी द्वारा माघ मेले के अवसर पर भव्य पत्रकार गोष्ठी का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने संबोधित करते हुए कहा कि यह मेला हमारी संस्कृति, परंपरा एवं लोक आस्था का जीवंत प्रतीक है।

    उन्होंने मीडिया की भूमिका को मेले के सफल आयोजन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए पत्रकारों के सुझावों को सराहा और कहा कि ऐसे संवाद मेले को और प्रभावी बनाने में सहायक सिद्ध होते हैं।जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान ने जिले भर से आए पत्रकारों को शॉल ओढ़ाकर सम्मानित कर माघ मेला की बधाई दी। उन्होंने बाजारीकरण के दौर में मेले के पौराणिक स्वरूप को बरकरार रखने की आवश्यकता पर बल दिया। इसके लिए जिला पंचायत, प्रशासन और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयासों पर जोर देते हुए पत्रकारों के सुझावों पर अमल करने का आश्वासन दिया।

    प्रेस क्लब उत्तरकाशी के अध्यक्ष चिरंजीव सेमवाल और अन्य पत्रकारों ने मेले के पौराणिक व सांस्कृतिक स्वरूप को बनाए रखने पर जोर देते हुए विभिन्न आयामों पर विचार-विमर्श किया। उन्होंने लिखित सुझाव जिला पंचायत अध्यक्ष को सौंपे। इनमें जनपद के काश्तकारों के मुख्य व्यवसाय कृषि, बागवानी और पशुपालन को ध्यान में रखते हुए आगामी माघ मेला में इन क्षेत्रों की विशाल प्रदर्शनी लगाने का प्रस्ताव प्रमुख था।

    गोष्ठी में जिला पंचायत अध्यक्ष रमेश चौहान, पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, जिला पंचायत सदस्य विजय बंधानी, दीपेंद्र कोहली, श्रीमती कविता शाह, भाजपा जिला महामंत्री परशुराम जगूड़ी, शरत सिंह चौहान, प्रताप पंवार, प्रेस क्लब अध्यक्ष चिरंजीव सेमवाल, जिला पत्रकार संघ अध्यक्ष विवेक सजवाण, वरिष्ठ पत्रकार विजेंद्र सिंह रावत, सचिव दिग्वीर बिष्ट,

    उपाध्यक्ष शंकर दत्त घिल्डियाल, कीर्ति निधि सजवाण, दीपेंद्र कलूड़ा, अरविंद ज्याड़ा, शैलेंद्र भंडारी, रोहित बिजल्वाण, प्रताप, मनमोहन भट्ट, राजेंद्र थपलियाल, रविंद्र रावत, महामंत्री सूर्य प्रकाश, कोषाध्यक्ष सुभाष बडोनी, गणेश जोशी, सुमित कुमार, डॉ. विजेंद्र पोखरियाल, गोपाल नौटियाल सहित जिले भर के अनेक पत्रकार उपस्थित रहे। उन्होंने माघ मेला को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए। मंच संचालन वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चंद्र रमोला ने किया

  • उत्तकाशी विवेक सिंह सजवाण

    27,000 युवाओं को नौकरी, हाईकोर्ट फैसले के बाद 2,000 को जल्द मिलेगी नियुक्ति

    देवभूमि की संस्कृति से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं: सीएम धामी

    उत्तरकाशी के ऐतिहासिक माघ मेले (बाड़ाहाट कू थौलू) का 14 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कंडार देवता व हरि महाराज की डोलियों के सानिध्य में शुभारंभ किया। मकर संक्रांति पर भागीरथी स्नान, डोली नृत्य व रासो-तांदी ने धार्मिक छटा बिखेरी। रामलीला मैदान में सप्ताह भर चलने वाले इस मेले में घंडियाल, खंडद्वारी, राज-राजेश्वरी समेत अनेक देवडोलियां शामिल हुईं।मुख्यमंत्री ने मकर संक्रांति व माघ मेला की बधाई दी, इसे लोक आस्था का महाकुंभ बताया। उन्होंने उत्तरकाशी को आध्यात्मिक व विकासशील जनपद कहा


    विकास योजनाएं  विकास योजनाएं👇
    मुख्यमंत्री ने उत्तरकाशी के विकास कार्यों पर जोर दिया 👇
    👉1000 करोड़+ लागत से सड़क निर्माण/मरम्मत।
    👉23 करोड़ से 50 बेड क्रिटिकल केयर यूनिट।
    👉पुरोला में 46 करोड़ से उपजिला अस्पताल।
    👉सिल्क्यारा टनल पूर्ण होने पर 25 किमी दूरी कम,
    👉यमनोत्री हेलीपैड, सिंचाई व बाढ़ सुरक्षा कार्य।13 डिस्ट्रिक्ट-13 डेस्टिनेशन, वाइब्रेंट विलेज, जादूंग उत्सव मैदान।
    👉12,000 लखपति दीदियां, सतत विकास में उत्तरकाशी टॉप-3, रिवर्स माइग्रेशन बढ़ा।
    *संस्कृति संरक्षण व कानून*👇
    👉देवभूमि की संस्कृति से छेड़छाड़ अस्वीकार्य;
    👉दंगा विरोधी, धर्मांतरण, लव/लैंड जिहाद कानून, 1000+ एकड़ भूमि अतिक्रमण मुक्त।
    👉ऑपरेशन कालनेमी से पाखंडी सलाखों के पीछे;
    👉यूसीसी लागू, पहला राज्य।अंकिता भंडारी केस में CBI जांच, न्याय का वचन।

    👇 रोजगार व शासन 👇
    👉27,000+ युवाओं को नौकरी; हाईकोर्ट फैसले पर 2000 पुलिस भर्ती जल्द।
    👉नकल विरोधी कानून, जीरो टॉलरेंस पर भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई।


    मुख्यमंत्री ने शक्ति मंदिर व बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में पूजा की, संतों के आशीर्वचनों का लोकार्पण किया।

    संतों को सांस्कृतिक धरोहर बताया।उपस्थित: गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, पुरोला विधायक दुर्गेश्वर लाल, जिलाधिकारी प्रशांत आर्य, एसपी कमलेश उपाध्याय आदि।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    ऋषिकेश। एम्स ऋषिकेश के नए शोध ने मोटे अनाज (मिलेट) से बने लड्डुओं को युवा महिलाओं के लिए वरदान साबित किया है। इस अध्ययन में पाया गया कि इन लड्डुओं के नियमित सेवन से शरीर में आयरन और कैल्शियम का स्तर काफी बढ़ता है, बिना वजन बढ़ाए। कॉलेज ऑफ नर्सिंग की 100 से अधिक छात्राओं पर हुए इस शोध की अगुवाई प्रो. डॉ. स्मृति अरोड़ा ने की।मिलेट जैसे ज्वार, बाजरा, रागी, कोदो, कंगनी आदि प्रोटीन, फाइबर और खनिजों से भरपूर होते हैं। शोध में हॉस्टल रहने वाली 18-23 साल की नर्सिंग छात्राओं को दो समूहों में बांटा गया। एक समूह को 90 दिनों तक रोज 50 ग्राम मिलेट लड्डू (रागी, भुना चना, गुड़, घी से बने) दिए गए, जबकि दूसरे को सिर्फ रूटीन मेस फूड।शोध के प्रमुख नतीजे:प्रायोगिक समूह में हीमोग्लोबिन, सीरम फेरिटिन (आयरन स्टोर) और सीरम कैल्शियम में उल्लेखनीय वृद्धि।

    नियंत्रण समूह में कोई बदलाव नहीं, बल्कि फेरिटिन स्तर कम रहा।दोनों समूहों का बॉडी मास इंडेक्स (बीएमआई) स्थिर रहा।

    कार्यकारी निदेशक प्रो. मीनू सिंह ने शोध टीम की तारीफ की, जिसमें डॉ. पूर्वी कुलश्रेष्ठ, डॉ. रंजीता, डॉ. जेवियर वेल्सियाल और फासिया मदाला शामिल थे। प्रो. अरोड़ा ने कहा, “हॉस्टल छात्राओं में अनियमित खान-पान और मासिक धर्म से पोषक तत्वों की कमी आम है। मिलेट लड्डू किफायती और टिकाऊ समाधान हैं।”सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए मायने: यह शोध हॉस्टल मेस, स्कूल भोजन योजनाओं और सामुदायिक कार्यक्रमों में मिलेट स्नैक्स जोड़ने की सिफारिश करता है। उत्तराखंड जैसे क्षेत्रों में स्थानीय मिलेट्स का इस्तेमाल इससे आसान हो जाएगा।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    बड़कोट वन क्षेत्राधिकार रवांई रेंज अपर वन प्रभाग बड़कोट की ओर से प्राप्त जानकारी के अनुसार, आज प्रातः करीब 7 बजे ग्राम बड़कोट के नोनीयाली तोक में भालू ने श्रीमती अमरा देवी (पत्नी  गजेंद्र सिंह) पर अचानक हमला कर दिया।

    इस हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।स्थानीय ग्रामीणों ने घायल महिला को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बड़कोट पहुंचाया, जहां चिकित्सकों द्वारा उनका प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया गया है।

    वन क्षेत्र अधिकारी ने बताया कि चिकित्सकों की सलाह पर महिला को उच्चतर चिकित्सालय रेफर करने की प्रक्रिया चल रही है।घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम क्षेत्र में तैनात कर दी गई है। स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि जंगल क्षेत्रों में सतर्क रहें और अकेले न निकलें। आगे की कार्रवाई जारी है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर चल रहे ‘जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार’ अभियान के तहत आज सोमवार को विकासखंड डुंडा की न्याय पंचायत नाकुरी के राजकीय इंटर कॉलेज गढ़ बरसाली में विशाल शिविर लगा। गंगोत्री विधायक सुरेश चौहान, दर्जा राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार, अपर सचिव उत्तराखंड शासन नवनीत पांडेय और अपर जिलाधिकारी मुक्ता मिश्रा ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और स्टालों का निरीक्षण किया। शिविर में 1370 से अधिक लोग पहुंचे, जहां कृषि, समाज कल्याण, श्रम विभाग की योजनाओं की जानकारी दी गई।

    खंड विकास अधिकारी ने वीबी जी राम जी योजना का पोस्टर भी लॉन्च किया।शिविर में कुल 56 शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 48 का मौके पर ही निपटारा हो गया। मसलन, मांगलीसेरा में पटवारी चौकी पर कर्मचारी न बैठने की शिकायत पर अपर सचिव नवनीत पांडेय ने उपजिलाधिकारी डुंडा को निर्देश दिए। सिंगोट गांव में बिजली कनेक्शन की मांग पर विधायक सुरेश चौहान ने 15 दिनों में निपटान का आदेश दिया। पांव गांव में पीएमजीएसवाई सड़क से पानी की लाइन खराब होने पर तत्काल सुधार के निर्देश। कुंसी में डबल बिल और बिना कनेक्शन बिजली बिल की शिकायतों पर भी कार्रवाई के आदेश। राज्य आंदोलनकारी आश्रित की पेंशन और लड़की की शादी अनुदान जैसी मांगों पर भी त्वरित निर्देश दिए गए।

    विभागवार लाभ: राजस्व विभाग ने 20 प्रमाण पत्र बनाए, ग्राम्य विकास ने 180, पंचायती राज ने 44, कृषि ने 25, उद्यान ने 10 को योजनाओं से जोड़ा। बैंकिंग ने 50 को बीमा-ऋण info दी। समाज कल्याण ने 15, उद्योग15, सहकारिता 19 लाभान्वित। महिला बाल कल्याण ने 2 महालक्ष्मी किट बांटी। स्वास्थ्य ने 60 का चेकअप, आयुष ने 85 का। सेवायोजन ने 6 को काउंसलिंग दी। पशुपालन, डेयरी आदि ने भी जानकारी साझा की।

    विधायक सुरेश चौहान बोले, “अभियान से गरीबों को घर बैठे प्रमाण पत्र और योजनाओं का लाभ मिल रहा है।

    सीएम धामी के निर्देश पर शिकायतें प्राथमिकता से निपटाई जा रही हैं।”अपर सचिव नवनीत पांडेय ने कहा, “सरकार का लक्ष्य हर पात्र व्यक्ति को योजनाओं से जोड़ना और समस्याएं द्वार पर ही सुलझाना है।”शिविर में दर्जाधारी राज्यमंत्री प्रताप सिंह पंवार, ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार, जिला महामंत्री महावीर सिंह नेगी सहित कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण मौजूद रहे

  • उत्तरकाशी विवेक सिह सजवाण
    एम्स ऋषिकेश की पुष्टि सटीक जांच के बाद ही इलाज शुरू करें,

    ऋषिकेश, 12 जनवरी 2026. एनीमिया से पीड़ित हर रोगी को बार-बार खून चढ़ाने की जरूरत नहीं। एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक जटिल मामले के इलाज से इसकी पुष्टि की है। यहां ऑटोइम्यून हेमोलिटिक एनीमिया (AIHA) का सटीक निदान कर दवा से मरीज को स्थायी राहत दी गई, बिना रक्त आधान के।एनीमिया में शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी से थकान, चक्कर और सांस फूलना जैसी परेशानियां होती हैं। सामान्य कारण आयरन, फोलिक एसिड या विटामिन B12 की कमी हैं, लेकिन हीमोलिटिक प्रकार में लाल रक्त कोशिकाएं तेजी से नष्ट होती हैं। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में खतरा अधिक।मुरादाबाद की 55 वर्षीय महिला का केस
    पिछले महीने यूपी के मुरादाबाद से 55 वर्षीय महिला इमरजेंसी में भर्ती हुई। शिकायतें: अत्यधिक कमजोरी, चक्कर, पेट-कमर दर्द, उल्टी और पीलिया। हीमोग्लोबिन मात्र 4.4 gm/dL। पहले 6 महीनों में कई यूनिट खून चढ़ा चुकी थीं, लेकिन फायदा नहीं।जनरल मेडिसिन विभाग ने गहन जांच की।

    रक्त परीक्षण से मैक्रोसाइटिक हाइपरप्रोलिफेरेटिव एनीमिया, रेटिकुलोसाइट काउंट 30% और ऊंचा LDH मिला—हेमोलिसिस का संकेत।

    इम्यूनो-हेमेटोलॉजिकल जांच से वॉर्म AIHA और फोलेट की कमी पुष्ट।कारण-आधारित इलाज से चमत्कार
    रक्त चढ़ाने के बजाय स्टेरॉयड, फोलेट और सपोर्टिव दवाएं दी गईं। नतीजा: हीमोग्लोबिन 4.4 से बढ़कर 8.2 gm/dL, मरीज कुछ दिनों में स्वस्थ। प्रोफ. रविकांत के नेतृत्व में डाॅ. पीके पंडा, डाॅ. दरब सिंह, डाॅ. अक्षिता, डाॅ. गगन दलाल, डाॅ. गीता नेगी, डाॅ. आशीष जैन व डाॅ. दलजीत कौर की टीम ने इलाज किया।”एनीमिया चार प्रकार का होता है, लेकिन हर में खून चढ़ाना जरूरी नहीं।

    सटीक पहचान ही सुरक्षित इलाज का आधार है।” — डाॅ. पीके पंडा, जनरल मेडिसिन”AIHA में रक्त आधान से पहले गहन इम्यूनो-हेमेटोलॉजिकल जांच अनिवार्य।” — प्रो. गीता नेगी, ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन हेडयह मामला कारण-आधारित चिकित्सा के महत्व को रेखांकित करता है। एनीमिया रोगी पहले जांच, फिर इलाज अपनाएं

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    बैंक से 12 लाख उड़ाने का सनसनीखेज मामला! डीएम ने लीड बैंक मैनेजर को 7 दिन में जांच रिपोर्ट देने का सख्त निर्देश

    विधायक सुरेश चौहान, ब्लॉक प्रमुख राजदीप परमार और डीएम प्रशांत आर्य ने सुनीं जनसमस्याएं, विभागीय स्टालों का किया निरीक्षण

    जी राम जी योजना का पोस्टर लॉन्च, खाद्य, स्वास्थ्य, राजस्व समेत विभागों ने बांटे प्रमाण पत्र, किट और दवाइयां

    मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के “जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार” अभियान के तहत धनारी के राजकीय इंटर कॉलेज थाती में भव्य जन सेवा शिविर।

    विधायक सुरेश चौहान की अध्यक्षता में डीएम प्रशांत आर्य ने ग्रामीणों की 83 शिकायतें सुनीं—माजफ-डांडा मार्ग, पुजारगांव एएनएम सेंटर, भालसी मोटर मार्ग प्रतिकर, ट्रांसफार्मर अर्थिंग जैसी समस्याओं पर त्वरित निर्देश।

    राजस्व विभाग ने 30 प्रमाण पत्र, ग्रामीण विकास ने 25 बीपीएल कार्ड, स्वास्थ्य ने 180 परीक्षण, महिला कल्याण ने महालक्ष्मी किट बांटी।

    विधायक बोले—मुख्यमंत्री अभियान से जनहित मुद्दे प्राथमिकता से सुलझ रहे। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    उत्तरकाशी की डुंडा तहसील क्षेत्र के अंतर्गत चमकोट गांव में अंगीठी की जहरीली गैस से दम घुटने के कारण एक व्यक्ति की मौत हो गई।जबकि एक व्यक्ति घायल हो गया जिसका जिला अस्पताल उत्तरकाशी में उपचार चल रहा है।

    जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को दूरभाष पर सूचना मिली कि दो मजदूर ग्राम चमकोट में मजदूरी का कार्य कर रहे थे।

    जिनके द्वारा रात्रि में ठंड से बचाव हेतु अंगूठी चलाई गई थी जिसके चलते गैस लगने के कारण दोनों व्यक्ति बेहोश हो गए।

    जिन्हें पुलिसवा 108 आपातकालीन सेवा के माध्यम से जिला अस्पताल लाया गया जहां चिकित्सकों द्वारा प्रमोद जोशी पुत्र नत्थी प्रसाद जोशी उम्र 26 वर्ष निवासी डुंडा गांव तहसील डुंडा को मृत्य घोषित किया गया वहीं दूसरे व्यक्ति सुरेश चंद्र पुत्र बिंदी लाल निवासी ग्राम वीरपुर डुंडा का जिला अस्पताल मे चल रहा है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    हृदय के वाॅल्वों में थी लीकेज, बिना सर्जरी के एम्स ने किया इलाज






    एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक 65 वर्षीय ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाने में सफलता पायी है जिसके हृदय के वाॅल्व में लीकेज होने के कारण उसके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गयी थी और वाॅल्व खराब हो जाने के कारण रोगी ओपन हार्ट सर्जरी करवाने की स्थिति में भी नहीं था। ऐसे में कार्डियोलाॅजिस्ट विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक ’ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) की तकनीक से वाॅल्वों की लीकेजे दूर की और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसमें सफलता पायी। रोगी अब स्वस्थ है और उसे हाल ही में अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।

    एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने हृदय रोग इलाज की यह अत्याधुनिक प्रक्रिया पिछले सप्ताह 30 दिसम्बर को संपन्न की। रोगी तहसील रूड़की के मोहनपुर जट गांव का रहने वाला है। इलाज होने के उपरांत 65 वर्षीय रोगी जगतवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उनके हृदय में स्टंट पड़ चुके हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी फिर से सांस फूलने लगी थी और वह चलने-फिरने में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न चिकित्सालयों ने उनके हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होना बताया और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बतायी। परेशानी यह थी कि उम्र ज्यादा होने और पहले भी हार्ट की सर्जरी होने के कारण यह मामला जोखिम भरा था। हरिद्वार में इलाज न मिलने के कारण उन्होंने एम्स ऋषिकेश आना उचित समझा। यहां कार्डियोलाॅजी विभाग के चिकित्सकों द्वारा टी.ई.ई.आर. विधि से उनका इलाज किया गया और अब वह स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इलाज के बाद रोगी को 3 रोज पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।
    एम्स के कार्डियोलाॅजिस्ट एडिशनल प्रोफे. डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि रोगी के  हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होने के साथ ही उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 प्रतिशत रहती है। उन्होंने बताया कि इस इन्टरवेंशनल तरीके से इलाज की यह प्रक्रिया बिना सर्जरी के की जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) तकनीक का इस्तेमाल किया गया और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया। टीम में डाॅ. बरूण के अलावा कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. सुवेन कुमार, सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी, एनेस्थेसिया के डाॅ. अजय कुमार सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे।

    इंसेट-
    *क्या है टी.ई.ई.आर तकनीक*
    इस प्रक्रिया में बिना छाती खोले, जांघ की रक्त नली के माध्यम से एक छोटी क्लिप हृदय तक पहुंचायी जाती है, जो माइट्रल वाल्व के लीकेज वाले हिस्सों को आपस में जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को काफी हद तक कम कर देती है। इससे हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है और सांस फूलने, थकान तथा दैनिक गतिविधियों में कठिनाई जैसे लक्षणों में व्यक्ति को उल्लेखनीय राहत मिलती है। डाॅ. बरूण ने बताया कि इस न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया से मरीज जल्दी से स्वस्थ होता है और उसे कम समय में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।


    ’’यह उपलब्धि संस्थान में मौजूद अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हृदय रोग उपचार सुविधाओं को दर्शाती है और यह सिद्ध करती है कि अब जटिल हृदय रोगों का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी सफलतापूर्वक संभव है। टीम में शामिल सभी चिकित्सकों ने प्रशंसनीय कार्य किया है। हमारे चिकित्सकों द्वारा इलाज में अपनायी जा रही नयी तकनीकों से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।








    एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक 65 वर्षीय ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाने में सफलता पायी है जिसके हृदय के वाॅल्व में लीकेज होने के कारण उसके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गयी थी और वाॅल्व खराब हो जाने के कारण रोगी ओपन हार्ट सर्जरी करवाने की स्थिति में भी नहीं था। ऐसे में कार्डियोलाॅजिस्ट विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक ’ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) की तकनीक से वाॅल्वों की लीकेजे दूर की और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसमें सफलता पायी। रोगी अब स्वस्थ है और उसे हाल ही में अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।


    एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने हृदय रोग इलाज की यह अत्याधुनिक प्रक्रिया पिछले सप्ताह 30 दिसम्बर को संपन्न की। रोगी तहसील रूड़की के मोहनपुर जट गांव का रहने वाला है। इलाज होने के उपरांत 65 वर्षीय रोगी जगतवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उनके हृदय में स्टंट पड़ चुके हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी फिर से सांस फूलने लगी थी और वह चलने-फिरने में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न चिकित्सालयों ने उनके हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होना बताया और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बतायी। परेशानी यह थी कि उम्र ज्यादा होने और पहले भी हार्ट की सर्जरी होने के कारण यह मामला जोखिम भरा था। हरिद्वार में इलाज न मिलने के कारण उन्होंने एम्स ऋषिकेश आना उचित समझा। यहां कार्डियोलाॅजी विभाग के चिकित्सकों द्वारा टी.ई.ई.आर. विधि से उनका इलाज किया गया और अब वह स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इलाज के बाद रोगी को 3 रोज पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।


    एम्स के कार्डियोलाॅजिस्ट एडिशनल प्रोफे. डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि रोगी के  हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होने के साथ ही उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 प्रतिशत रहती है। उन्होंने बताया कि इस इन्टरवेंशनल तरीके से इलाज की यह प्रक्रिया बिना सर्जरी के की जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) तकनीक का इस्तेमाल किया गया और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया। टीम में डाॅ. बरूण के अलावा कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. सुवेन कुमार, सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी, एनेस्थेसिया के डाॅ. अजय कुमार सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे।



    इंसेट-
    👇क्या है टी.ई.ई.आर तकनीक👇
    इस प्रक्रिया में बिना छाती खोले, जांघ की रक्त नली के माध्यम से एक छोटी क्लिप हृदय तक पहुंचायी जाती है, जो माइट्रल वाल्व के लीकेज वाले हिस्सों को आपस में जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को काफी हद तक कम कर देती है। इससे हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है और सांस फूलने, थकान तथा दैनिक गतिविधियों में कठिनाई जैसे लक्षणों में व्यक्ति को उल्लेखनीय राहत मिलती है। डाॅ. बरूण ने बताया कि इस न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया से मरीज जल्दी से स्वस्थ होता है और उसे कम समय में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।


    ’’यह उपलब्धि संस्थान में मौजूद अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हृदय रोग उपचार सुविधाओं को दर्शाती है और यह सिद्ध करती है कि अब जटिल हृदय रोगों का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी सफलतापूर्वक संभव है। टीम में शामिल सभी चिकित्सकों ने प्रशंसनीय कार्य किया है। हमारे चिकित्सकों द्वारा इलाज में अपनायी जा रही नयी तकनीकों से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    माह सितम्बर 2025 में उत्तरकाशी बडेथी निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली उत्तरकाशी में तहरीर देकर बताया था कि मई 2025 में कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उनकी पत्नी को ड्रीम इलेवन में एक करोड़ रुपये जीतने का झांसा दिया गया और उससे  2लाख 90हजार रुपये की ठगी की गई।

    तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अभियोग दर्ज कर जांच प्रारंभ की।

    पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के दिशा-निर्देशन में सभी विवेचकों को साइबर ठगी से संबंधित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिये गये।

    मामले की विवेचना कर रहे व0उ0नि0 दिलमोहन सिंह बिष्ट ने साइबर सैल उत्तरकाशी की तकनीकी सहायता से ठगे गये पूरे 2लाख 90 हजार रुपये की धनराशि शत प्रतिशत रूप से पीड़ित को वापस करवाने में सफलता प्राप्त की।उत्तरकाशी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की लॉटरी, इनाम या गेम जीतने के लालच में न आएं। यह साइबर ठगों की धोखाधड़ी की चाल होती है। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर जवाब न दें और ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें।