• उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    हृदय के वाॅल्वों में थी लीकेज, बिना सर्जरी के एम्स ने किया इलाज






    एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक 65 वर्षीय ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाने में सफलता पायी है जिसके हृदय के वाॅल्व में लीकेज होने के कारण उसके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गयी थी और वाॅल्व खराब हो जाने के कारण रोगी ओपन हार्ट सर्जरी करवाने की स्थिति में भी नहीं था। ऐसे में कार्डियोलाॅजिस्ट विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक ’ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) की तकनीक से वाॅल्वों की लीकेजे दूर की और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसमें सफलता पायी। रोगी अब स्वस्थ है और उसे हाल ही में अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।

    एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने हृदय रोग इलाज की यह अत्याधुनिक प्रक्रिया पिछले सप्ताह 30 दिसम्बर को संपन्न की। रोगी तहसील रूड़की के मोहनपुर जट गांव का रहने वाला है। इलाज होने के उपरांत 65 वर्षीय रोगी जगतवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उनके हृदय में स्टंट पड़ चुके हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी फिर से सांस फूलने लगी थी और वह चलने-फिरने में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न चिकित्सालयों ने उनके हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होना बताया और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बतायी। परेशानी यह थी कि उम्र ज्यादा होने और पहले भी हार्ट की सर्जरी होने के कारण यह मामला जोखिम भरा था। हरिद्वार में इलाज न मिलने के कारण उन्होंने एम्स ऋषिकेश आना उचित समझा। यहां कार्डियोलाॅजी विभाग के चिकित्सकों द्वारा टी.ई.ई.आर. विधि से उनका इलाज किया गया और अब वह स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इलाज के बाद रोगी को 3 रोज पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।
    एम्स के कार्डियोलाॅजिस्ट एडिशनल प्रोफे. डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि रोगी के  हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होने के साथ ही उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 प्रतिशत रहती है। उन्होंने बताया कि इस इन्टरवेंशनल तरीके से इलाज की यह प्रक्रिया बिना सर्जरी के की जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) तकनीक का इस्तेमाल किया गया और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया। टीम में डाॅ. बरूण के अलावा कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. सुवेन कुमार, सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी, एनेस्थेसिया के डाॅ. अजय कुमार सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे।

    इंसेट-
    *क्या है टी.ई.ई.आर तकनीक*
    इस प्रक्रिया में बिना छाती खोले, जांघ की रक्त नली के माध्यम से एक छोटी क्लिप हृदय तक पहुंचायी जाती है, जो माइट्रल वाल्व के लीकेज वाले हिस्सों को आपस में जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को काफी हद तक कम कर देती है। इससे हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है और सांस फूलने, थकान तथा दैनिक गतिविधियों में कठिनाई जैसे लक्षणों में व्यक्ति को उल्लेखनीय राहत मिलती है। डाॅ. बरूण ने बताया कि इस न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया से मरीज जल्दी से स्वस्थ होता है और उसे कम समय में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।


    ’’यह उपलब्धि संस्थान में मौजूद अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हृदय रोग उपचार सुविधाओं को दर्शाती है और यह सिद्ध करती है कि अब जटिल हृदय रोगों का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी सफलतापूर्वक संभव है। टीम में शामिल सभी चिकित्सकों ने प्रशंसनीय कार्य किया है। हमारे चिकित्सकों द्वारा इलाज में अपनायी जा रही नयी तकनीकों से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।








    एम्स ऋषिकेश के चिकित्सकों ने एक 65 वर्षीय ऐसे व्यक्ति का जीवन बचाने में सफलता पायी है जिसके हृदय के वाॅल्व में लीकेज होने के कारण उसके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गयी थी और वाॅल्व खराब हो जाने के कारण रोगी ओपन हार्ट सर्जरी करवाने की स्थिति में भी नहीं था। ऐसे में कार्डियोलाॅजिस्ट विशेषज्ञों ने अत्याधुनिक और न्यूनतम इनवेसिव तकनीक ’ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) की तकनीक से वाॅल्वों की लीकेजे दूर की और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसमें सफलता पायी। रोगी अब स्वस्थ है और उसे हाल ही में अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।


    एम्स ऋषिकेश के कार्डियोलॉजी विभाग के चिकित्सकों ने हृदय रोग इलाज की यह अत्याधुनिक प्रक्रिया पिछले सप्ताह 30 दिसम्बर को संपन्न की। रोगी तहसील रूड़की के मोहनपुर जट गांव का रहने वाला है। इलाज होने के उपरांत 65 वर्षीय रोगी जगतवीर सिंह ने बताया कि वर्ष 2023 में उनके हृदय में स्टंट पड़ चुके हैं लेकिन पिछले कुछ महीनों से उनकी फिर से सांस फूलने लगी थी और वह चलने-फिरने में भारी दिक्कतों का सामना कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरिद्वार के विभिन्न चिकित्सालयों ने उनके हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होना बताया और तत्काल सर्जरी की आवश्यकता बतायी। परेशानी यह थी कि उम्र ज्यादा होने और पहले भी हार्ट की सर्जरी होने के कारण यह मामला जोखिम भरा था। हरिद्वार में इलाज न मिलने के कारण उन्होंने एम्स ऋषिकेश आना उचित समझा। यहां कार्डियोलाॅजी विभाग के चिकित्सकों द्वारा टी.ई.ई.आर. विधि से उनका इलाज किया गया और अब वह स्वयं को पूरी तरह स्वस्थ महसूस कर रहे हैं। इलाज के बाद रोगी को 3 रोज पहले ही अस्पताल से छुट्टी दे दी गयी है।


    एम्स के कार्डियोलाॅजिस्ट एडिशनल प्रोफे. डाॅ. बरूण कुमार ने बताया कि रोगी के  हृदय के माइट्रल वाल्व में गंभीर लीकेज (सीवियर माइट्रल रिगर्जिटेशन) होने के साथ ही उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता मात्र 20 प्रतिशत रह गई थी। जबकि सामान्य तौर पर यह 60 प्रतिशत रहती है। उन्होंने बताया कि इस इन्टरवेंशनल तरीके से इलाज की यह प्रक्रिया बिना सर्जरी के की जाती है। इस प्रक्रिया में ट्रांसकैथेटर एज-टू-एज रिपेयर (टी.ई.ई.आर) तकनीक का इस्तेमाल किया गया और माइक्लिप डिवाइस की सहायता से इसे सफलतापूर्वक संपन्न कर लिया गया। टीम में डाॅ. बरूण के अलावा कार्डियोलाॅजिस्ट डाॅ. सुवेन कुमार, सीटीवीएस विभाग के वरिष्ठ सर्जन डाॅ. अंशुमान दरबारी, एनेस्थेसिया के डाॅ. अजय कुमार सहित अन्य चिकित्सक शामिल थे।



    इंसेट-
    👇क्या है टी.ई.ई.आर तकनीक👇
    इस प्रक्रिया में बिना छाती खोले, जांघ की रक्त नली के माध्यम से एक छोटी क्लिप हृदय तक पहुंचायी जाती है, जो माइट्रल वाल्व के लीकेज वाले हिस्सों को आपस में जोड़कर रक्त के उल्टे प्रवाह को काफी हद तक कम कर देती है। इससे हृदय की कार्यक्षमता में सुधार होता है और सांस फूलने, थकान तथा दैनिक गतिविधियों में कठिनाई जैसे लक्षणों में व्यक्ति को उल्लेखनीय राहत मिलती है। डाॅ. बरूण ने बताया कि इस न्यूनतम इनवेसिव प्रक्रिया से मरीज जल्दी से स्वस्थ होता है और उसे कम समय में ही अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है।


    ’’यह उपलब्धि संस्थान में मौजूद अत्याधुनिक, विश्वस्तरीय हृदय रोग उपचार सुविधाओं को दर्शाती है और यह सिद्ध करती है कि अब जटिल हृदय रोगों का इलाज बिना ओपन हार्ट सर्जरी के भी सफलतापूर्वक संभव है। टीम में शामिल सभी चिकित्सकों ने प्रशंसनीय कार्य किया है। हमारे चिकित्सकों द्वारा इलाज में अपनायी जा रही नयी तकनीकों से मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में महत्वपूर्ण सुधार हो रहा है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    माह सितम्बर 2025 में उत्तरकाशी बडेथी निवासी एक व्यक्ति ने कोतवाली उत्तरकाशी में तहरीर देकर बताया था कि मई 2025 में कुछ अज्ञात मोबाइल नंबरों से कॉल कर उनकी पत्नी को ड्रीम इलेवन में एक करोड़ रुपये जीतने का झांसा दिया गया और उससे  2लाख 90हजार रुपये की ठगी की गई

    तहरीर के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी का अभियोग दर्ज कर जांच प्रारंभ की।

    पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय के दिशा-निर्देशन में सभी विवेचकों को साइबर ठगी से संबंधित मामलों में तेजी लाने के निर्देश दिये गये।

    मामले की विवेचना कर रहे व0उ0नि0 दिलमोहन सिंह बिष्ट ने साइबर सैल उत्तरकाशी की तकनीकी सहायता से ठगे गये पूरे 2लाख 90 हजार रुपये की धनराशि शत प्रतिशत रूप से पीड़ित को वापस करवाने में सफलता प्राप्त की।उत्तरकाशी पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी प्रकार की लॉटरी, इनाम या गेम जीतने के लालच में न आएं। यह साइबर ठगों की धोखाधड़ी की चाल होती है। किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर जवाब न दें और ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज करें

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    आज सुबह समय लगभग प्रातः 05:19 बजे तहसील मोरी अन्तर्गत ग्राम गुराडी में आग लगने की सूचना प्राप्त होने पर आपातकालीन परिचालन केंद्र उत्तरकाशी द्वारा तत्काल राजस्व विभाग, फायर सर्विस, SDRF, पुलिस, पशु चिकित्सा, 108 एम्बुलेंस टीम को घटना स्थल रवाना किया गया हैं।

    उक्त टीम मौके पर पहुँच कर टीम तथा स्थानीय लोगों के सहयोग से समय लगभग प्रातः 07:35 बजे उक्त आग पर पूर्ण रूप से काबू पा लिया गया हैं। अग्निकांड से ग्राम गुराडी के 03 परिवारों के भवन जलकर पूर्ण रूप से नष्ट हुये हैं।



    👉 रामचन्द्र पुत्र धर्म दत्त गांव, गुराड़ी, पोस्ट, नैटवार, मोरी, उत्तरकाशी।
      👉पशु हानि-  02 गाय, 01 बैल

    👉 भरत मणि पुत्र केदार दत्त।
      👉पशु हानि- 05 बकरी, 01 गाय,


    👉ममलेश पुत्र  भरत मणि।
       👉  पशु हानि- 02 भेड़, 01 गाय, 02  बकरी।



    उक्त प्रभावित परिवारों की अग्निकांड से पशुओं की जलकर मृत्यु होने की सूचना हैं।

    तहसीलदार मोरी द्वारा अवगत कराया गया है कि उक्त घटना शॉर्टसर्किट होना बताया हैं।



    राजस्व विभाग मोरी द्वारा प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरण-
    प्रति परिवार को- 02 कम्बल, 01 तिरपाल, 5000 हजार नगद दी गयी हैं।

    कुल 06 कम्बल, 03 तिरपाल तथा 15000 हजार रू0

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    आजीविका गतिविधियों के तहत आत्मनिर्भरता की दिशा में आय सृजन उद्देश्यों के साथ चिन्यालीसौड़ ब्लाक के श्रीकोट में दीप मशरूम फार्म मशरूम उत्पादन से जहां अपनी आर्थिकी सुदृढ़ कर रहे है, वहीं काश्तकारों के लिये प्रेरणास्रोत बने है l मंगलवार को मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने फार्म का निरीक्षण किया।



    रीप परियोजना से सहायतार्थ मशरुम केन्द्र के साथ आजीविका संवर्द्धन हेतु उद्यमों का विस्तार किये जाने हेतु परियोजना प्रबंधक रीप को मुख्य विकास अधिकारी ने आवश्यक निर्देश दिये।

    उन्होंने कहा कि लोकल फॉर वोकल स्थानीय उत्पादनों के विपणन से स्थानीय काश्तकार अपनी आजीविका का विस्तार कर सकते है। राज्य एवं केंद्र सरकार की कई महत्वाकांक्षी योजनाओं की जानकारी के साथ इसका ऋण के जरीये लाभ उठा सकते है।

    इस दौरान रीप परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय व फार्म की मैनेजर दीपिका मौजूद रही

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    “जन–जन की सरकार, जन–जन के द्वार” तथा ‘प्रशासन चला गांव की ओर’ अभियान के अंतर्गत जिले के विकासखण्ड चिन्यालीसौड़ और डुंडा में 6 जनवरी से 10 जनवरी 2026 तक बहुउद्देशीय शिविरों/जनसुनवाई कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी।

    इन शिविरों में विभिन्न विभागों के अधिकारी मौके पर उपस्थित रहकर ग्रामीणों की समस्याओं की सुनवाई के साथ शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी और लाभ उपलब्ध कराएंगे।


    👉विकासखंड चिन्यालीसौड़ की न्याय पंचायत जिब्या में 06 जनवरी को इंटर कॉलेज कोटधार परिसर में शिविर लगाया जाएगा।👉 विकासखंड डुंडा में 07 जनवरी को न्याय पंचायत भेटियारा (इंटर कॉलेज धौंतरी)
    👉 08 जनवरी को न्याय पंचायत रायमेर बढेथ (इंटर कॉलेज बढेथ)
    👉09 जनवरी को न्याय पंचायत गेवला भंडारस्यू (इंटर कॉलेज गेवला) 👉10 जनवरी को न्याय पंचायत पिपली (इंटर कॉलेज थाती धनारी)   👉सभी शिविर प्रातः 11 बजे से प्रारंभ होंगे,
    जिनमें राजस्व, ग्राम्य विकास, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास सहित अनेक विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।जिला प्रशासन का कहना है कि इन बहुउद्देशीय शिविरों के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पेंशन, प्रमाण-पत्र, विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन, शिकायत निवारण और अन्य आवश्यक सेवाएं गांव के नज़दीक ही सुलभ कराई जा रही हैं। अभियान का उद्देश्य लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर से राहत देते हुए, सुगम और त्वरित सेवा उपलब्ध कराना है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    चिरंजी से सेमवाल को मिला सचिव की जिम्मेदारी


    स्टेट प्रेस क्लब उत्तराखंड देहरादून के वार्षिक चुनाव में  विश्वजीत सिंह नेगी पुनः अध्यक्ष निर्वाचित हुए है। रविवार को बीजापुर अतिथि गृह में आयोजित वार्षिक निर्वाचन में पूरे प्रदेश से वरिष्ठ पत्रकारों ने भाग लिया। संपूर्ण प्रदेश के प्रेस क्लब, प्रेस यूनियनों के प्रतिनिधियों ने चुनाव प्रक्रिया में भाग लिया। चुनाव अधिकारी दिनेश शास्त्री ने कहा कि सभी पदाधिकारी निर्विरोध सर्वसम्मति से चुने गए। चुनाव सौहार्द्रपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।
    निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि अध्यक्ष विश्वजीत सिंह नेगी के अतिरिक्त उपाध्यक्ष – संजय तलवाड़ (हल्द्वानी- नैनीताल), गोविंद सिंह बिष्ट (टिहरी गढ़वाल) और श्रीमती दीपिका रावत भंडारी (देहरादून) सर्वसम्मति से निर्वाचित हुए जबकि वरिष्ठ पत्रकार चंद्रशेखर जोशी (देहरादून)
    महामंत्री चुने गए। इसी तरह नैनीताल के साकेत अग्रवाल , उत्तरकाशी के
    चिरंजीवी सेमवाल, उधम सिंह नगर के हरीश मेहरा और दीपक नौटियाल सचिव चुने गए।
    हरिद्वार के ज्ञान प्रकाश पांडेय कोषाध्यक्ष और रामनगर (नैनीताल) के कार्तिक बिष्ट संप्रेक्षक निर्वाचित घोषित किए गए।


    इसके अतिरिक्त शंकर दत्त घिल्डियाल (उत्तरकाशी),
    कृष्ण गोविंद कँसवाल (टिहरी), लक्ष्मण राणा (चमोली), हरि नारायण अग्रवाल (उधम सिंह नगर),
    रमेश चंद पांडे ‘ कृषक’ (बागेश्वर), जगदीश राय (चंपावत), हरीश भंडारी (अल्मोड़ा), राहुल दरम्याल (नैनीताल), बद्री नौटियाल (रुद्रप्रयाग), अनिल बहुगुणा (पौड़ी), निशांत चौधरी (हरिद्वार) चुने गए।
    इसके साथ ही विशेष आमंत्रित सदस्य के तौर पर अनुज अग्रवाल (देहरादून),
    डॉ. सुभाष गुप्ता, डॉ.विजय धस्माना और वरिष्ठ पत्रकार परमिंदर कुमार गोस्वामी को स्टेट प्रेस क्लब का संरक्षक मनोनीत किया गया।


    निर्वाचन अधिकारी दिनेश शास्त्री ने शांतिपूर्ण ढंग से निर्वाचन संपन्न कराने में सहयोग के लिए सभी प्रतिनिधियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। नवनिर्वाचित अध्यक्ष विश्वजीत नेगी ने कहा कि संगठन का शपथ ग्रहण समारोह शीघ्र आयोजित होगा जिसमें सम्पूर्ण प्रदेश से पत्रकारगण भाग लेंगे।
    इस दौरान नवनिर्वाचित अध्यक्ष श्री नेगी ने बताया कि स्टेट प्रेस क्लब पत्रकारों स्मारिका से प्राप्त आय से पत्रकारों का सामुहिक बिमा के लिए सरकार से प्रयास किये  जायेंगे।


    उन्होंने पत्रकारों को भरोसा दिलाया कि पत्रकार हितों के लिए स्टेट प्रेस क्लब सदैव तत्पर रहेगी।
    इस दौरान उत्तरकाशी के वरिष्ठ पत्रकार सुरेश चंद्र रमोला, राजेन्द्र थपलियाल, दिगवीर सिंह बिष्ट, रोहित बिजल्वाण  , दीपेन्द्र कलूडा, शैलेन्द्र सिंह भंडारी, अरविंद ज्याड़ा, गणेश जोशी, डा विजेंद्र सिंह पोखरियाल आदि को सदस्यता दिलाई गई है।

  • उत्तरकाशी विवेक सिहं सजवाण

    उत्तरकाशी से बड़ी खबर — कोतवाली मनेरी पुलिस ने अवैध नशे के कारोबार पर कड़ा प्रहार करते हुए एक युवक को 1 किलो 30 ग्राम अवैध चरस के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान उपेंद्र राणा (निवासी ग्राम सालंग, भटवाड़ी) के रूप में हुई है।यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में और प्रभारी निरीक्षक प्रदीप सिंह तोमर की देखरेख में रविवार रात को की गई।

    पुलिस टीम ने गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर सालंग गांव की ओर जाने वाले नवनिर्मित पुल के पास से चैकिंग के दौरान आरोपी को पकड़ा।पुलिस के अनुसार, आरोपी जंगल से चरस इकट्ठी कर मुनाफे के लिए बेचने की फिराक में था। बरामद चरस की बाजार कीमत लगभग ₹2.10 लाख आंकी गई है। आरोपी के खिलाफ NDPS Act के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे न्यायालय में पेश किया जाएगा।

    पुलिस टीम 👇
    👉उपनिरीक्षक निखिल देव चौधरी,

    👉कॉन्स्टेबल संदीप भट्ट, 

    👉कांस्टेबल कशिश भट्ट काशीष भट्ट


    एसपी उत्तरकाशी श्रीमती कमलेश उपाध्याय ने सफल कार्रवाई के लिए टीम को ₹5000 का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की और कहा कि जनपद में नशे के कारोबारियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा
    एसपी ने बताया कि “एक महीने के अंदर यह ड्रग तस्करों पर चौथी बड़ी कार्रवाई है।” इससे पहले दिसंबर माह में दो अभियुक्त स्मैक के साथ और एक आरोपी चरस के साथ गिरफ्तार किया गया था।

  • उत्तकाशी विवेक सिंह सजवाण

    मोरी तहसील के अंतर्गत गाँव सटटा में दिनांक 29 दिसंबर को हुई अग्निकांड की घटना का संज्ञान लेकर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए प्रभावित परिवारों को जरूरी राहत सामग्री वितरित की गई।  

    जिलाधिकारी प्रशांत आर्य के निर्देशों पर राजस्व विभाग की टीम ने घटनास्थल का दौरा कर नुकसान का आकलन किया और 07 प्रभावित परिवारों को रोजमर्रा की जरूरी सामग्री, सिलेंडर, गैस चूल्हा कीट , सोलर लाइट, ग़मबूट, ट्रैक सूट, कंबल और बर्तन प्रदान किए।



    इस दौरान प्रशासन ने  विश्वास दिलाया कि संकट की इस घड़ी में प्रशासन उनके साथ है और किसी भी प्रकार की मूलभूत सुविधा की कमी नहीं होने दी जाएगी।

  • उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण

    विकास भवन स्थित बाल विकास विभाग से महज 500 मी० दूर डांग गांव के आंगनबाड़ी केंद्र में लटके मिले ताले

    शिकायत मिलने पर मुख्य विकास अधिकारी जय भारत सिंह ने डांग गांव के आंगनबाड़ी केन्द्र का किया औचक निरीक्षण

    विकास भवन निकट डांग गांव में मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र के बाहर मौजूद धूप में बैठी आंगनबाड़ी कार्यकत्री से केन्द्र का ताला खुलवाया। निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने आंगनबाड़ी केंद्र में स्टोक रजिस्ट्रर व उपस्थित रजिस्ट्रर में किसी भी बच्चे की उपस्थिति दर्ज नहीं पायी।

    वहीं पिछले दो माह से कुकड फूड तैयार नहीं पाया गया। प्रथम दृष्टया क्षेत्र की सुपरवाइजर रीना भण्डारी की आंगनबाड़ी केंद्र में अव्यवस्थाओं को लेकर घोर लापरवाही देखने को मिली।

    इस दौरान उन्होंने जिला बाल विकास अधिकारी यशोदा बिष्ट को सख्ती से निर्देशित करते हुए आंगनबाड़ी केंद्र में स्थापित व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के निर्देश दिये। उन्होंने अनुपस्थित आंगनबाड़ी कार्यकत्री वेतन आहरण पर रोक लगाने के निर्देश भी दिये।

  • उत्तरकाशी विवेक सिहं सजवाण

    आबकारी अधिनियम के तहत आरोपी पर मुकदमा दर्ज, डुण्डा पुलिस टीम ने दिखाई तत्परता

    उत्तरकाशी पुलिस का चेकिंग अभियान जारी, चिणाखोली रोड से अंग्रेजी शराब की बड़ी खेप बरामद

    पुलिस अधीक्षक उत्तरकाशी के दिशा-निर्देशन में जनपद में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध शराब के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के लिए लगातार प्रभावी चैकिंग अभियान चलाया जा रहा है।
    इसी क्रम में शुक्रवार की रात्रि को चौकी डुण्डा, कोतवाली उत्तरकाशी पुलिस की टीम चिणाखोली जाने वाली सड़क के पास संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चैकिंग कर रही थी। इसी दौरान शुभम नाम के एक युवक को रोककर तलाशी ली गई।


    तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 54 पव्वे अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसे पुलिस ने मौके पर ही कब्जे में ले लिया। बरामदगी के बाद पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर कोतवाली उत्तरकाशी लाकर आवश्यक कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी।
    पुलिस के अनुसार, बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर आरोपी के विरुद्ध कोतवाली उत्तरकाशी में आबकारी अधिनियम की धारा 60 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।


    उत्तरकाशी पुलिस द्वारा चलाया जा रहा यह चैकिंग अभियान अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जारी है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे, ताकि क्षेत्र में अवैध गतिविधियों पर पूरी तरह नकेल कसी जा सके
    पुलिस टीम👇
    👉 चौकी डुण्डा प्रभारी उपनिरीक्षक प्रकाश राणा,
    👉कांस्टेबल अनिल कुमार
    👉कांस्टेबल राजेन्द्र गोस्वामी