
ऊखीमठ (रुद्रप्रयाग):
तहसील मुख्यालय ऊखीमठ में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल स्थिति और स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों, व्यापारियों एवं क्षेत्रवासियों ने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अगर सरकार ने जल्द उनकी मांगें पूरी नहीं कीं, तो वे भूख हड़ताल पर बैठने के लिए बाध्य होंगे।

प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि भगवान केदारनाथ और द्वितीय केदार मदमहेश्वर की शीतकालीन गद्दीस्थल होने के कारण इस क्षेत्र में साल भर लाखों श्रद्धालुओं और तीर्थयात्रियों की आवाजाही रहती है। इसके बावजूद तीन मंजिला बना यह अस्पताल महज नाममात्र का बनकर रह गया है। अस्पताल में एक्स-रे और अल्ट्रासाउंड जैसी मूलभूत जांच सुविधाएं तक उपलब्ध नहीं हैं, जिससे गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उचित इलाज के अभाव में कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते हैं, वहीं आपदा की स्थितियों में मरीजों का उपचार इंटर कॉलेज में कराया जाता है।

आंदोलनकारियों का आरोप है कि विधानसभा उपचुनाव के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी व स्वास्थ्य मंत्री द्वारा स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण और सुविधाओं को लेकर की गई घोषणाएं अब तक धरातल पर नहीं उतर सकी हैं।

धरने के पहले दिन व्यापार संघ अध्यक्ष राजीव भट्ट, नगर पंचायत अध्यक्ष श्रीमती कुब्जा धर्मवान, पूर्व सभासद बलवंत रावत, ऊखीमठ सरपंच पवन राणा, महिला मंगल दल अध्यक्ष आरती शैव, ओंकारेश्वर वार्ड सभासद प्रदीप धर्मवान, पूर्व छात्र संघ नेता विराट भट्ट समेत कई स्थानीय युवा, मातृशक्ति और बुजुर्ग उपस्थित रहे। वक्ताओं ने दो-टूक कहा कि अस्पताल में डॉक्टरों और आधुनिक सुविधाओं की तैनाती तक आंदोलन जारी रहेगा।

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