नन्हे बच्चों के हौसले को सलाम: खेलने से रोका तो सीधे डीएम के पास पहुंचे फरियाद लेकर

उत्तरकाशी  अपनी बात रखने के लिए न उम्र की बाधा होती है और न ही ओहदे का डर, बस जज्बा होना चाहिए। ऐसा ही कुछ उत्तरकाशी में देखने को मिला, जब कपूर मोहल्ला के छोटे बच्चे अपनी खेल की समस्या को लेकर सीधे जिलाधिकारी (DM) प्रशांत आर्य के पास कलेक्ट्रेट पहुंच गए।

👇 वॉचमैन की रोक-टोक से थे परेशान
मिली जानकारी के अनुसार, नगर के कपूर मोहल्ला निवासी ये बच्चे हाल ही में अपनी वार्षिक परीक्षाएं समाप्त होने के बाद खुशी-खुशी पुरीखेत मैदान में खेलने जा रहे थे। लेकिन वहां तैनात वॉचमैन उन्हें गेट से ही डांटकर भगा देता था। कई बार प्रयास करने के बाद जब बच्चों के सब्र का बांध टूट गया, तो उन्होंने किसी नेता या प्रतिनिधि का सहारा लेने के बजाय खुद ही अपनी आवाज उठाने का फैसला किया।
डीएम ने सुनी बात, तुरंत दिए निर्देश
बच्चे बिना किसी घबराहट के डीएम कार्यालय पहुंचे और अपनी पूरी आपबीती जिलाधिकारी को सुनाई। डीएम प्रशांत आर्य ने भी बच्चों के इस आत्मविश्वास की सराहना की और उनसे संक्षिप्त परिचय लिया। उन्होंने बच्चों को आश्वासन दिया कि अब उन्हें कोई नहीं रोकेगा। तत्काल कार्रवाई करते हुए जिलाधिकारी ने प्राचार्य महाविद्यालय को फोन कर निर्देशित किया कि छोटे बच्चों को मैदान में खेलने से किसी भी तरह न रोका जाए।
शहर में चर्चा का विषय👇


आम नागरिक अक्सर कलेक्ट्रेट जाने या अधिकारियों से मिलने में हिचकिचाते हैं, लेकिन इन नन्हे बच्चों की इस साहसी पहल की पूरे उत्तरकाशी में प्रशंसा हो रही है। डीएम के निर्देश के बाद अब बच्चे बिना किसी डर के अपने तय समय पर मैदान में खेल सकेंगे।

“बच्चे बोले -हमें खेलना है ‌‌,वॉचमैन रहता है
जिलाधिकारी से मिलते वक्त बच्चों ने बड़ी मासूमियत और निडरता से कहा कि वे बस खेलना चाहते हैं, लेकिन उन्हें गेट से ही भगा दिया जाता है। डीएम ने बच्चों को ‘मस्त होकर खेलने’ का आशीर्वाद दिया और खेल की सुविधा सुनिश्चित की।

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