
उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण
उत्तरकाशी के बगोरी गांव को वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत विकसित किया जा रहा है, जिससे यह पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन रहा है। यह गांव उत्तराखंड के सीमावर्ती इलाकों में है और इसे मॉडल टूरिस्ट विलेज के रूप में पहचान दिलाने के लिए पर्यटन विभाग ने विशेष कार्यक्रम चलाए हैं। बगोरी गांव की प्राकृतिक सुंदरता, जैसे सेब के बगीचे, जलनधारी नदी, और पिरुल व चीड़ के पेड़ इसे एक अनोखा पर्यटन स्थल बनाते हैं। वाइब्रेंट विलेज योजना के तहत इस गांव में पर्यटन के लिए बुनियादी सुविधाओं का विकास, सड़क संपर्क, आवासीय सुविधाएं, और सांस्कृतिक संरक्षण का काम चल रहा है

जिससे स्थानीय जीवनशैली को प्रदर्शित किया जा सके और रोजगार के अवसर बढ़ें। इस योजना का उद्देश्य सीमांत गांवों को पर्यटन के माध्यम से आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाना और पलायन रोकना है।मुख्य बिंदु:बगोरी गांव को वाइब्रेंट विलेज के रूप में विकसित किया जा रहा है।पर्यटन, सांस्कृतिक heritage, और स्थानीय उद्योगों को बढ़ावा दिया जा रहा है।

प्राकृतिक सौंदर्य स्थल, जैसे सेब के बगीचे और पर्वतीय नजारे हैं।योजना के तहत सड़क, आवास, ऊर्जा, स्वास्थ्य, और शिक्षा की सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं।यह विकास सीमांत क्षेत्र की सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता में मदद करेगा।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी इस परियोजना की मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

इस योजना के तहत उत्तरकाशी के 8 गांवों को विकसित किया जा रहा है, जिनमें बगोरी प्रमुख है। इसका उद्देश्य स्थानीय लोगों के लिए रोजगार सृजन और पर्यटन को बढ़ावा देना है ताकि यहां के लोग अपने गांवों में ही रहना पसंद करें और पलायन न हो। यह कदम उत्तराखंड के ग्रामीण विकास और सीमा सुरक्षा दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है

