
उत्तरकाशी विवेक सिंह सजवाण
मै जब कक्षा पांच का छात्र था ,तब मै पढा करता था कि विश्व. की सबसे ऊंची चोटी एवरेस्ट पर विजय प्राप्त करने वाले लोगों में सब प्रथम तिनजिंग नरगो थे । तब मै सोचा करता था आखिर इतनी ऊंची एवरेस्ट की चोटी पर कैसे चढा जाता होगा ? ये बात उत्तरकाशी के 16 वर्षीय एवरेस्ट विजेता सचिन कुमार ने कही ।

ज्ञात हो सचिन कुमार ने 18मई2025
को विश्व की सर्वाधिक ऊंची चोटी एवरेस्ट पर विजय प्राप्त की । सचिन कुमार के अपने विधालय पीएम श्री राजकीय र्किति इंटर कालेज उत्तरकाशी में आयोजित सम्मान समारोह में सहपाठियों के साथ कही । इस सम्मान समारोह मे अपने अनूभवों को सहपाठीयों के साथ साझा करते हुए ,एवरेस्ट अभियान में आयी चुनौतीयों व कठिनाईयों का भी जिक्र भी किया ।

अपने ही विधालय मे सम्मान पाकर एवरेस्ट विजेता सचिन कुमार बहुत ही खुश दिखाई पड रहा था । छात्र सचिन कुमार एनसीसी कैडेट भी था । चूंकि ये एवरेस्ट अभियान आर्थिक रूप से खर्चिला अभियान होता है ।ऐसे में सुमित जो कि एक निम्न मध्म परिवार आता हैं। उसके लिए खर्च बाहन करना संभव न था । इसके चलते एवरेस्ट समिट के लिए प्रयोजकों की आवश्यकता पड़ती है । ऐसे मे एनसीसी नें होनहार युवक को प्रयोजित किया ।

इस परिणाम एवरेस्ट विजय के रूप मे सामने दिखाई पड रहा है । सुमित के पिता कुवर सिहं विकास खंड डुंडा के भालसी पुजारगाँव के निवासी है । पशु चिकित्सालय मनेरी में सहायक के पद संविदा पर कार्यरत है । यह भी ज्ञात रहे कि सुमित से पूर्व भारत की प्रथम महिला एवरेस्ट विजेता सुश्रीबचेद्रीपाल डुंडा विकास खंड के नाकुरी गांव निवासी थी । सयोग सें वह भी इस ही विधालय की छात्रा रही हैं । इस अवसर पर विधालय के प्रधानाचार्य लोकेंद्र पाल परमार ने छात्र सुमित को सम्मानित करते हुऐ प्रशंसा की । छात्रों से सुमित एवरेस्ट विजय अभियान से प्रेरणा लेने की बात कहीं । छात्र भी एवरेस्ट विजेता सुमित को अपने बीच पाकर प्रसन्न दिखाई दे रहे थे । इस अवसर पर कार्यक्रम मे शिक्षक /शिक्षिका ,वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अकलानंद भट्ट, सुमित के परिजन भी उपस्थित रहे । कार्यक्रम का संचालन शिक्षक पुरस्कार प्राप्त शिक्षक शैलेन्द्र प्रसाद नौटियाल ने किया ।


