
उत्तरकाशी //विवेक सिहं सजवाण
उत्तरकाशी जिले के जादूंग गांव को पुनर्जीवित करने के लिए राज्य सरकार ने 3.6 करोड़ रुपये की परियोजना शुरू की है। यह गांव 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से वीरान पड़ा था। सरकार का उद्देश्य इस गांव को एस्ट्रो-टूरिज्म, ट्रेकिंग और होमस्टे के लिए विकसित करना है, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिल सकें।
सरकार छह घरों को होमस्टे में बदल रही है, जो स्थानीय वास्तुकला और सामग्री से बनाए जाएंगे। इन होमस्टे को चलाने के लिए स्थानीय लोगों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
गांव में व्यू पॉइंट्स, एंट्री गेट और चेक पोस्ट बनाए जा रहे हैं, जिससे पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।

इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे, जिससे वे अपने गांव में ही रहकर आय अर्जित कर सकेंगे।
जादूंग गांव को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत विकसित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य सीमा क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है।

ग्रामवासी इस पहल के लिए केंद्र और राज्य सरकार का धन्यवाद करते हैं और उम्मीद करते हैं कि यह परियोजना उनके गांव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी।

