
उत्तरकाशी //विवेक सिहं सजवाण
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के उपलक्ष्य में आयुष एवं आयुर्वेद शिक्षा विभाग उत्तराखंड तथा राष्ट्रीय आयुष मिशन के संयुक्त तत्वावधान में “हरित योग” नामक विशेष योग कार्यक्रम का आयोजन रुद्रप्रयाग जनपद के अंतर्गत ग्राम रांसी (ऊखीमठ) स्थित प्राचीन राकेश्वरी मंदिर परिसर में भव्य रूप से किया गया। यह आयोजन न केवल योग के शारीरिक और मानसिक लाभों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से हुआ, बल्कि इसका मुख्य ध्येय था प्रकृति की गोद में योग के अनुभव को जागरूकता और आध्यात्मिक शांति के रूप में स्थापित करना।

कार्यक्रम की संपूर्ण व्यवस्था और संचालन सरकारी आयुर्वेदिक चिकित्सालय के प्रभारी डॉ. सुनीत कुमार की देखरेख में सम्पन्न हुआ। उनके कुशल मार्गदर्शन में योगाभ्यास की विभिन्न क्रियाओं का अभ्यास कराया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान श्रीमती कुन्ति देवि की अगुवाई में गाँव के सभी नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। योग अनुदेशक सर्वेश तिवारी, अनुसेवक गोविन्द तिवारी तथा पंचकर्म तकनीशियन नितिन सेमवाल की उपस्थिति
सुबह की शुद्ध वायु, हरे-भरे वातावरण और मंदिर प्रांगण की शांतिपूर्ण ऊर्जा ने योगाभ्यास को एक दिव्य अनुभव बना दिया।

लगभग 50 प्रतिभागियों ने योगासन, प्राणायाम एवं ध्यान जैसी क्रियाओं में भाग लेते हुए स्वास्थ्य लाभ के प्रति जागरूकता दिखाई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को योग के नियमित अभ्यास से होने वाले लाभों के बारे में जानकारी दी गई और उन्हें दैनिक जीवन में योग को अपनाने हेतु प्रेरित किया गया।

ग्रामवासियों ने बताया कि यह आयोजन न केवल शरीर को स्फूर्तिदायक ऊर्जा देने वाला था, बल्कि मानसिक शांति और सामूहिक एकता का प्रतीक भी बना। ग्रामीणों ने भविष्य में ऐसे और भी आयोजनों की माँग करते हुए आयुष विभाग का आभार व्यक्त किया।

इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि योग केवल एक शारीरिक क्रिया नहीं, बल्कि यह प्रकृति से जुड़ने, समुदाय को जोड़ने और संपूर्ण स्वास्थ्य की ओर बढ़ने का माध्यम है। “हरित योग” के माध्यम से ग्राम रांसी ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक प्रेरणादायक पहल की है

