
उत्तरकाशी //विवेक सिंह सजवाण
लेफ्टिनेंट जर्नल डी जी मिश्रा ने झंडी दिखाकर 140 प्रतिभागियों को किया रवाना
11,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित नेलांग घाटी से भारतीय सेना ने सूर्य देवभूमि चैलेंज का एक अभूतपूर्व
साइक्लिंग रेस
इवेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
शुक्रवार को भारत- तिब्बत सीमा से सटे नेलांग घाटी से कमांडिंग लेफ्टिनेंट जर्नल डी जी मिश्रा मुख्यालय उत्तर भारत क्षेत्र ने तीन दिवसीय साइक्लिंग इवेंट को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।

कमांकमांडिंग लेफ्टिनेंट जर्नल डी जी मिश्रा
ने कहा कि” सूर्य देवभूमि चैलेंज ” एक साहसिक आयोजन है जिसमें 110 किलोमीटर की साइक्लिंग भटवाड़ी तक और मिलों हिमालय क्षेत्रों के अति दूर्गम क्षेत्रों से होकर दौड़ शामिल है। इस में सेना और आम नागरिक सहित 140 लोग शामिल हैं ।

दूसरे दिन 19 अप्रैल को सुबह भटवाड़ी से पर्वतीय पैदल हिमालयी रास्तों और खड़ी चढ़ाई पर 37 किलोमीटर की रनिंग बुड्ढे केदार तक होगी । वहीं तीसरे दिन गुतू तथा अगले दिन सोन प्रयाग के लिए रवाना होगी। इस के स्विफ्टी के लिए एम्बुलेंस और डौरन से भी निगरानी रखी जायेगी।

कमांडिंग लेफ्टिनेंट जनरल डी जी मिश्रा ने बताया कि भारतीय सेना और उत्तराखंड सरकार बहुत गर्व के साथ प्रस्तुत कर रहे हैं ‘ सूर्या देवभूमि चैलेंज’ – एक अभूतपूर्व अल्ट्रा-एंड्योरेंस इवेंट जो हिमालय की विशालता के साथ मानवीय साहस को भी जोड़ता है। अपनी ही तरह की यह पहली पेश्कश दो अदम्य ताकतों को एक साथ लाती है। जो कि है भारतीय सेना का अटूट साहस और भारत के अपराजेय साहसी लोगों की अथक भावना।

महत्वपूर्ण बात यह है कि यह चुनौती केवल सेना तक ही सीमित नहीं है, ‘सूर्या देव भूमि चैलेंज’ में नागरिकों की भागीदारी भी उतनी ही महत्वपूर्ण है, जिसमे देश भर के एथलीट, साहसी युवाओं को सैनिकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर प्रतिस्पर्धा करने पहुंचे है, जो एकता, दृढ़ संकल्प और सहयोग की शक्तिशाली भावना का प्रतीक है।

सूर्य देवभूमि चैलेंज के निर्देश राहुल ने बताया कि यह इवेंट पहली बार किया गया है । भारतीय सेना और उत्तराखंड पर्यटन के सौजन्य से किया जा रहा है । ये एक अपने आप में विश्व में अनूठा चैलेंज है ।जिसको भारतीय सेना करवा रही है । इस का मूल उद्देश्य पौराणिक चारधाम यात्रा का मार्ग को पुनः जीवित करने का प्रयास किया जा रहा है । उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में 15 लाख तक पुरस्कार दिए जाएंगे। इसमें पांच विजेताओं को पुरस्कृत किया जाएगा।

