उत्तरकाशी/ विवेक सिंह सजवाण


उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर का  तो वाराणसी के काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शनों के बराबर ही माना जाता है। सुबह से ही मणिकर्णिका घाट पर गंगा स्नान कर जलाभिषेक के लिए श्रद्धालु शिवालय में पहुंचने लगे हैं।


महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उत्तरकाशी के विश्व प्रसिद्ध विश्वनाथ मंदिर में जलाभिषेक के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ना शुरू हो चुकी है और भोले को जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं की लम्बी कतारें लगी हुई हैं।

इस दौरान शिवालय में श्रद्धालुओं ने विशेष पूजा अर्चना कर अपने खुशहाली के लिए मन्नतें मांगी। काशी विश्वनाथ का ये मंदिर साल भर भक्तों के लिए खुला रहता है।

ऐसी मान्यता है कि गंगोत्री धाम जाने से पहले बाबा विश्वनाथ के दर्शन करना ज़रूरी माने जाते हैं। मंदिर के ठीक सामने मां पार्वती त्रिशूल रूप में विराजमान हैं। महाशिवरात्रि के मौके पर मंदिर में भजन कीर्तन के साथ धार्मिक अनुष्ठान भी किए जा रहे हैं।

आज के दिन पूजा अर्चना का अपना ही महत्व है तथा श्रद्धालु सच्चे मन से महादेव को जल चढ़ाता है, तो उसकी मनोकामना ज़रूर पूर्ण होती है।

मान्यता ऐसे भी है कि आज के दिन ही महादेव ने विष को पिया था, जिससे एक बड़ा संकट धरती पर टला था। तब से ही महाशिवरात्रि बड़ी धूमधाम से मनाई जाती है।

महाशिवरात्रि की हार्दिक शुभकामनायें

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