उत्तरकाशी /विवेक सिंह सजवाण

उत्तराखंड के नैनीताल और अल्मोड़ा जिले की सीमा से सटे रामगढ़ ब्लॉक के खैरदा गांव की बेटी ईशा ने पिरुल को बनाया स्वरोजगार। ईशा ने पिरूल से खूबसूरत टोकरियां बनाई है।

जिनकी सोशल मीडिया पर जमकर  तारीफ हो रही है। जंगलों में लगने वाली आग के लिए अभिशाप पिरूल का बेहतर इस्तेमाल कैसे करना है, ये हमें नन्ही ईशा से सीखने की जरूरत है। जहां नवीं में पढ़ने वाली नन्ही ईशा पिरूल से ऐसे-ऐसे उत्पाद तैयार कर रही है।

जिनका कोई जवाब नहीं। ईशा द्वारा पिरूल से बनाई टोकरियां बेहद खूबसूरत हैं, साथ ही टिकाऊ भी। खेल-खेल में इस बच्ची ने पिरूल से ऐसी खूबसूरत टोकरियां बनाई हैं, जो कि पॉलीथिन का विकल्प बन सकती हैं। इससे पर्यावरण बचेगा, साथ ही पिरुल आजीविका का साधन भी बन जाएगा।

उत्तरकाशी /विवेक सिहं सजवाण

Trending